सऊदी अरब को मिली 2034 फ़ीफ़ा फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेज़बानी

सऊदी अरब साल 2034 में होने वाले फ़ीफ़ा फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप की मेज़बानी करेगा.

सारांश

  • सऊदी अरब साल 2034 में होने वाले फ़ीफ़ा फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप की मेज़बानी करेगा
  • तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 83 रन से हराया, सिरीज़ में भी किया क्लीनस्वीप
  • बेंगलुरु के एक एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है
  • महाराष्ट्र के परभणी में संविधान के कथित अपमान की कोशिश के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति है
  • ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने अमेरिका और इसराइल पर सीरिया की असद सरकार को गिराने का आरोप लगाया है
  • अमेरिका ने कहा है कि वह चाहता है कि भारत और बांग्लादेश आपसी मतभेदों को शांतिपूर्वक तरीके से सुलझाएं
  • जगदीप धनखड़ के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर राज्यसभा में हंगामा
  • केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा- 2035 तक भारत का खुद का स्पेस स्टेशन होगा

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह और अभिषेक पोद्दार

  1. नमस्कार

    रात के 10 बज चुके हैं और इसी के साथ बुधवार के लाइव पेज को विराम देने का वक़्त भी आ गया है. अब बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार को दीजिए इजाज़त.

    गुरुवार को हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर से हाज़िर होंगे.

    फ़िलहाल के लिए हमारे पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें हैं, जिन्हें आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

    सीरिया में असद सरकार का पतन दुनिया के लिए क्या मायने रखता है? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    राहुल गांधी या ममता बनर्जी, पीएम मोदी को कौन दे पाएगा सीधी चुनौती? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    सीरिया: ईरान का कमज़ोर पड़ना क्या भारत के लिए बुरी ख़बर है? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    जगदीप धनखड़ के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक अविश्वास प्रस्ताव, क्या है राज्यसभा के सभापति को पद से हटाने की प्रक्रिया? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

  2. क़तर दस साल बाद दोबारा सीरिया में खोलेगा अपना दूतावास

    क़तर के प्रधानमंत्री

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, क़तर के प्रधानमंत्री शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी

    क़तर ने कहा है कि वह जल्द ही सीरिया की राजधानी दमिश्क में दोबारा अपना दूतावास खोलना चाहता है.

    वहीं सीरिया के नए अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-बशीर ने क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने की अपील की है.

    क़तर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता डॉ. माजिद अल-अंसारी ने कहा है कि क़तर ज़रूरी इंतज़ाम पूरे हो जाने के बाद जल्दी ही सीरिया में अपने दूतावास को दोबारा से खोलेगा.

    क़तर की सरकारी समाचार एजेंसी को दिए गए एक बयान में डॉ. माजिद अल-अंसारी ने कहा कि यह कदम दोनों देशों और भाईचारे वाले लोगों के बीच ऐतिहासिक और घनिष्ठ संबंधों को मज़बूत करने के लिए उठाया जा रहा है."

    ग़ौरतलब है कि साल 2011 में क़तर ने सीरिया की राजधानी स्थित अपने दूतावास को बंद कर दिया था और अपने राजदूत को भी वापस बुला लिया था.

    सीरिया से संबंधित ख़बरें

  3. सऊदी अरब को मिली 2034 फ़ीफ़ा फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेज़बानी

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप की ट्रॉफ़ी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप की ट्रॉफ़ी (फ़ाइल फोटो)

    सऊदी अरब साल 2034 में होने वाले फ़ीफ़ा फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप की मेज़बानी करेगा.

    फ़ेडरेशन इंटरनेशनल डी फ़ुटबॉल एसोसिएशन (फ़ीफ़ा) ने बुधवार को ये ऐलान किया.

    इसके अलावा साल 2030 के फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के मेज़बान देशों के नामों का एलान भी हो गया है.

    स्पेन, पुर्तगाल और मोरक्को को 2030 के वर्ल्ड कप की संयुक्त मेजबानी सौंपी गई है.

    फ़ीफ़ा ने बुधवार को इसकी पुष्टि की. फुटबॉल वर्ल्ड कप के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 2030 वर्ल्ड कप के तीन मैच अर्जेंटीना, पैराग्वे और उरुग्वे में भी खेले जाएंगे.

    सऊदी अरब पहला देश होगा जो 48 टीमों के फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा.

    साल 2022 में फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप का आयोजन खाड़ी देश क़तर में किया गया था.

    इस वर्ल्ड कप के फ़ाइनल मैच में अर्जेंटीना ने फ़्रांस को हराकर खिताब जीता था.

  4. कैथोलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप फ़्रांसिस ने सीरिया के लोगों के लिए क्या कहा?

    कैथोलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप फ़्रांसिस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, कैथोलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप फ़्रांसिस ने सीरिया के लोगों के लिए प्रार्थना की

    कैथोलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप फ़्रांसिस ने सीरिया की स्थिति पर बयान दिया है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार पोप फ़्रांसिस ने कहा है कि वह प्रार्थना करते हैं कि सीरिया के लोग शांति, सुरक्षा और आपसी सम्मान के साथ रहें.

    पोप फ़्रांसिस ने कहा, "मैं प्रार्थना करता हूं कि अलग-अलग धर्मों के लोग इतने सालों तक युद्ध से पीड़ित रहे. वो अब देश की भलाई के लिए मित्रता और आपसी सम्मान के साथ सीरिया में रहें."

    पोप फ़्रांसिस ने सीरिया के एक ऐसे राजनीतिक समाधान पर पहुंचने की उम्मीद भी जताई है जो कि देश की ज़िम्मेदारी को निभाते हुए उसे स्थिरता और एकता की ओर लेकर जाएगा.

    वहीं सीरिया के नए अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-बशीर ने इटली के एक अख़बार 'कोरिएरे डेला सेरा' को दिए एक इंटरव्यू में दुनिया भर में शरणार्थियों के तौर पर रह रहे सीरियाई लोगों से देश वापस लौटने की अपील की है.

    इंटरव्यू में सीरिया के अंतरिम प्रधानमंत्री ने कहा, "हयात तहरीर अल-शाम की सरकार को विरासत में सीरिया का एक भ्रष्ट प्रशासन मिला है."

    सीरिया से संबंधित ख़बर

  5. अतुल सुभाष की आत्महत्या के मुद्दे पर कंगना रनौत बोलीं- '99 प्रतिशत शादियों में होती है पुरुषों की गलती'

    कंगना रनौत (फ़ाइल फ़ोटो)

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, कंगना रनौत ने संसद के बाहर अतुल सुभाष की आतमहत्या के मामले पर बयान दिया

    बेंगलुरु के एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने बयान दिया है.

    कंगना रनौत संसद के बाहर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रही थीं.

    कंगना ने कहा, “एक ग़लत महिला का उदाहरण देकर जितनी महिलाओं को हर दिन प्रताड़ित किया जा रहा है उसे झुठलाया नहीं जा सकता है. 99 प्रतिशत शादियों में पुरुषों का ही दोष होता है.”

    कंगना के मुताबिक़ अतुल सुभाष का वीडियो वह दिल दहला देने वाला है. उन्होंने कहा कि शादी जब तक भारतीय परंपराओं से बंधी हुई है तब तक वह ठीक है.

    बीजेपी नेता ने कहा कि जैसा कि उन्होंने (अतुल सुभाष) ने खुद भी कहा है कि शादी को लोग कम्युनिज़म, सोशलिज़म और निंदनीय फ़ेमनिज़म की वजह से धंधा बना देते हैं.

    कंगना ने यह भी कहा कि अतुल सुभाष से करोड़ों रुपयों की वसूली हो रही थी जो कि उनकी क्षमता से भी बाहर थी. युवाओं पर इस तरह का बोझ नहीं होना चाहिए. अतुल हर महीने अपनी पत्नी को सैलरी से तीन-चार गुणा ज़्यादा पैसा भेज रहे थे. उनसे करोड़ों रुपये की मांग हो रही थी. दबाव में आकर उन्होंने ऐसा (आत्महत्या) किया.

    अतुल सुभाष

    इमेज स्रोत, @AtulSubhas19131

    इमेज कैप्शन, आत्महत्या से ठीक पहले के वीडियो में अतुल सुभाष

    क्या है मामला

    अतुल सुभाष बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले थे और बेंगलुरु में एक निजी कंपनी में एआई इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे.

    उन्होंने 40 पन्नों का सुसाइड नोट लिखने और लगभग 1 घंटे 40 मिनट का वीडियो बनाने के बाद आत्महत्या कर ली थी.

    उनका यह वीडियो और सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल भी हो चुका है.

    इंजीनियर अतुल सुभाष के सुसाइड नोट के अनुसार उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या की.

    अतुल सुभाष के भाई बिकास कुमार की शिकायत पर बेंगलुरु पुलिस ने चार लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है.

    महत्वपूर्ण जानकारी-

    मानसिक समस्याओं का इलाज दवा और थेरेपी से संभव है. इसके लिए आपको मनोचिकित्सक से मदद लेनी चाहिए, आप इन हेल्पलाइन से भी संपर्क कर सकते हैं-

    समाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में उपलब्ध)

    इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमूनबिहेवियरएंड एलाइड साइंसेज-9868396824, 9868396841, 011-22574820

    हितगुजहेल्पलाइन, मुंबई- 022- 24131212

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस-080 - 26995000

  6. असद को लेकर अमेरिका-इसराइल पर भड़का ईरान

    बीबीसी दिनभर
    इमेज कैप्शन, बीबीसी दिनभर

    बीबीसी दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर- शाहिद और मानसी दाश से.

    पूरा पॉडकास्ट सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

  7. सीरिया के अंतरिम प्रधानमंत्री ने दुनिया भर के सीरियाई शरणार्थियों से क्या अपील की

    सीरिया के नए अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-बशीर

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, सीरिया के नए अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-बशीर ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में भी बताया

    सीरिया के नए अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-बशीर ने दुनिया भर में शरणार्थियों के तौर पर रह रहे सीरियाई लोगों से देश वापस लौटने की अपील की है.

    बशर अल-असद के शासन के दौरान लाखों सीरियाई नागरिक दूसरे देशों में पलायन कर गए थे.

    इटली के एक अख़बार 'कोरिएरे डेला सेरा' को दिए एक इंटरव्यू में सीरिया के अंतरिम प्रधानमंत्री ने कहा, "हयात तहरीर अल-शाम की सरकार को विरासत में सीरिया का एक भ्रष्ट प्रशासन मिला है."

    मोहम्मद अल-बशीर ने जोर देते हुए कहा कि वह केवल 2025 तक ही अपने पद पर बने रहेंगे.

    उन्होंने यह माना कि सीरिया की स्थिति बहुत ख़राब है और देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी ख़त्म हो गया है.

    मोहम्मद अल-बशीर ने अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर अपनी प्राथमिकताओं के बारे में भी बताया.

    उन्होंने कहा कि उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक सीरिया में सुरक्षा और स्थिरता बहाल करना है.

    दुनिया भर में शरण मांगने वाले लाखों सीरियाई लोगों को वापस उनके देश लाना भी हयात तहरीर अल-शाम की सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.

    मोहम्मद अल-बशीर ने कहा,'' हमें अपने देश को दोबारा से पैरों पर खड़ा करने की ज़रूरत है और इसमें सभी की मदद चाहिए.''

    सीरिया से संबंधित ख़बर

  8. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- उपराष्ट्रपति का रवैया स्कूल के हेडमास्टर जैसा

    मल्लिकार्जुन खड़गे

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, सदन की कार्यवाही के दौरान संबोधन देते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे

    भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर कांग्रेस अध्यक्ष ने बयान दिया है.

    एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जगदीप धनखड़ के बारे में कई दावे किए.

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उपराष्ट्रपति का रवैया स्कूल के हेडमास्टर जैसा है. अगर विपक्ष के नेता सदन में पांच मिनट बोलते हैं तो उसके जवाब में उपराष्ट्रपति 10 मिनट बोलते हैं.

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “संसद में विपक्ष की तरफ़ से नियम के तहत जो भी विषय उठाए जाते हैं, चेयरमैन योजनाबद्ध तरीके से उसपर बहस या चर्चा नहीं होने देते. बार-बार विपक्षी नेताओं को बोलने से रोका जाता है.”

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “उनकी (उपराष्ट्रपति की) निष्ठा संविधान और संवैधानिक परंपराओं की जगह सत्ताधारी दल के लिए है. वे अपनी अगले प्रमोशन के लिए सरकार के प्रवक्ता बनकर काम कर रहे हैं. ऐसा हमें दिख रहा है.”

    कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार चेयरमैन ही राज्यसभा में सबसे बड़े बाधक हैं. सदन की कार्यवाही अगर बाधित होती है तो उसकी सबसे बड़ी वजह चेयरमैन हैं. बार-बार बाधा डालकर सदन को बंद करने की कोशिश सत्ताधारी दल और चेयरमैन की तरफ से ज़्यादा होती है.

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी कहा कि सामान्य तौर पर विपक्ष चेयरमैन से सुरक्षा मांगता है और वह ही विपक्ष का संरक्षक होता है. लेकिन अगर सभापति खुले तौर पर सत्तापक्ष और प्रधानमंत्री का खुले तौर पर गुणगान कर रहे हों तो विपक्ष की कौन सुनेगा.

    बुधवार को भी संसद की कार्यवाही हंगामे की वजह से रद्द करनी पड़ी. राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ के ख़िलाफ़ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के मुद्दे पर हंगामा हुआ.

    इसके बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी.

    संबंधित ख़बर

  9. पीएफ़ अकाउंट से पैसा निकालना होगा और भी आसान, जानिए कब से मिलेगी सुविधा

    भारतीय नोट

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव ने कहा- जनवरी 2025 से ईपीएफ़ओ में बड़ा बदलाव होगा

    कर्मचारी भविष्यनिधि संगठन (ईपीएफ़ओ) के सदस्य जल्द ही एटीएम के ज़रिए भी अपने पीएफ़ अकाउंट से पैसा निकाल पाएंगे.

    श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव सुमित्रा डावरा ने इस बारे में जानकारी दी है.

    ईपीएफ़ओ वह संस्था है जो कि कर्मचारियों के प्रॉविडेंट फंड यानी पीएफ़ और पेंशन अकाउंट को संभालती है.

    एक कार्यक्रम के दौरान सुमित्रा डावरा से एटीएम के ज़रिए पीएफ़ का पैसा निकालने पर सवाल पूछा गया था.

    इसके जवाब में उन्होंने कहा, “जनवरी में जब आईटी 2.0 वर्जन ईपीएफ़ओ में लागू हो जाएगा तब सारे क्लेम्स और भी तेज़ी से सेटल होंगे. हम इसे और भी आसान बनाएंगे, ताकि उपयोगकर्ता एटीएम से भी अपना क्लेम ले सकेंगे.”

    सुमित्रा डावरा के मुताबिक़, “जनवरी 2025 से ईपीएफ़ओ में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. हम तकनीक सुधार रहे हैं. साथ ही प्रक्रिया को भी आसान बना रहे हैं. हमारा पूरा ध्यान इस पर है कि हम ईपीएफ़ओ को और भी बेहतर बनाएं.”

    श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव ने कहा, “हमने क्लेम सेटलमेंट को भी बढ़ाया है. कई ग़ैर-ज़रूरी प्रक्रियाओं को भी हटाया है. हमारी महत्वाकांक्षा है कि बैंकिंग में जैसा आईटी सिस्टम है वैसा ही ईपीएफ़ओ में हो.”

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, सीरिया में विद्रोहियों ने बशर अल-असद के पिता के मक़बरे को आग लगाई

    सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति हाफ़िज अल-असद का मक़बरा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति हाफ़िज अल-असद के ताबूत में आग लगाने के बाद विद्रोही लड़ाके

    पश्चिमी सीरियाई प्रांत लताकिया से ऐसी कुछ तस्वीरें आई हैं जिनमें विद्रोही लड़ाके हाफ़िज़ अल-असद की आग के हवाले कर दी गई कब्र से निकाले ताबूत पास खड़े दिख रहे हैं.

    सीरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद के पिता के मक़बरे के एक हिस्से में आग लगाने की भी ख़बरें हैं. ऐसा माना जा रहा है कि उनकी कब्र से ताबूत को बाहर निकालकर उसे भी आग लगा दी गई है.

    असद के पिता और सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति की साल 2000 में मौत हुई थी. उन्हें उनके पैतृक गाँव क़रदाहा में दफ़नाया गया था.

    सीरिया में इस्लामी विद्रोही संगठन हयात तहरीर अल-शाम ने 27 नवंबर को असद सरकार की सेना के ख़िलाफ़ बड़ा हमला शुरू किया था.

    विद्रोही गुटों ने पहले सीरिया के दूसरे सबसे बड़े शहर अलेप्पो पर कब्ज़ा किया था. इसके बाद उन्होंने हमा और होम्स शहर पर भी कब्ज़ा कर लिया था.

    आठ दिसंबर तक उन्होंने राजधानी दमिश्क पर कब्ज़ा किया. इन हमलों के बाद राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़ कर रूस चले गए थे.

    सीरिया से संबंधित ख़बर

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, अफ़ग़ानिस्तान: तालिबान सरकार के मंत्री ख़लीलुर रहमान हक्कानी की आत्मघाती हमले में मौत

    ख़लीलुर रहमान हक्कानी पिछले तीन साल से अफ़ग़ानिस्तान के शरणार्थी मामलों के मंत्री थे

    इमेज स्रोत, EPA

    इमेज कैप्शन, ख़लीलुर रहमान हक्कानी पिछले तीन साल से अफ़ग़ानिस्तान के शरणार्थी मामलों के मंत्री थे

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार के एक वरिष्ठ सूत्र ने बीबीसी को बताया है कि शरणार्थी मामलों के मंत्री ख़लीलुर रहमान हक्कानी की एक ‘आत्मघाती’ हमले में मौत हो गई है.

    बीबीसी पश्तो ने सूत्रों के मुताबिक ये जानकारी दी है कि हक्कानी पर बुधवार यानी ग्यारह दिसंबर को काबुल शहर में मंत्रालय के अंदर हमला हुआ.

    गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक़, उनके साथ इस हमले में छह अन्य लोगों की मौत हुई है. हक्कानी दफ़्तर से निकल रहे थे, जिस वक्त एक धमाका हुआ.

    हक्कानी तालिबान के गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी के रिश्तेदार थे. वह बीते तीन सालों से शरणार्थी मामलों के मंत्री के पद पर थे.

    वह तीन साल पहले अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की सत्ता आने के बाद हमले में मारे जाने वाले वह इस गुट के वरिष्ठ नेता हैं.

    ख़लील हक्कानी के भाई हक्कानी नेटवर्क के संस्थापक थे. उनके भतीजे सिराजुद्दीन हक्कानी तालिबान सरकार में गृह मंत्री हैं. सिराजुद्दीन अमेरिका के मोस्ट वॉन्टेड लोगों की सूची में भी शामिल हैं.

    तालिबान सरकार के सूचना और संस्कृति मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी ख़लीलुर रहमान हक्कानी की मौत की पुष्टि की है. साथ ही मीडिया से कहा है कि वो इस मौत के लिए केवल 'शहीद' शब्द का इस्तेमाल करे.

  12. सीरिया में इसराइली कार्रवाई के बारे में ईरानी मीडिया क्यों जता रही है चिंता?, अरमान शरीफ़ी, बीबीसी मॉनिटरिंग

    अख़बार पढ़ता हुआ एक ईरानी नागरिक

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, ईरानी अख़बार ने कहा है कि अमेरिका और इसराइल सीरिया को बर्बाद कर रहे हैं

    सीरियाई इलाक़ों में इसराइल की कार्रवाई को देखते हुए ईरान की मेनस्ट्रीम मीडिया ने चिंता जताई है. अख़बारों के पहले पन्नों पर सीरियाई सैन्य ठिकानों पर इसराइली हमलों के बाद मची तबाही की तस्वीरें हैं.

    सरकारी न्यूज़ चैनल आईआरआईएनएन का कहना है कि इसराइल सीरिया को नस्लीय और धार्मिक आधार पर विभाजित होते देखना चाहता है. इस चैनल ने सत्ताधारी विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) की ओर से इसराइली आक्रमण पर ध्यान न देने की वजह से इस गुट की आलोचना की है. चैनल ने कहा है कि "सीरियाई धरती की रक्षा के लिए एक भी गोली नहीं चली है."

    अति रूढ़िवादी माने जाने वाले दैनिक अख़बार केहान ने भी इसी सुर को दोहराया है. अख़बार का कहना है कि अमेरिका और इसराइल "सीरिया को बर्बाद कर रहे हैं और तहरीर अल-शाम के आतंकवादी दर्शक बने हुए हैं."

    केहान के संपादकीय लेख में 'शियाओं के जनसंहार' की बात कही गई है. इसके मुताबिक, "आतंकवादी डर का माहौल पैदा कर रहे हैं और वो सड़कों पर लोगों की जान ले रहे हैं."

    वहीं, दैनिक अख़बार वतन-ए-एमरूज़ ने सवाल किया है कि अब सत्ता पर काबिज़ विद्रोही गुट इसराइली कार्रवाई का कैसे जवाब देगा? कई अख़बारों ने ये चेतावनी भी दी है कि इसराइली सैन्यबल राजधानी दमिश्क के करीब पहुंच रहे हैं.

    वहीं सरकारी अख़बार ईरान ने इसराइल की आक्रामक कार्रवाई को सीरिया के आंतरिक संकट का फ़ायदा उठाने की कोशिश बताया है.

    सीरिया के साथ सीमा साझा करने वाले इसराइल ने कहा है कि वो अपने कब्ज़े के गोलान हाइट्स के पूर्वी हिस्से में यूएन की निगरानी वाले स्थानों पर सैनिक भेज रहा है.

    सीरिया से संबंधित ख़बर

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ तीसरे ओडीआई मैच में जड़ा शतक

    स्मृति मंधाना

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ शतक लगाने के बाद स्मृति मंधाना

    ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वनडे सिरीज़ के तीसरे मैच में भारतीय ओपनर स्मृति मंधाना ने शतक लगाया है लेकिन वो 105 रनों पर बोल्ड होकर पवेलियन लौट गई हैं.

    पर्थ में खेले जा रहे तीसरे वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग करते हुए भारत को 299 रन का लक्ष्य दिया था.

    हालांकि बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम का पहला विकेट मात्र 16 रन पर ही गिर गया.

    ओपनर ऋचा घोष महज़ दो रन बनाकर एलबीडब्ल्यू आउट हो गईं. हालांकि इसके बाद हरलीन देओल और स्मृति मंधाना ने पारी को संभाला.

    इससे पहले बॉलिंग करते हुए भारत के लिए अरुंधति रेड्डी ने चार विकेट चटकाए थे. अरुंधति पूरी तरह से ऑस्ट्रेलियाई टीम के टॉप ऑर्डर पर हावी नज़र आईं.

    तीन वनडे मैचों की सिरीज़ में ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले दोनों वनडे मैचों को जीत कर सिरीज़ पर कब्ज़ा जमा चुकी है.

  14. अतुल सुभाष की आत्महत्या से जुड़े मामले में पत्नी समेत चार लोगों पर एफ़आईआर दर्ज

    अतुल सुभाष

    इमेज स्रोत, @AtulSubhas19131

    इमेज कैप्शन, आत्महत्या से पहले अपने आख़िरी वीडियो में अतुल सुभाष

    बेंगलुरु के एक एआई इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है.

    इंजीनियर अतुल सुभाष के सुसाइड नोट के अनुसार उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या की.

    बेंगलुरु के डीसीपी ने कहा, "शिकायत के अनुसार उनकी पत्नी और ससुरलाल वाले मामले को निपटाने के लिए रुपये की मांग कर रहे थे. उनकी पत्नी और पत्नी के परिवार वाले अतुल को मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे. जिस वजह से उन्होंने आत्महत्या की. उनके भाई ने हमें विस्तृत विवरण दिया है."

    अतुल सुभाष के भाई बिकास कुमार की शिकायत के आधार पर बेंगलुरु के मराताहल्ली पुलिस स्टेशन में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में एफ़आईआर दर्ज की गई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार बेंगलुरु पुलिस के डीसीपी शिवकुमार ने इस बारे में कहा, "अतुल सुभाष ने 9 दिसंबर की सुबह आत्महत्या कर ली. शिकायत दर्ज कर ली गई है. उनकी पत्नी और उनके परिवार ने उन्हें परेशान किया था. जांच की जा रही है.

    अतुल के भाई बिकास कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मेरी मांग बस यही है कि मेरे भाई को इंसाफ़ मिले. मेरी मांग ये भी है कि पुरुषों के लिए भी एक क़ानून बने. ऐसा ना हो कि पुरुषों को शादी करने से ही डर लगने लगे. हमारे सिस्टम का यह दोष है कि एक महिला सुसाइड करती है तो उसके बॉयफ़्रेंड को तुरंत गिरफ़्तार कर लिया जाता है. जब एक पुरुष एक वीडियो और नोट लिख कर सुसाइड करता है तो पुलिस उस पर कार्रवाई भी नहीं कर रही है."

    महत्वपूर्ण जानकारी-

    मानसिक समस्याओं का इलाज दवा और थेरेपी से संभव है. इसके लिए आपको मनोचिकित्सक से मदद लेनी चाहिए, आप इन हेल्पलाइन से भी संपर्क कर सकते हैं-

    समाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में उपलब्ध)

    इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमूनबिहेवियरएंड एलाइड साइंसेज-9868396824, 9868396841, 011-22574820

    हितगुजहेल्पलाइन, मुंबई- 022- 24131212

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस-080 - 26995000

  15. क़तर ने बताया- सीरिया में एक दशक से बंद दूतावास कब खुलेगा

    क़तर

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, करीब एक दशक से ज़्यादा वक्त पहले बशर अल-असद के समर्थकों के हमले की वजह से सीरिया में क़तर का दूतावास बंद कर दिया गया था

    सीरिया की नई अंतरिम सरकार में प्रधानमंत्री ने देश में स्थिरता और शांति लाने की बात कही है. इसके कुछ देर बाद क़तर ने एलान किया है कि उसकी दमिश्क में अपने दूतावास को फिर से खोलने की मंशा है.

    सीरिया में क़तर का दूतावास बंद हुए एक दशक से भी अधिक समय गुज़र चुका है. उस समय दूतावास पर तत्कालीन राष्ट्रपति बशर अल-असद के समर्थकों ने धावा बोल दिया था.

    प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्री के प्रवक्ता डॉक्टर माजिद अल-अंसारी ने कहा, "क़तर सभी ज़रूरी प्रबंध करने के बाद जल्द ही अपने मित्र देश सीरिया में दूतावास खोलेगा."

    क़तर न्यूज़ एजेंसी (क्यूएनए) को दिए बयान में डॉक्टर अल-अंसारी ने कहा, "ये कदम दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और भाईचारे से भरे घनिष्ठ संबंधों को और मज़बूत करने के इरादे से उठाया गया है."

    प्रवक्ता ने ये भी विश्वास जताया कि सीरियाई लोग "न्याय, शांति, स्थिरता और समृद्धि की बुनियाद पर अपने देश का निर्माण करना चाहते हैं."

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, महाराष्ट्र के परभणी में संविधान के कथित अपमान के बाद बढ़ा तनाव

    परभणी में प्रदर्शन करते लोग

    इमेज स्रोत, Amol Langer

    इमेज कैप्शन, परभणी के कलेक्टर ने लोगों से शांति बरतने की अपील की है

    महाराष्ट्र के परभणी में संविधान के कथित अपमान की कोशिश के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति है. इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ़्तार भी कर लिया है.

    वहीं, परभणी के विधायक डॉ. राहुल पाटिल ने शहर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की है.

    विधायक राहुल पाटिल ने कहा, "दोषियों पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी. लेकिन मैं सभी समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं."

    बीबीसी मराठी सेवा की ख़बर के अनुसार, परभणी में कलेक्टरेट ऑफ़िस के पास स्थित बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने संविधान की प्रतिकृति स्थापित की गई थी.

    हालांकि मंगलवार की शाम एक व्यक्ति ने संविधान की प्रतिकृति की सुरक्षा में लगाए गए कांच के घेरे को तोड़ दिया.

    इसके बाद ही शहर में तनाव का माहौल है. परभणी के कलेक्टर रघुनाथ गावड़े के अनुसार कांच तोड़ने वाले व्यक्ति को गिरफ़्तार कर लिया गया है और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.

    कलेक्टर रघुनाथ गावड़े ने भी लोगों से शांत रहने और क़ानून हाथ में ना लेने की अपील की है.

    घटना के बाद पथरी और जिंटुर ज़िलों में भी तनाव की स्थिति बन गई. कई जगहों पर प्रदर्शन हुए और कुछ जगहों पर लोगों ने टायर जलाकर विरोध जताया. कुछ स्थानों पर ट्रेनों में भी तोड़फोड़ हुई है. प्रदर्शनकारियों ने अभियुक्त पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. कलेक्टर ने कहा है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं.

  17. ब्रेकिंग न्यूज़, ईरान ने सीरिया में असद सरकार के पतन के लिए अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया

    ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा है कि असद सरकार के पतन से उनका देश कमज़ोर नहीं होगा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा है कि असद सरकार के पतन से उनका देश कमज़ोर नहीं होगा

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने अमेरिका और इसराइल पर सीरिया की असद सरकार को गिराने का आरोप लगाया है.

    साथ ही उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि बशर अल-असद को राष्ट्रपति पद से हटाए जाने से ईरान कमज़ोर नहीं होगा.

    उन्होंने 'सीरिया के एक पड़ोसी देश' पर भी इस सरकार को गिराने में शामिल होने के आरोप लगाए, हालांकि, उन्होंने देश का नाम नहीं बताया.

    ख़ामेनेई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा है कि अमेरिका और इसराइल ही प्रमुख षड्यंत्रकारी हैं और इस बात के उनके पास सबूत हैं.

    उन्होंने एक और पोस्ट में लिखा है, "जिन इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया गया उन्हें सीरिया के बहादुर युवा आज़ाद कराएंगे. मुझे इस बात पर कोई शक नहीं कि ये एक दिन होगा."

    उन्होंने कहा, "किसी को इस बारे में शक नहीं होना चाहिए कि सीरिया में जो कुछ हुआ वो अमेरिका और इसराइल की योजना थी."

    वहीं रूस की सरकारी न्यूज़ एजेंसी तास के मुताबिक, रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा है कि सीरिया में उनके नागरिकों की सुरक्षा ही उनकी प्राथमिकता है.

    मारिया ज़ाख़रोवा ने रेडियो स्पूतनिक से कहा, "सीरिया में हालात नाटकीय मोड़ पर हैं और अहम चीज़ ये है कि अब ये कहीं नाटकीय से बिल्कुल त्रासदी में न बदल जाएं."

    जाख़रोवा ने कहा कि रूस सीरिया में कई स्थानीय बलों से संपर्क में है.

  18. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, बताया क्या हुई बात

    राहुल गांधी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा कि वो (सत्ता पक्ष) अदानी के मुद्दे से भटकाना चाहते हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की.

    राहुल गांधी ने मीडिया से इस मुलाकात के बारे में बताया, "स्पीकर से मेरी मुलाकात हुई. मैंने उनको कहा कि हमारी पार्टी कह रही है कि जो अपमानजनक टिप्पणी हैं मेरे बारे में, उन्हें हटाया जाए. स्पीकर ने कहा कि वो उनकी जांच करेंगे."

    राहुल गांधी ने कहा, "ये (सत्ता पक्ष) उल्टे सीधे आरोप लगाते रहते हैं. लेकिन हमने ये निर्णय लिया है कि ये जितना भी उकसाएं, हम उन्हें करने देंगे लेकिन हम सदन चलाएंगे. हमारी पूरी कोशिश होगी कि सदन चले."

    उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि चर्चा और बहस हो. 13 दिसंबर को संविधान पर बहस होनी है. हम चाहते हैं कि वो बहस हो. हम सदन चलने देंगे. चाहे वो (सत्ता पक्ष) मेरे बारे में कुछ भी बोलें, लेकिन 13 तारीख़ को बहस हो."

    अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर राहुल गांधी ने कहा, "वो अदानी पर चर्चा नहीं चाहते हैं. इस मुद्दे से भटकाना चाहते हैं. लेकिन अंत में हम छोड़ेंगे नहीं."

    बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस और जॉर्ज सोरोस के कथित संबंधों पर हंगामा हुआ.

    वहीं राज्यसभा में भी आज का दिन हंगामे भरा रहा. राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ के ख़िलाफ़ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर हंगामा हुआ. जबकि सत्ता पक्ष ने कांग्रेस और जॉर्ज सोरोस के कथित संबंधों पर हंगामा किया.

    इसके बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

  19. जेपी नड्डा ने उठाया जॉर्ज सोरोस का मुद्दा, हंगामे के बाद राज्यसभा दिनभर के लिए स्थगित

    जेपी नड्डा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और सोरोस के बीच संबंधों पर चर्चा होनी चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)

    बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने बुधवार को सदन में अरबपति कारोबारी जॉर्ज सोरोस का मुद्दा उठाया. इसके बाद हुए हंगामे के बाद राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया.

    नड्डा ने कहा, "पिछले दो दिनों से हमारे लोग इस बात को उठा रहे हैं कि सोरोस और कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व का क्या संबंध है. सोरोस और सोनिया गांधी का क्या संबंध है? "

    जेपी नड्डा ने कहा, "यह देश के आंतरिक और बाह्य सुरक्षा का सवाल है. यह देश की संप्रभुता पर भी सवाल है. सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी और सोरोस के बीच संबंधों पर चर्चा होनी चाहिए क्योंकि हम आम आदमी के लिए प्रतिबद्ध हैं."

    उन्होंने कहा, "इस मुद्दे से भटकाने के लिए इन्होंने चेयर पर आक्षेप लगाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया. इसकी निंदा होनी चाहिए. इन्होंने कभी भी चेयर को सम्मान नहीं दिया है."

    जेपी नड्डा के बोलने और जोरदार हंगामे के बीच उपसभापति हरिवंश ने राज्यसभा को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.

    जहां एक ओर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल गौतम अदानी ग्रुप के मामले पर केंद्र सरकार को घेर रहे हैं. वहीं अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस का जिक्र कर बीजेपी कांग्रेस पर कई तरह के आरोप लगा रही है.

    मंगलवार को कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, "इस देश में सबसे अहम मुद्दा नरेंद्र मोदी का गौतम अदानी को बचाने का कुत्सित प्रयास करना है."

    उन्होंने कहा था, "अदानी को बचाने के लिए स्वांग रचने में सबसे बड़ा प्रयास जॉर्ज सोरोस को लेकर रचा जा रहा है. आपको सत्ता में काबिज रहते हुए 11 साल हो गए और जॉर्ज सोरोस नाम का आदमी भारत विरोधी गतिविधि कर रहा है तो उसका धंधा-पानी आप हिंदुस्तान में बंद क्यों नहीं करते?"

  20. नमस्कार!

    अभी तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात के 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    इस वक़्त बीबीसी हिंदी के पन्ने पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें-

    - सीरिया में क्या अर्दोआन सबसे बड़े विजेता बनकर उभरे हैं या दांव उल्टा पड़ेगा? इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    - मनीष सिसोदिया को अपनी सीट बदलने की ज़रूरत क्यों पड़ी? इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    - इसराइल सीरिया पर हमला क्यों कर रहा है? इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    - जगदीप धनखड़ के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक अविश्वास प्रस्ताव, क्या है राज्यसभा के सभापति को पद से हटाने की प्रक्रिया? इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    - लालू यादव ने कांग्रेस को दिया झटका, अब कांग्रेस क्या करेगी? इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.