चीन ने अपनी रक्षा बजट में बढ़ोतरी को सही बताया, बताई ये वजह
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इमेज कैप्शन, चीनी सेना (फ़ाइल फोटो)
चीन ने अपने रक्षा बजट में सात फ़ीसदी से अधिक की बढ़ोतरी का समर्थन किया है और कहा है कि 'ये सीमित और वाजिब' है.
चीनी सेना के प्रवक्ता वू चियान ने रविवार को इसके पक्ष में बयान देते हुए कहा है कि दुनिया शांतिपूर्ण जगह नहीं है.
चीन बीते कई दशकों से अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और अर्थव्यवस्था के विस्तार से मिले धन का इस्तेमाल इसके लिए कर रहा है.
इसी सप्ताह चीनी नेशनल पीपल्स कांग्रेस की सालाना बैठक में घोषणा की गई थी कि इस साल का उसका रक्षा बजट 7.2 फ़ीसदी यानी तकरीबन 245 अरब डॉलर का होगा.
ये अमेरिकी के सैन्य खर्च का एक तिहाई है और रक्षा खर्च के मामले में अमेरिका के बाद चीन दूसरे नंबर पर है.
हालांकि समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने कहा है कि पेंटागन और कुछ अन्य जानकारों का कहना है कि चीन का कुल रक्षा बजट 40 फ़ीसदी या इससे अधिक हो सकता है, क्योंकि कई खर्च वो अलग बजट में शामिल करता है.
बीबीसी एशिया पेसिफ़िस संपादक मिकी ब्रिस्टो कहते हैं कि इस साल चीन का रक्षा बजट उसकी अर्थव्यवस्था के विकास से अधिक होगा.
चीन के प्रवक्ता वू चियान ने कहा कि चीन की एक प्राथमिकता ताइवान को फिर से उसके साथ मिलाना है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है जिसे कभी न कभी चीन का हिस्सा बनना ही है.
उन्होंने कहा कि 'ताइवान की आज़ादी का समर्थन करने वाले अलगाववादी जितना सक्रिय होंगे, उनके गले के आसपास शिकंजा उतना कसता जाएगा और उनके सिर पर लटक रही तलवार उतनी तेज़ होती जाएगी.'
गुलमर्ग में फैशन शो को लेकर क्यों हुआ विवाद, मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट
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इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने कहा है कि वो स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं और उन्होंने रिपोर्ट मांगी है.
जम्मू कश्मीर में रमज़ान के दौरान आयोजित किए गए एक फैशन शो को लेकर विवाद हो गया है. इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने कहा है कि उन्होंने अधिकारियों से 24 घंटों के भीतर रिपोर्ट तलब की है.
मामला ये है कि आठ मार्च को जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग में एक फैशन शो का आयोजन किया गया था. कहा जा रहा है कि इसमें कुछ मॉडल्स ने ऐसे कपड़े पहने थे, जो बेहद छोटे थे और इनमें मॉडल अर्धनग्न नज़र आ रहे थे.
वो' इंडिया ने सोशल मीडिया पर फैशन शो की कुछ तस्वीरें पोस्ट की है जिसमें लिखा है कि शिवन और नरेश के 15वीं वर्षगांठ पर इस शो का आयोजन किया गया था.
रमज़ान के महीने को मुसलमान पवित्र मानते हैं. वो इस दौरान महीनेभर तक रोज़ा रखते हैं और इबादत करते हैं.
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के मीरवाइज़ उमर फ़ारुख़ ने इस शो का विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "अपमानजनक. रमज़ान के पवित्र महीने में इस तरह का अश्लील फैशन शो गुलमर्ग में आयोजित किया गया है. इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं और लोग सदमे में हैं और नाराज़गी जता रहे हैं."
उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह को टैग करते हुए लिखा, "सूफी, साधुओं की संस्कृति के लिए जानी जाने वाली घाटी जहां धार्मिक नज़रिए वाले लोग हैं, वहां इसे कैसे बर्दाश्त किया गया?"
उन्होंने मांग की कि जो लोग इसमें शामिल हैं उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए. साथ ही उन्होंने लिखा, "पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर इस तरह की अश्लीलता को कश्मीर में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."
इमेज कैप्शन, वो' इंडिया के इंस्टाग्राम चैनल का स्क्रीनशॉट, जहां इस फैशन शो का एक वीडियो पोस्ट किया गया है.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने इसका जवाब देते हुए लिखा, "लोगों को सदमा लगने और उनकी नाराज़गी की बात मैं समझ सकता हूं. मैंने कुछ तस्वीरें देखी हैं जो स्थानीय संदेवनशीलता का अपमान करती हैं, वो भी इस पवित्र महीने के दौरान."
उन्होंने लिखा, "मेरा दफ्तर स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क में है और मैंने अधिकारियों से 24 घंटों के भीतर इस मामले में रिपोर्ट देने को कहा है."
उन्होंने लिखा कि रिपोर्ट मिलने के बाद "जैसा उचित होगा वैसी कार्रवाई की जाएगी."
अमेरिका: व्हाइट हाउस के बाहर हथियारबंद व्यक्ति को सीक्रेट सर्विस ने मारी गोली
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अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने एक बयान में कहा कि रविवार को तड़के व्हाइट हाउस के बाहर एक "सशस्त्र झड़प" में एक व्यक्ति को गोली मारी गई है.
बयान में कहा गया है कि स्थानीय पुलिस से एक गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति "आत्मघाती हो सकता है, जो इंडियाना से वॉशिंगटन डीसी की यात्रा कर रहा है."
बयान में बताया गया कि मिली गुप्त सूचना के मुताबिक़, अधिकारी उस आदमी के पास गए जो उस जानकारी से मेल खाता था और जिसके पास हथियार दिखाया गया था. इसके बाद गोलीबारी हुई.
सीक्रेट सर्विस ने कहा कि वह व्यक्ति अब "अज्ञात" हालत में अस्पताल में है.
हालांकि जिस वक़्त ये हुआ तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में मौजूद नहीं थे.
सीरिया में सैकड़ों नागरिकों की मौत, अहमद अल-शरा ने लोगों से क्या अपील की?
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इमेज कैप्शन, शुक्रवार से सीरिया के लताकिया में जारी हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है
सीरिया में बीते कुछ दिनों में हुई हिंसा में सैंकड़ों लोगों की मौत के बाद यहां के नेता अहमद अल-शरा ने लोगों से शांति की अपील की है.
बीते दिनों यहां हुई झड़पों में सीरिया के सुरक्षाबलों ने कथित तौर पर अलावी अल्पसंख्यक समुदाय के सैकड़ों लोगों की हत्या कर दी थी.
सीरिया में जारी संघर्ष पर नज़र रखने वाले ब्रिटेन के सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स (एसओएचआर) ने कहा है कि शुक्रवार और शनिवार को पश्चिमी तट पर अलावी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए 30 हमलों में क़रीब 745 आम लोग मारे गए हैं.
बीबीसी सीरिया में बढ़ती हिंसा में मरने वालों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाया है.
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने लोगों से अपील की, "हमें जितना हो सके देश में एकता और लोगों के बीच शांति बनानी चाहिए, तभी हम इस देश में एक साथ रह सकेंगे."
सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी का कहना है कि पिछले चार दिनों में मारे गए लड़ाकों की संख्या को मिलाकर कुल मरने वालों की संख्या एक हज़ार से ज़्यादा हो गई है.
मरने वालों में नई इस्लामिक नेतृत्व वाली सरकार से जुड़े लगभग 125 लड़ाके और असद समर्थक 148 लड़ाके शामिल हैं.
ईरान ने परमाणु वार्ता के लिए ट्रंप के पत्र का क्या जवाब दिया?
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इमेज कैप्शन, ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड्र ट्रंप के उस पत्र का जवाब दिया है जिसमें उन्होंने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की मांग की थी.
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने तेहरान को एक पत्र में चेतावनी दी थी कि अगर वह परमाणु समझौते के लिए बातचीत पर सहमत नहीं हुआ तो उसे सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
शनिवार को इसके जवाब में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने कहा कि ईरान "धमकाने वाली सरकारों" के साथ बातचीत नहीं करेगा.
संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक का कहना है कि उनकी सरकार ने हाल के वर्षों में अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज़ी से आगे बढ़ाया है.
ट्रंप ने कहा है कि वह परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ने से रोकने के लिए ईरान के साथ एक नया समझौता करना चाहते हैं.
शुक्रवार को ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान को बातचीत का मौका दिया है, नहीं तो उसके परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया जा सकता है.
मुंबई: पानी की टंकी साफ करते समय दम घुटने से चार मजदूरों की मौत
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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
मुंबई के नागपाड़ा इलाके में रविवार को चार मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ मजदूरों की मौत निर्माणाधीन इमारत में पानी की टंकी साफ करते समय हुई है.
दम घुटने से घायल हुए 5 लोगों में से 4 को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया, वहीं एक मजदूर का इलाज किया जा रहा है.
मृतकों में 19 साल के हसीपाल शेख़, 20 साल के राजा शेख़, 36 साल के जियाउल्ला शेख़ और 31 साल के फुरहान शेख़ शामिल हैं.
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अधिकारियों के मुताबिक़, यह घटना दोपहर करीब साढ़े 12 बजे गुड लक मोटर ट्रेनिंग स्कूल के पास हुई है.
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पत्रकार की हत्या पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने क्या कहा?
इमेज कैप्शन, राघवेंद्र वाजपेयी (फ़ाइल फ़ोटो)
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रतिक्रिया दी है.
उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "सीतापुर की घटना को सरकार ने बहुत ही गंभीरता के साथ लिया है."
उन्होंने कहा, "जो भी शामिल हैं उन पर कड़ी कार्रवाई होगी. पूरे मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाएंगे और बदमाशों पर एनएसए भी लगेगा. हम लोग उन्हें बिल्कुल नहीं छोड़ने वाले हैं."
क्या है मामला?
सीतापुर में शनिवार दोपहर को पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.
इस मामले में सीतापुर के एडिशनल एसपी प्रकाश कुमार ने बीबीसी हिंदी से कहा, "जांच चल रही है, जैसे ही कुछ पता चलेगा उसकी जानकारी दी जाएगी."
पुलिस के मुताबिक़ ये वारदात दिल्ली-लखनऊ राजमार्ग की है. वाजपेयी को हेमपुर के पास बाइक सवार हमलावरों ने टक्कर मारी और फिर गोली चला दी.
घटना उस वक्त हुई जब वो महोली अपने घर वापस आ रहे थे. पुलिस के मुताबिक अभी हमलावरों के बारे में पता नहीं चल पाया है.
हत्या की वजह भी स्पष्ट नहीं है. हालांकि मृतक के परिवारवालों ने बताया कि किसी का फोन आने के बाद राघवेंद्र घर से निकले थे.
दिल्ली एम्स में जगदीप धनखड़ से मिले पीएम मोदी, कहा- शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं
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इमेज कैप्शन, भारत के उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (फ़ाइल फोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) पहुंचे, जहां उन्होंने उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "एम्स जाकर उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं."
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ जगदीप धनखड़ को सीने में दर्द की शिकायत के बाद आज सुबह एम्स के कार्डियक डिपार्टमेंट में भर्ती कराया गया था.
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पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी के बयान पर क्या बोले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद
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इमेज कैप्शन, पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी के बयान के बाद विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है
उत्तर प्रदेश में संभल के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सर्कल अफ़सर) अनुज चौधरी के ‘होली’ और ‘जुमा’ वाले बयान पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने की अपील की है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के कांग्रेस सांसद ने कहा, “इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए. कोई अधिकारी इस तरह की भाषा कैसे बोल सकता है. अधिकारी ने जब शपथ ली थी तो उन्होंने धर्मनिरपेक्षता और सब लोगों के साथ बराबरी की शपथ ली थी.”
उन्होंने कहा, “साल में 52 जुमा आते हैं, साल में होली एक बारी आती है, सबको सम्मान करना चाहिए. इन सब बातों में कोई शक नहीं है, लेकिन इसके बाद में जो शब्दों का चयन किया गया है वो बहुत ग़लत है.”
दरअसल, संभल में शांति समिति की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अनुज चौधरी ने कहा था, "जिस प्रकार से मुस्लिम ईद का इंतज़ार करते हैं, उसी तरह हिंदू होली की प्रतीक्षा करते हैं.”
“होली का दिन साल में एक बार आता है, जबकि जुमा साल में 52 बार आता है. यदि किसी को लगता है होली के रंग से उसका धर्म भ्रष्ट होता है तो वह उस दिन घर से ना निकले. मेरी सोच ये है कि रंग से कोई छोटा बड़ा नहीं होता है.”
अमेरिका में हिंदू मंदिर में हुई तोड़फोड़ पर कांग्रेस नेता ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा
अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "कांग्रेस, कैलिफ़ोर्निया के चीनो हिल्स में स्थित बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर में की गई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करती है."
पवन खेड़ा ने कहा कि इस तरह के घृणा और असहिष्णुता के कृत्य पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और किसी भी सभ्य समाज में इनकी कोई जगह नहीं है.
पवन खेड़ा ने दोषियों के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा, "हम प्रभावित समुदाय के साथ एकजुटता से खड़े हैं."
उन्होंने कहा, "पूजा स्थलों की हर जगह सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और शांति व आपसी सम्मान बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए."
जम्मू कश्मीरः कठुआ में मिले तीन नागरिकों के शव, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कठुआ में शांतिपूर्ण माहौल ख़त्म करने की साज़िश रची जा रही है
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को एक्स पर लिखा कि जम्मू के कठुआ जिले में आतंकवादियों ने तीन नागरिकों की हत्या कर दी.
उन्होंने कठुआ जिले में शांतिपूर्ण माहौल को ख़त्म करने की ‘गहरी साज़िश’ का दावा किया.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा, “कठुआ जिले में बानी इलाक़े में तीन युवाओं की आतंकियों
द्वारा निर्मम हत्या अत्यंत दुखद होने के साथ-साथ एक बड़ी चिंता का विषय है.”
“इस शांतिपूर्ण क्षेत्र में माहौल
बिगाड़ने के पीछे गहरा षड्यंत्र दिखाई देता है. इस विषय में संबंधित अधिकारियों से
हमारी चर्चा हुई है.”
“केंद्रीय गृह सचिव स्वयं जम्मू पहुंच
रहे हैं, ताकि स्थिति का मौके पर जायजा लिया जा सके. मुझे विश्वास है कि यह
सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और लोगों का विश्वास मजबूत बना
रहे.”
ये तीनों युवक गुरुवार शाम जम्मू के कठुआ जिले के
मल्हार इलाक़े से लापता हुए थे. शनिवार शाम इन तीनों युवकों के शव मल्हार इलाक़े
में एक नदी में मिले.
अब दोपहर के दो बज चुके
हैं. बीबीसी संवाददाता हिमांशु दुबे को दीजिए इजाज़त. अब से रात दस बजे तक बीबीसी
संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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चैंपियंस ट्रॉफ़ी के महामुक़ाबले से पहले भारत के
लिए ये पांच बातें हो सकती हैं चिंता का सबब
दिल्लीः बीजेपी की ‘महिला समृद्धि योजना’ पर आतिशी के बाद अब कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा है कि इस योजना को लागू करना मुश्किल है
दिल्ली में बीजेपी सरकार
की ‘महिला समृद्धि योजना’ पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने सवाल उठाया है. समाचार
एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा कि हमको पता था कि इस योजना को लागू करना मुश्किल
है.
संदीप दीक्षित ने कहा, “हमने जो अनुमान लगाया था, उसके मुताबिक
यदि दिल्ली में 18 वर्ष से ऊपर की सभी महिलाओं को यह सम्मान राशि दी जाएगी तो
ख़र्च 20-22 हज़ार करोड़ रुपये आता है.”
“लेकिन, बीजेपी
ने इसके लिए क़रीब 5 हज़ार करोड़ रुपए रखे हैं. इसका मतलब है कि एक चौथाई
महिलाओं को ही यह सम्मान राशि देने वाले हैं.”
“अब यह एक
चौथाई लोग कौन हैं? यह गणना कहां से आई है? यह बात अभी
स्पष्ट नहीं हुई है. जब कमेटी ने मापदंड तय नहीं किए, तो बजट कैसे
निर्धारित हो गया.”
“हमको तो पहले से मालूम था कि भले ही कांग्रेस ने इस बात
का वादा किया हो या भले किसी और ने. लागू करने के लिए यह मुश्किल योजना है, यदि
पूरे वादे के साथ लागू की जाए तो, क्योंकि वादा था हर महिला को देने का.”
“इसमें यह नहीं कहा गया था कि इनको देंगे और इनको नहीं.
इसलिए, देखते हैं कि कमेटी इस मामले में क्या रिपोर्ट देती है? कितनों को
इसका लाभ देती है और कितनों को नहीं? इसके बाद अपनी
प्रतिक्रिया देंगे.”
इससे पहले, आम आदमी
पार्टी की विधायक और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने एक्स पर लिखा था, “दिल्ली
चुनाव में मोदी जी ने वादा किया था- महिला दिवस पर दिल्ली की हर महिला के खाते में
2500 रुपये आएंगे. कहा था- ये 'मोदी की
गारंटी है'."
"आज 8 मार्च है. न खाते में
पैसे आए, न रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ, सिर्फ़ 4 सदस्यीय
कमिटी मिली. क्या यही थी मोदी जी की गारंटी?”
इस पर, दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, “आतिशी मार्लेना मैं आपसे सिर्फ़ एक
निवेदन करता हूं. 37 महीने हो
गए, पंजाब की
महिलाएं आपको ढूंढ रही हैं. कृपया करके उन पर ध्यान दें. दिल्ली की चिंता हम कर
लेंगे.”
अमेरिका में हिंदू मंदिर में हुई तोड़फोड़ पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि 'इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं'
अमेरिका के
कैलिफ़ोर्निया में बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था(बीएपीएस) के हिंदू
मंदिर में तोड़फोड़ की गई है जिसकी भारत ने निंदा की है.
शनिवार को यह जानकारी संस्था ने दी. बीएपीएस ने
बताया कि चिनो हिल्स में श्री स्वामीनारायण मंदिर को अपवित्र किया गया है.
बीएपीएस पब्लिक अफ़ेयर्स
ने इस मामले को लेकर एक्स पर पोस्ट भी किया.
इसमें लिखा, “एक और
मंदिर को अपवित्र किया गया. इस बार, कैलिफ़ोर्निया में चिनो हिल्स के मंदिर को
निशाना बनाया गया.”
"हिंदू समुदाय इस नफ़रत के ख़िलाफ़ एकजुट होकर खड़ा है. चिनो
हिल्स और दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया के समुदाय के साथ मिलकर हम कभी भी नफ़रत को पैर
नहीं जमाने देंगे.”
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान में कहा, “हमने कैलिफ़ोर्निया के चिनो हिल्स
में एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की रिपोर्ट्स देखी हैं. हम इस कृत्य की कड़े
शब्दों में निंदा करते हैं.”
“हम स्थानीय लॉ अथॉरिटीज़ से अपील करते हैं कि इस कृत्य
के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करें और धार्मिक स्थलों की
सुरक्षा सुनिश्चित करें.”
डब्ल्यूएचओ की पूर्व वैज्ञानिक ने काम करने के घंटों और शरीर को लेकर क्या बात कही
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इमेज कैप्शन, स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाहकार सौम्या स्वामिनाथन ने कहा है कि जब शरीर को आराम की ज़रूरत हो, तो आराम करें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पूर्व प्रमुख वैज्ञानिक और स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाहकार सौम्या स्वामिनाथन ने व्यक्ति के काम करने के घंटों को लेकर एक बयान दिया है.
उन्होंने कहा है कि लोगों
को अपने शरीर की सुननी चाहिए और जब शरीर को आराम की ज़रूरत हो तो करना चाहिए. ऐसा न
करने की स्थिति में आपकी कार्य क्षमता प्रभावित हो सकती है.
स्वामिनाथन ने समाचार
एजेंसी पीटीआई को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा कि छोटे अंतराल के लिए बहुत ज़्यादा
काम किया जा सकता है, जैसा कोविड-19 के दौरान देखने को मिला था मगर, लंबे समय के
लिए ऐसा नहीं हो सकता है.
सौम्या स्वामिनाथन ने इस बात पर
ज़ोर दिया कि उत्पादकता काम की गुणवत्ता पर निर्भर करती है ना कि काम करने के लिए
ख़र्च किए गए समय पर.
सौम्या स्वामिनाथन ने
कहा, “मैं
जानती हूं कि कुछ लोग बहुत कठिन परिश्रम करते हैं. इसलिए, मुझे लगता है कि यह एक
व्यक्तिगत मामला है. जब आप थक जाते हैं तो आपका शरीर आपको बताता है. तब आपको अपने
शरीर की बात सुननी चाहिए.”
“आप कुछ महीनों के लिए कठिन परिश्रम कर सकते हैं, जैसा
कोविड के दौरान हमने किया था. मगर, क्या हम इसे कई सालों तक जारी रख सकते हैं? मुझे तो
नहीं लगता.”
उन्होंने कहा, “उन दो-तीन वर्षों के लिए हमने ऐसा
किया. हमने ज़्यादा नींद भी नहीं ली. हम ज़्यादातर समय तनाव में थे. कई बातों को
लेकर चिंतित थे. खासतौर पर स्वास्थ्य की देखभाल से जुड़े लोग. वे लोग दिन-रात काम
कर रहे थे.“
“उसके बाद कई लोगों ने यह प्रोफ़ेशन ही छोड़ दिया. छोटे समय के लिए ऐसा
किया जा सकता है, मगर यह वास्तविक तौर पर स्थायी नहीं है.”
आतिशी के महिला समृद्धि योजना से जुडे़ सवाल पर क्या बोले दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष?
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इमेज कैप्शन, आतिशी ने महिलाओं को दी जाने वाली राशि को लेकर सवाल उठाए थे
दिल्ली विधानसभा में
नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी के बयान पर दिल्ली बीजेपी
के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बयान दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के
मुताबिक, उन्होंने कहा, “दिल्ली
के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बार-बार आतिशी मार्लेना को कामचलाऊ
मुख्यमंत्री कहते थे.”
“आतिशी
मार्लेना के बयान में उनकी हताशा और निराशा ज़्यादा दिखती है. वो ख़ुद संवैधानिक
पद पर रही हैं. उनको कुछ क़ानून प्रक्रिया मालूम होनी चाहिए.”
सचदेवा ने कहा, “किसी भी स्कीम को लागू करने के लिए
उसकी योजना बनानी पड़ती है. बजट पास करना पड़ता है. कैबिनेट की सहमति चाहिए. वो
काम हमने कर दिया कल. 5100 करोड़ रुपये इसके लिए आवंटित कर दिए.”
इससे पहले, आम आदमी पार्टी की विधायक और दिल्ली
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने एक्स पर महिलाओं को मिलने वाली राशि पर सवाल पूछा था.
उन्होंने लिखा था, “दिल्ली चुनाव में मोदी जी ने वादा
किया था- महिला दिवस पर दिल्ली की हर महिला के खाते में 2500 रुपये आएंगे. कहा था- ये 'मोदी की गारंटी
है'."
"आज 8 मार्च है. न खाते में पैसे आए, न रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ, सिर्फ़ 4 सदस्यीय कमिटी मिली. यानी खोदा पहाड़, निकली चुहिया. क्या यही थी मोदी जी की गारंटी?”
इस बयान पर दिल्ली
बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पलटवार किया है.
सचदेवा ने कहा, “जितने गड्ढे आतिशी मार्लेना छोड़कर
गई हैं, अरविंद केजरीवाल छोड़कर गए हैं, उनको भरने में समय तो लगेगा. हमारी
प्रतिबद्धता है कि हम हर वादा पूरा करेंगे. उस दिशा में हमने कदम बढ़ा दिया.”
“बहनों को
महिला समृद्धि योजना में 2500 रुपये महीने प्रारंभ होंगे. उसके साथ-साथ दिल्ली का
विकास भी करना है. सीवेज की समस्या है, सड़कों की समस्या है, सफ़ाई की समस्या है, उसको
भी ठीक करना है.”
उन्होंने कहा, “आतिशी मार्लेना मैं आपसे सिर्फ़ एक
निवेदन करता हूं. 37 महीने हो गए, पंजाब की महिलाएं आपको ढूंढ रही हैं. कृपया करके
उन पर ध्यान दें. दिल्ली की चिंता हम कर लेंगे.”
भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास यात्रा को लेकर अमेरिका ने क्या एडवाइज़री जारी की?
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इमेज कैप्शन, अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास यात्रा न करें
अमेरिकी नागरिकों के लिए एक ट्रैवल एडवाइज़री जारी की गई है. इसमें अमेरिका ने नागरिकों से भारत-पाकिस्तान
सीमा और लाइन ऑफ़ कंट्रोल के आसपास यात्रा ना करने को कहा है.
ट्रैवल एडवाइज़री के मुताबिक, पाकिस्तान के बलूचिस्तान और ख़ैबर पख़्तूनख़्वा की यात्रा करने से भी मना किया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के
मुताबिक, इस एडवाइज़री की वजह इन इलाक़ों में आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष होने की आशंका को बताया
गया है.
एडवाइज़री में कहा गया
है, “हिंसक
चरमपंथी समूह पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं. बलूचिस्तान प्रांत और ख़ैबर
पख़्तूनख़्वा में आतंकी हमले लगातार होते रहते हैं.”
“इनमें भूतपूर्व संघीय प्रशासित क़बाइली इलाक़ा भी शामिल है, जिसे एफ़एटीए यानी फेडरली एडमिनिस्टर्ड ट्राइबल एरिया कहा जाता है. यहां
बड़े पैमाने पर आतंकी हमले हो चुके हैं, जिनमें कई जानें जा चुकी हैं, जबकि छोटे हमले
तो होते रहते हैं.”
एडवाइज़री में कहा गया है, “आतंकवाद
और चरमपंथियों द्वारा की गई हिंसा के कारण स्थानीय सैन्य और पुलिस ठिकानों पर भी
हमले हुए हैं.”
“आतंकवादी बिना चेतावनी के परिवहन केंद्रों, बाज़ार, शॉपिंग मॉल्स,
सैन्य प्रतिष्ठानों, एयरपोर्ट्स, यूनिवर्सिटीज़, पर्यटन स्थल, स्कूल, अस्पताल,
धार्मिक स्थल और सरकारी सुविधाओं को निशाना बना सकते हैं.”
एडवाइज़री के मुताबिक, “आतंकवादी अतीत में
अमेरिकी राजनयिकों और दूतावासों को निशाना बना चुके हैं.”
अफ़ग़ानिस्तान की छात्राओं पर क्यों मंडरा रहा है वापस लौटने का ख़तरा?, योगिता लिमये, दक्षिण एशिया और अफ़ग़ानिस्तान संवाददाता
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इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान की छात्राओं का कहना है कि उनको कुछ सप्ताह में वापस भेज दिया जाएगा
अफ़ग़ानिस्तान की 80 से ज़्यादा लड़कियां हायर एजुकेशन के लिए तालिबान शासन से भागकर ओमान गई थीं, मगर अब उन पर
अफ़ग़ानिस्तान लौटने का ख़तरा मंडरा रहा है.
इसकी वजह अमेरिका के
राष्ट्रपति ट्रंप का वो फ़ैसला है, जिसमें उन्होंने विदेशी सहायता कार्यक्रम के
लिए दिए जाने वाले धन पर रोक लगाने की बात कही है.
इन छात्राओं को यूएस
एजेंसी फ़ॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट के तहत स्कॉलरशिप मिलती थी. मगर, राष्ट्रपति
ट्रंप के फ़ैसले के बाद उनकी स्कॉलरशिप समाप्त कर दी गई.
एक छात्रा ने पहचान ना
ज़ाहिर करने की शर्त पर बीबीसी से कहा, “यह दिल तोड़ देने वाली
बात थी”.
“हर कोई हैरान
था और रो रहा था. हमें कहा गया कि हमें अगले दो सप्ताह में वापस भेज दिया जाएगा.”
लगभग चार साल पहले अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता पर
तालिबान काबिज़ हुआ था. तब तालिबान ने महिलाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे. इसमें
छात्राओं के यूनिवर्सिटीज़ में प्रवेश पर प्रतिबंध भी लगाया गया था.
ट्रंप प्रशासन के सहायता पर रोक लगाने के फ़ैसले
को कुछ क़ानूनी बाधाओं का सामना करना पड़ा है.
मगर, व्हाइट हाउस के यूएसएड को
समाप्त करने और ख़र्च में अरबों डॉलर की कटौती करने के बाद दुनियाभर में हज़ारों
मानवीय कार्यक्रम बंद हो चुके हैं.