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न्यूयॉर्क में शनिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है. ये बैठक बहरीन, कोलंबिया, चीन, रूस और फ़्रांस की अपील पर बुलाई गई है.
सुमंत सिंह, सुरभि गुप्ता
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न्यूयॉर्क में शनिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है. ये बैठक बहरीन, कोलंबिया, चीन, रूस और फ़्रांस की अपील पर बुलाई गई है.
वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने "मध्य पूर्व में शनिवार की सैन्य कार्रवाई" की आलोचना की है.
एक बयान में, उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को कमज़ोर करती है. उन्होंने इसे "तुरंत रोकने" की मांग की है.

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने एक्स पर एक बिल्डिंग की तस्वीर शेयर की है, जिसमें से धुआं उठता नज़र आ रहा है.
अराग़ची ने लिखा है कि यह बिल्डिंग ईरान के दक्षिण में लड़कियों का एक प्राइमरी स्कूल है, जो नष्ट हो गया है.
उन्होंने लिखा, "इस (स्कूल) पर दिनदहाड़े बमबारी की गई, जब यहां छोटे बच्चे मौजूद थे. अकेले इसी जगह पर दर्जनों मासूम बच्चों की हत्या की गई है. ईरानी लोगों के ख़िलाफ़ इन अपराधों का जवाब दिया जाएगा."
ईरान की सरकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) के मुताबिक़ शनिवार कोईरान के दक्षिणी होर्मोज़गन प्रांत के मिनाब काउंटी में लड़कियों के एक प्राइमरी स्कूल पर इसराइली हमला हुआ.
एजेंसी ने शिक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता के हवाले से बताया कि स्कूल पर हुए इस हमले में 53 लोगों की मौत हुई है और 63 लोग घायल हुए हैं.
प्रवक्ता ने बताया कि दूसरे संभावित पीड़ितों की तलाश के लिए स्कूल से मलबा हटाया जा रहा है.

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ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने एनबीसी न्यूज़ से कहा है कि जहां तक उन्हें पता है कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई "ज़िंदा" हैं.
उन्होंने ये भी कहा कि इसराइल और अमेरिका के हमले में ईरान ने "शायद एक या दो कमांडर खोए" हैं.
ईरान की सरकारी मीडिया ने अब तक ईरानी अधिकारियों और सेना प्रमुख के मारे जाने की ख़बरों को ख़ारिज किया है.
अराग़ची का कहना है कि ईरान तनाव कम करने और बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते अमेरिका और इसराइल अपने हमले बंद कर दें.
यह बताते हुए कि "अभी" कोई बातचीत नहीं हो रही है, अराग़ची ने कहा कि "अगर अमेरिका हमसे बात करना चाहता है, तो उसे पता है कि मुझसे कैसे संपर्क करना है."
अराग़ची ने यह भी कहा कि ईरान क्षेत्र में अमेरिकी बेस पर हमले कर रहा है, उन्होंने इसे "आत्म-रक्षा" बताया.

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ईरान की सरकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) के मुताबिक़ एक गर्ल्स स्कूल पर हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है.
एजेंसी ने देश के शिक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता के हवाले से यह जानकारी दी है.
इससे पहले एजेंसी ने जानकारी दी थी कि ये हमला ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गन प्रांत के मिनाब काउंटी में लड़कियों के एक प्राइमरी स्कूल पर हुआ.
शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने एजेंसी को बताया कि शनिवार को स्कूल पर "तीन मिसाइल हमले" किए गए. उन्होंने यह भी कहा कि हमलों में 63 लोग घायल भी हुए हैं.''
प्रवक्ता ने बताया कि दूसरे संभावित पीड़ितों की तलाश के लिए स्कूल से मलबा हटाया जा रहा है.
बीबीसी स्वतंत्र रूप से इसे वेरिफ़ाई नहीं कर पाया है, इंटरनेशनल न्यूज़ ऑर्गनाइज़ेशन को अक्सर ईरान का वीज़ा देने से इनकार कर दिया जाता है, जिससे देश के अंदर क्या हो रहा है, इस बारे में जानकारी जुटाना सीमित हो जाता है.

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ईरान की सरकारी मीडिया ने उन ख़बरों को ख़ारिज किया है, जिसमें इसराइल-अमेरिका के हमलों में वरिष्ठ राजनीतिक ईरानी अधिकारियों और आर्मी चीफ़ के मारे जाने का दावा किया गया है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के एग़्जीक्यूटिव डिप्टी मोहम्मद जफ़र काएम्पनाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा है कि राष्ट्रपति सुरक्षित हैं.
ईरानी राष्ट्रपति के बेटे यूसुफ़ पेज़ेश्कियान ने टेलीग्राम पर लिखा कि "इस बार उनकी हत्या की कोशिशें कामयाब नहीं हुईं."
ईरानी सेना ने अपने कमांडर मेजर जनरल अमीर हतामी की मौत से इनकार किया है. साथ ही, फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) के प्रमुख अली लारीजानी को कोई नुक़सान नहीं हुआ है.
इसराइल डिफेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने कहा है कि ईरान में उसके हमलों में उन जगहों को टारगेट किया गया, जहां बड़े नेता और सुरक्षा अधिकारी जुटे थे.

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ईरान पर इसराइल और अमेरिका के हमले के बाद भारत ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र के हालात पर चिंता जताते हुए एक बयान जारी किया है.
भारत के विदेश मंत्रालय का बयान है, "ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल की घटनाओं से भारत बहुत चिंतित है. हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव ना बढ़ाने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हैं."
"तनाव कम करने और संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाया जाना चाहिए. सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए."
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस क्षेत्र में भारत के दूतावास भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं.
मंत्रालय के मुताबिक़ भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह जारी की गई है.

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इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने कहा है कि ईरान पर उसके हमलों में उन जगहों को निशाना बनाया गया, जहां बड़े नेता और सुरक्षा अधिकारी जुटे थे.
एक बयान में, आईडीएफ़ ने कहा है कि उसने इस ऑपरेशन की महीनों से प्लानिंग की थी. उसने अपनी सैन्य ख़ुफ़िया एजेंसी की कोशिशों पर फ़ोकस किया ताकि जब ईरान पर शासन करने वाले लोग जुटे तो इसका फ़ायदा उठाया जा सके.
आईडीएफ़ ने ये भी कहा कि रात के बजाय सुबह हमला करने से फ़ायदा हुआ. बयान में आगे कहा गया है कि सेना अब इस हमले का आकलन कर रही है.

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका और इसराइल के हमलों को "पूरी तरह से बिना उकसावे वाला, गैर-क़ानूनी और ग़लत" बताया है.
अराग़ची ने एक्स पर पोस्ट किया, "नेतन्याहू और ट्रंप का ईरान पर युद्ध पूरी तरह से बिना किसी उकसावे के, गैर-क़ानूनी और ग़लत है."
उन्होंने लिखा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने "अमेरिका फ़र्स्ट को इसराइल फ़र्स्ट में बदल दिया है -जिसका मतलब हमेशा अमेरिका लास्ट होता है."
"हमारी ताक़तवर सेना इस दिन के लिए तैयार है और हमलावरों को वो सबक सिखाएगी जिसके वे हक़दार हैं."

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ईरान के एक स्थानीय अधिकारी ने सरकारी न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए को बताया है कि 28 फ़रवरी को एक स्कूल पर हुए इसराइली हमले में 40 लोगों की मौत हुई है.
बताया गया है कि ये हमला ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गन प्रांत के मिनाब काउंटी में लड़कियों के एक प्राइमरी स्कूल पर हुआ.
गवर्नर मोहम्मद रादमेहर ने कहा कि शाजारेह तैयबेह गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में 48 लोग घायल हुए हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ रही है.
बीबीसी स्वतंत्र रूप से इसे वेरिफ़ाई नहीं कर पाया है, इंटरनेशनल न्यूज़ ऑर्गनाइज़ेशन को अक्सर ईरान का वीज़ा देने से इनकार कर दिया जाता है, जिससे देश के अंदर क्या हो रहा है, इस बारे में जानकारी जुटाना सीमित हो जाता है.
इसके अलावा, ईरान में "लगभग पूरी तरह" इंटरनेट ब्लैकआउट है, क्योंकि पहले भी एक साइबर हमला हुआ था.
इसराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चल रही कार्रवाई को "बड़ा सैन्य अभियान" बताया है और ईरानी सरकार की सेना से हथियार डालने की अपील की है.

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ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ईरान अपनी सुरक्षा के अधिकार के तहत सभी सैन्य तरीकों का इस्तेमाल करेगा.
एक बयान में कहा गया है कि अराग़ची ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और इराक जैसे देशों में अपने समकक्षों को फ़ोन किया है.
बयान में इन देशों से कहा गया है कि ईरान अपनी अखंडता की रक्षा के लिए "आत्म-रक्षा के क़ानूनी अधिकार के तहत अपनी सभी रक्षात्मक और मिलिट्री क्षमताओं" का इस्तेमाल करेगा.
बयान के मुताबिक़, अराग़ची ने इन देशों को यह भी "याद दिलाया" कि ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले के लिए "उनकी फ़ैसिलिटीज़ और इलाकों का ग़लत इस्तेमाल रोकना उनकी ज़िम्मेदारी है."
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ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों के मद्देनज़र एयर इंडिया ने एक ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है.
एयर इंडिया ने लिखा, "मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में बन रहे हालात को देखते हुए, यहां की सभी जगहों के लिए एयर इंडिया की सभी फ़्लाइट्स रोक दी गई हैं."
"हम अपने पैसेंजर्स और क्रू के लिए सबसे ऊंचे सुरक्षा मानक बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
एयर इंडिया ने कहा है कि उसकी टीमें पैसेंजर्स को हर ज़रूरी मदद देंगी.
"हम सलाह देते हैं कि आप लेटेस्ट अपडेट्स के लिए अपनी फ़्लाइट का स्टेटस यहां https://airindia.com/in/en/manage/flight-status.html पर चेक करें. इससे जुड़ी ज़्यादा जानकारी के लिए हमारे 24×7 कॉल सेंटर से +91 1169329333, +91 1169329999 पर संपर्क करें."
इसराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चल रही कार्रवाई को "बड़ा सैन्य अभियान" बताया है और ईरानी सरकार की सेना से हथियार डालने की अपील की है.
इससे पहले इसराइल के रक्षा मंत्री ने कहा था कि इसराइल ने ईरान के ख़िलाफ़ "प्री-एम्प्टिव'' हमला किया है. देश के कई हिस्सों में विस्फ़ोटों की आवाज़ सुनी गई है.

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ईरान-इसराइल संघर्ष के मद्देनज़र एआईएमआईए प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दोनों देशों में मौजूद भारतीय नागरिकों को वापस लाने की मांग की है.
ओवैसी ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि ईरान और इसराइल में जो भारतीय नागरिक हैं, उन्हें वापस लाया जाए."
ईरान-इसराइल संघर्ष पर अपने बयान में असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी के हालिया इसराइल दौरे का भी ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "अगर प्रधानमंत्री का एयरक्राफ़्ट हवा में होता और इस तरह का हमला होता, तो फ़िर इसका कौन ज़िम्मेदार होता? प्रधानमंत्री को देश को बताना है कि क्या नेतन्याहू ने उनको बताया था कि इसराइल ईरान पर हमला करने वाला है. अगर बताया था, तो प्रधानमंत्री को तुरंत अपना इसराइल का दौरा ख़त्म करके देश लौट आना चाहिए था."
"अगर इसराइल ने नहीं बताया कि वह अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर रहा है, तो इसराइल ने हमें धोखा दिया...उन्होंने प्रधानमंत्री के दौरे का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए किया. इससे मैसेज यह जाएगा कि भारत इसराइल के साथ है, ईरान के साथ नहीं."

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ईरान पर हमले के बाद अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थित अपने दूतावास और कॉन्सुलेट के स्टाफ़ और सभी अमेरिकी नागरिकों के लिए एक सुरक्षा अलर्ट जारी किया है.
यूएस मिशन टू यूएई ने एक्स पर सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए लिखा, "अबू धाबी स्थित अमेरिकी दूतावास और दुबई स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट ने इलाके में लड़ाई की स्थिति के कारण स्टाफ़ को सुरक्षित स्थान पर रहने का निर्देश दिया है. हम यूएई में सभी अमेरिकियों को अगली सूचना तक ऐसा ही करने की सलाह देते हैं."
अमेरिका ने यूएई में अपने नागरिकों को इमरजेंसी सर्विस के लिए 999 डायल करने का निर्देश दिया है.
इसके अलावा अमेरिकी नागरिक कॉन्सुलर सेक्शन से संपर्क कर सकते हैं:
अमेरिकी दूतावास अबू धाबी
टेलीफ़ोन: +(971) (2) 414-2200
इमरजेंसी टेलीफ़ोन: +(971) (0) 2-414-2200
ईमेल: ACSAbuDhabi@state.gov U.S.
कॉन्सुलेट जनरल दुबई
टेलीफ़ोन: +(971) (4) 309-4000
इमरजेंसी टेलीफ़ोन: +(971) (4) 309-4000
ईमेल: DubaiACS@state.gov
कतर से बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट अशर के मुताबिक़ ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले के बाद कतर, यूएई, बहरीन और कुवैत में भी धमाके सुने गए हैं.
यूएई की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने कहा है कि यहां ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के बाद एक व्यक्ति की मौत हुई है. ईरान ने कहा था कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह इन इलाकों में अमेरिकी बेस को टारगेट करेगा.

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रणजी ट्रॉफ़ी के 67 साल के इतिहास में जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार विजेता बनने में कामयाब हुई है.
जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच खेला गया फ़ाइनल पांचवां मुक़ाबला ड्रॉ रहा. लेकिन जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल की थी इसलिए वो रणजी ट्रॉफ़ी का ख़िताब जीतने में कामयाब रही.
पहली पारी में जम्मू-कश्मीर ने 584 रन बनाए थे और कर्नाटक को 293 रन पर ऑल आउट कर दिया था. इस तरह जम्मू-कश्मीर को पहली पारी में 291 रन की बढ़त मिली.
जम्मू-कश्मीर ने अपनी दूसरी पारी में चार विकेट के नुक़सान पर 342 रन बनाए और 633 रन की बढ़त हासिल की.
इस तरह, जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक को हराकर रणजी ट्रॉफ़ी अपने नाम कर ली.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह टीम का हौसला बढ़ाने के लिए हुबली पहुंचे थे. उन्होंने एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए टीम को शाबाशी दी.
सीएम अब्दुल्लाह ने लिखा, "उन्होंने (टीम ने) कर दिखाया. बहुत बढ़िया जम्मू-कश्मीर."

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राज्यसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल से अपने चार उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इसकी जानकारी दी है.
टीएमसी ने बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार, मेनका गुरुस्वामी और कोयल मलिक को अपना उम्मीदवार बनाया है.
बाबुल सुप्रियो
बाबुल सुप्रियो का राजनीतिक सफर बीजेपी के साथ शुरू हुआ था. वह बीजेपी के टिकट पर आसनसोल से दो बार लोकसभा चुनाव जीते और मोदी सरकार में मंत्री बने.
2021 में वह टीएमसी में शामिल हुए और वर्तमान में बालीगंज से विधायक और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री हैं.
राजीव कुमार
राजीव कुमार पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी रहे हैं. वह 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और इसी साल 31 जनवरी को पश्चिम बंगाल के डीजीपी के पद से रिटायर हुए.
राजीव कुमार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का क़रीबी माना जाता है. 2019 में, जब सीबीआई ने शारदा चिटफ़ंड मामले में उनसे पूछताछ करने की कोशिश की थी, तब ममता बनर्जी उनके समर्थन में धरने पर बैठ गई थीं.
उस समय राजीव कुमार कोलकाता के पुलिस कमिश्नर थे.
मेनका गुरुस्वामी
मेनका गुरुस्वामी सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता हैं. उन्होंने अदालतों में तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार का पक्ष रखा है.
कोयल मल्लिक
कोयल मल्लिक अभिनेत्री हैं. उन्होंने मुख्य तौर पर बंगाली फ़िल्म इंडस्ट्री में काम किया है.
नमस्कार!
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ईरान पर अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हमले के बाद ईरान के पूर्व शाह के बेटे रज़ा पहलवी ने एक वीडियो संदेश जारी किया है.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के लोगों से 'जिस मदद का वादा किया था, वह पहुंच चुकी' है. उन्होंने कहा कि इस मदद के बाद 'जीत तय' है.
रज़ा पहलवी ने ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले को 'मानवीय हस्तक्षेप' कहा है, जिसका निशाना 'इस्लामिक रिपब्लिक, उसका दमनकारी तंत्र और जनसंहार करने वाली मशीनरी' है.
ईरान के पूर्व प्रिंस ने ईरानी सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों से कहा, "आप सभी ने ईरान और ईरानी लोगों की रक्षा करने की शपथ ली है, न कि इस्लामिक रिपब्लिक और उसके नेताओं की. आपका कर्तव्य लोगों की रक्षा करना है, न कि उस शासन का जिसने दमन और अपराध के ज़रिए हमारे देश को बंधक बना रखा है."
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "लोगों के साथ जुड़िए और एक स्थिर और सुरक्षित बदलाव लाने में मदद कीजिए. वरना आप ख़ामेनेई के डूबते जहाज़ और उसके शासन के साथ ही डूब जाएंगे."
रज़ा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताया है. उन्होंने कहा, "ईरान के लोग ईरानी इतिहास के सबसे कठिन दौर में आपके समर्थन को कभी नहीं भूलेंगे."
इसके साथ ही पहलवी ने ईरानी जनता से अपील की है कि वे 'फ़िलहाल अपने घरों में रहें और सुरक्षित रहें.'
हालांकि, उन्होंने एक घोषणा करने की भी बात कही है. उन्होंने कहा, "उचित समय पर, जिसकी मैं घोषणा करूंगा, आप अंतिम कार्रवाई के लिए सड़कों पर लौटें."

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ईरान पर इसराइल के हमले के बाद भारत ने इसराइल में रह रहे अपने नागरिकों को हर वक्त सतर्क रहने, सावधानी बरतने और दूतावास से संपर्क में रहने की सलाह दी है.
इसको लेकर तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने एक एडवाइज़री जारी की है.
भारतीय दूतावास ने कहा, "क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए इसराइल में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने और हर समय सतर्क रहने की सलाह दी जाती है."
इसके साथ ही दूतावास ने नागरिकों से कहा है कि वे इसराइली अधिकारियों और होम फ़्रंट कमांड की ओर से जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें.
दूतावास ने कहा है कि सभी नागरिक शेल्टर्स के क़रीब रहें और अपने घर या दफ़्तर के नज़दीक मौजूद सुरक्षित स्थानों की जानकारी रखें.
भारतीय दूतावास ने यह भी कहा, "अगली सूचना तक भारतीय नागरिकों को इसराइल के भीतर सभी गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है."
इसके साथ ही भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी किया है और आपात स्थिति में संपर्क करने की सलाह दी है.
टेलीफोन: +972-54-7520711
ईमेल: cons1.telaviv@mea.gov.in
इसराइल ने ईरान पर हमले की घोषणा कर दी है. ईरान में कई जगह धमाके की आवाज़ें सुनी गईं और धुएं का गुबार दिखा.
तस्वीरों में देखिए इसराइली हमले के बाद ईरान में क्या दिखा.

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