रूस-यूक्रेन जंग ख़त्म करने को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री क्या बोले?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि रूस-यूक्रेन जंग ख़त्म करने के लिए एक बैठक से कुछ हासिल नहीं हो सकेगा.

सारांश

लाइव कवरेज

हिमांशु दुबे, इफ़्तेख़ार अली

  1. रूस-यूक्रेन जंग ख़त्म करने को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री क्या बोले?

    रूस-यूक्रेन जंग

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि रूस-यूक्रेन जंग ख़त्म करने के लिए एक बैठक से कुछ हासिल नहीं हो सकेगा.

    रूस-यूक्रेन जंग रोकने के लिए सऊदी अरब में रूसी अधिकारियों के साथ अमेरिकी अधिकारियों से होने वाली मुलाक़ात से पहले उन्होंने कहा कि "एक बैठक से युद्ध ख़त्म नहीं होगा."

    उन्होंने कहा कि इसके लिए अब तक औपचारिक प्रक्रिया बनाने की शुरुआत नहीं की गई है लेकिन इसके लिए यूक्रेन, रूस और अन्य संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की जाएगी.

    उन्होंने कहा, "फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फ़ोन पर बात की है, और दोनों पक्षों ने युद्ध ख़त्म करने की इच्छा जताई है. मुझे उम्मीद है कि इसके बाद और भी बैठकें होंगी ताकि ये पता चले कि बातचीत की पूरी प्रक्रिया क्या रहेगी."

    इस बीच व्हाइट हाउस के मध्य-पूर्व प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ़ ने इस बात की पुष्टि की है कि वह रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत से पहले रविवार को सऊदी अरब की यात्रा करेंगे.

    उन्होंने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज भी इसमें शामिल रहेंगे.

    विटकॉफ़ ने इसराइल-हमास युद्धविराम को लेकर हुई बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

    वहीं कीएव में मौजूद बीबीसी के यूक्रेन संवाददाता जेम्स वाटरहाउस ने कहा है कि यूक्रेनी सरकार में एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने बताया है कि यूक्रेन को वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है.

    उन्होंने कहा है कि यूक्रेन बातचीत में शामिल होने के लिए अपने प्रतिनिधि नहीं भेज रहा है.

  2. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली को दीजिए इजाज़त.

    कल हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर होंगे.

    फ़िलहाल, हमारे होम पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

  3. अखिलेश यादव की मांग- भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवार को मिले 50 लाख का मुआवज़ा

    अखिलेश यादव

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार को मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग घायल हैं.

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन शनिवार रात को मची भगदड़ को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से सरकार पर तंज कसा है.

    उन्होंने सरकार से मांग की है कि कुंभ भगदड़, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ या कहीं भी भगदड़ में श्रद्धालुओं की हुई मौत के बाद पीड़ित परिवार को मुआवज़ा देना चाहिए.

    पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "जो लोग कहते हैं कि हम विश्वगुरु बनाने जा रहे हैं, क्या उसकी यही परिभाषा है कि प्लेटफ़ॉर्म पर हमारे ग़रीब लोगों की जान चली जाए."

    उन्होंने सरकार से मांग की, "जिन लोगों की जान गई है, चाहे वह महाकुंभ के भगदड़ में गई हो या दूसरे कारण से गई हो, दोनों सरकार (राज्य और केंद्र) को मिलकर उनके परिवारों को 50-50 लाख का मुआवज़ा देना चाहिए."

    अखिलेश ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी वाले इतने ज्ञानी हैं कि वह जो कह देते हैं उन्हें साबित करते हैं. 144 साल की जो गिनती है वह हमें समझ नहीं आ रही है."

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसे के एक दिन बाद रेल मंत्रालय ने लिया ये फै़सला

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी.

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ के एक दिन बाद, रविवार को रेल मंत्रालय ने एक बयान जारी कर प्रयागराज जाने वाली कुंभ स्पेशल ट्रेनों के बारे में जानकारी दी है.

    मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस बयान में कहा गया, "प्रयागराज की दिशा में सभी स्पेशल ट्रेनें प्लेटफॉर्म नंबर 16 से चलाई जाएंगी.”

    “प्रयागराज जाने के इच्छुक सभी यात्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट की तरफ़ से आएंगे और जाएंगे."

    बयान में आगे कहा गया, “महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त आरपीएफ़ और जीआरपी कर्मियों को तैनात किया गया है. आज 4 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं और कल 5 और स्पेशल ट्रेनें निर्धारित की गई हैं.”

    बयान में बताया गया कि दो सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है.

  5. आईपीएल 2025 के लिए शेड्यूल जारी, 22 मार्च को पहला मैच

    आईपीएल 2025

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, 23 मार्च को चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच मैच खेला जाएगा.

    रविवार को इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2025 के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शेड्यूल जारी कर दिया है.

    टूर्नामेंट के 18वें सीज़न की शुरुआत 22 मार्च से होगी. इस सीज़न में 22 मार्च से 25 मई के बीच 10 टीमों के बीच 74 मैच खेले जाएंगे.

    इस सीज़न का पहला मैच कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा.

    वहीं टूर्नामेंट का फ़ाइनल मैच भी 25 मई को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा.

    आईपीएल के 17वें सीज़न में कोलकाता नाइट राइडर्स चैंपियन बनी थी.

  6. मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बाद सेना की कार्रवाई, 16 चरमपंथी गिरफ़्तार, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए

    मणिपुर

    इमेज स्रोत, Manipur Police

    इमेज कैप्शन, मणिपुर में एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़े के बाद से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है

    मणिपुर में गुरुवार को राष्ट्रपति शासन लागू करने के बाद से सेना और पुलिस ने हथियारबंद चरमपंथियों के ख़िल़ाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है.

    मणिपुर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाकर 16 हथियारबंद चरमपंथियों को गिरफ्तार किया है.

    इस दौरान कई इलाकों से बड़ी संख्या में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामान भी ज़ब्त किए गए है.

    मणिपुर पुलिस के महानिदेशक राजीव सिंह ने मौजूदा कार्रवाई को लेकर बीबीसी से कहा, ”गै़रक़ानूनी हथियारों को जब्त करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है. हथियारबंद लोगों के खिलाफ अगले एक-दो दिन के भीतर व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया जाएगा.”

    मणिपुर पुलिस ने एक बयान जारी कर बताया कि चरमपंथियों से जब्त किए गए हथियारों में एके-47 राइफल, 7.62 असॉल्ट राइफल, सिंगल बोर राइफल, एके-47 की मैगजीन तथा 7.62 की 654 से ज्यादा जिंदा कारतूस शामिल है.

    पुलिस अधिकारी के अनुसार चुराचांदपुर जिले के सांगईकोट थाना क्षेत्र में अभियान चलाकर कुकी नेशनल आर्मी (केएनए) के 12 संदिग्ध कैडरों को गिरफ़्तार किया है.

    केएनए मणिपुर में सक्रिय 32 कुकी चरमपंथी समूहों में से एक है. इस समय केएनए भारत सरकार के साथ समझौते के तहत संघर्षविराम में है. लेकिन इस संगठन पर जातीय हिंसा में शामिल होने के आरोप लगते रहे है.

    इस बीच, शनिवार को मणिपुर पुलिस ने इंफाल ईस्ट जिले के एंड्रो पुलिस स्टेशन के अंतर्गत प्रतिबंधित भूमिगत संगठन कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी-पीपुल्स वार ग्रुप के चार सक्रिय चरमपंथियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया, इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं.

    मणिपुर में 3 मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से पुलिस थानों और पुलिस चौकियों से 6 हज़ार विभिन्न प्रकार के अत्याधुनिक हथियार और लाखों विविध गोला-बारूद लूटे गए थे.

    पुलिस अब सेना और सुरक्षाबलों के साथ मिलकर उन तमाम हथियारों को बरामद करने के लिए कार्रवाई कर रही है.

  7. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसे के बाद दिल्ली पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार शाम दिल्ली पहुंचे हैं. वह ऐसे वक्त दिल्ली पहुंचे हैं जब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी.

    दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "हमें भी इस घटना के बारे में पता चला है और यह वाकई दुखद है."

    इससे पहले नीतीश कुमार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए मुआवज़े की घोषणा की थी.

    उन्होंने एक्स पर लिखा था, "इस घटना में बिहार के रहने वाले मृतकों के आश्रितों को दो लाख रुपये अनुग्रह अनुदान और घायलों को 50 हज़ार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का निर्देश दिया है. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है."

  8. माली में बड़ा हादसा, अवैध सोने की खदान धंसने से 40 से ज़्यादा लोग मारे गए

    माली में अवैध सोने की में हादसा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, माली दुनिया के सबसे बड़े सोना उत्पादक देशों में से एक है

    पश्चिमी अफ़्रीकी देश माली में शनिवार को एक अवैध सोने की खदान धंसने से 40 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें ज़्यादातर संख्या महिलाओं की है.

    ये घटना माली के पश्चिमी इलाक़े कायेस में हुई.

    सोना खनन श्रमिक संघ के एक नेता ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि सोने के टुकड़े ढूंढने के लिए कुछ लोग पहले से बनी खदान के ऊपरी हिस्सों पर चढ़ गए, इस कारण खदान धंस गई.

    हालांकि मरने वालों की संख्या के बारे में अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी ने स्थानीय पुलिस में एक सूत्र के हवाले से बताया है कि खदान धंसने की घटना में 48 लोगों की मौत हुई है. वहीं इंडस्ट्री संघ के प्रमुख ने रॉयटर्स से 43 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है.

    माली में यह तीन सप्ताह में दूसरी घातक खनन दुर्घटना है. इससे पहले जनवरी के आखिर में एक खदान में अचानक पानी घुस जाने से कम से कम 10 लोग मारे गए थे.

    माली दुनिया के सबसे बड़े सोना उत्पादक देशों में से एक है. यहां की सोना खदानों में दुर्घटनाएं आम हैं क्योंकि इस तरह की अधिकतर गतिविधियों को लेकर नियमों का अभाव है और सोने की खुदाई के लिए असुरक्षित तरीके़ भी अपनाए जाते हैं.

  9. तेजस्वी यादव बोले- लोगों की मौत हो रही है और सरकार इंतज़ाम को लेकर प्रचार में लगी है

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसे पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी है

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधा है.

    तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "सरकार की ओर से कोई भी व्यवस्था नहीं कराई जा रही है, इस बात का सबसे ज़्यादा दुख है कि लगातार ग़रीब मारे जा रहे हैं."

    सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "स्टेशन से लेकर घाट तक हज़ारों लोगों की मौतें हुई हैं. सरकार सिर्फ़ इंतज़ाम को लेकर अपने प्रचार में लगी हुई है."

    उन्होंने कहा कि ट्रेन टाइम पर चले या न चले, लेकिन हादसे होते हैं. इस तरह के हादसे हुए हैं तो किसी न किसी की ज़िम्मेदारी होनी चाहिए.

    उन्होंने कहा, "एक हादसे के बाद भी इन लोगों ने सबक नहीं सिखा कि कैसे व्यवस्था को बेहतर किया जाए."

    उन्होंने कहा, "सबसे ज़्यादा दुख इस बात की है कि कई लोग बिहार के मरे हैं और बिहार सरकार को इससे कोई मतलब नहीं है."

  10. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा: पूर्व रेल मंत्री बोले- सरकार को ग़लती मान लेनी चाहिए

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, पूर्व रेल मंत्री और कांग्रेस नेता पवन कुमार बंसल

    शनिवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ पर पूर्व रेल मंत्री और कांग्रेस नेता पवन कुमार बंसल ने कहा कि सरकार को मान लेना चाहिए कि ग़लती हुई है.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "सरकार को और रेलवे को यह अनुमान लगाना चाहिए था कि इतने लोग महाकुंभ में जा रहे हैं, सब जगह भीड़ होगी ही."

    उन्होंने रेलवे के इंतजाम पर कहा, "सबसे बड़ा सवाल ये भी है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अंदर इतने लोगों को आने कैसे दिया गया."

    उन्होंने कहा, "जो हमें पता लगा है उसके अनुसार लोग एक प्लेटफ़ॉर्म पर तीन गाड़ियों के लिए इंतजार कर रहे थे. अचानक घोषणा हुई कि उनमें से एक गाड़ी दूसरे प्लेटफ़ॉर्म पर आ रही है."

    पूर्व रेल मंत्री ने कहा, "उन्हें ये ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए थी कि हमसे कमी हुई है. सरकार के लोगों को मान लेना चाहिए कि एलान ग़लत हुआ, जिसके कारण ऐसा हो गया."

    उन्होंने कहा, "भीड़ से बचने के लिए उच्च अधिकारियों की बैठक होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार की तरफ़ से इस चीज़ की बहुत कमी रही है."

    कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि कुंभ के मद्देनज़र व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी. उनका कहना है कि रेल मंत्री को ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

  11. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा: टीएमसी ने सरकार पर लगाए कई आरोप, कहा- ज़िम्मेदारी तय करें

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हैं

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हुए हादसे को लेकर कांग्रेस के बाद अब तृणमूल कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाए हैं.

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “दिल्ली में हुई भगदड़ में 18 लोगों की दुखद मौत अत्यंत हृदय विदारक है. यह घटना हमें यह बताती है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए सही योजना और प्रबंधन कितना ज़रूरी है.”

    “महाकुंभ में जाने वाले तीर्थयात्रियों को सही मदद और सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, परेशानी नहीं. यह ज़रूरी है कि ऐसी यात्राओं को सुरक्षित और सही तरीके से व्यवस्थित किया जाए.”

    हादसे पर पार्टी के प्रवक्ता रिजु दत्ता ने बीजेपी की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि सरकार इस तरह के आयोजन के लिए व्यवस्था करने में पूरी तरह नाकाम रही है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से उन्होंने कहा, "ये पार्टी खुद को सनातन का रखवाला कहती है, लेकिन उनके हाथों में हिंदुओं का खून लगा हैं. जो लोग कुंभ के लिए जा रहे हैं वो हिंदू हैं."

    उन्होंने आरोप लगाया, "बीजेपी वीवीआईपी की पार्टी है, वो वीवीआईपी को खुश करने में लगे हैं और ज़िम्मेदारी लेने से बचते हैं."

    "हमने कुंभ में एक के बाद एक आग लगने की घटना देखी है, कुंभ में भगदड़ की घटना हुई है, किसी के पास आधिकारिक आंकड़ा नहीं है. और शनिवार को नई दिल्ली में भगदड़. आधिकारिक आंकड़े हताहतों की संख्या कम बता रहे हैं, चश्मदीदों का कहना है कि अधिक लोगों की मौत हुई है."

    साथ ही उन्होंने कहा कि "रेल मंत्री अपना काम में नाकाम रहे हैं. शनिवार को नई दिल्ली की घटना को पहले अफवाह बताया जा रहा था."

    सागरिका घोष

    इमेज स्रोत, @sagarikaghose/X

    वहीं इससे कुछ घंटे पहले पार्टी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि मोदी सरकार आंकड़ों को छिपाने की कोशिश कर रही है.

    उन्होंने कहा, "पहले वो ये स्वीकार करने से इनकार करती है कि कुछ हुआ है, और कहती है भगदड़ की ख़बर अफवाह थी. उसके बाद कहती हैं कि कुछ लोग हताहत हो सकते हैं. और फिर आख़िर में जब उसे स्वीकार करना पड़ता है तो कहती है कुछ लोगों की मौत हुई है."

    "ये इस बात का उदाहरण है कि सरकार कैसे ज़िम्मेदारी लेने से बचने की कोशिश करती है, बल्कि वो असली स्थिति छिपाने की कोशिश करती है."

    उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वो महाकुंभ में भीड़ को लेकर व्यवस्था करने में नाकाम रही है.

    उन्होेंने कहा, "हम मांग करते हैं कि ज़िम्मेदारी तय की जाए, जिन लोगों की हादसे में मौत हुई है उनके सही आंकड़े साझा किए जाएं. इस तरह की घटना जिसमें कई जानें गई है उससे जुड़े आंकड़े न देना बेहद असंवेदनशील है."

  12. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसे पर प्रशांत किशोर बोले, हताहतों में क़रीब आधे लोग बिहार के हैं

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हुए हादसे को लेकर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है.

    प्रशांत किशोर ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "इस तरह की घटना दुखद है. इस हादसे के लिए रेल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ज़िम्मेदार हैं."

    उन्होंने कहा, "देश में इस तरह की कहीं भी घटना होती है, चाहे वो तमिलनाडु में हो, कश्मीर में हो, दिल्ली या मुंबई में हो, उसमें घायल होने और मरने वाले लोगों में एक बड़ी संख्या बिहार के लोगों की होती है. इस घटना में भी क़रीब आधे लोग बिहार के हैं."

    साथ ही उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश के लिए बिहार के लोगों की जान की क़ीमत दो लाख रुपये आंकी है.

    इससे पहले नीतीश कुमार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए मुआवज़े की घोषणा की थी.

    उन्होंने एक्स पर लिखा था, "इस घटना में बिहार के रहने वाले मृतकों के आश्रितों को दो लाख रुपये अनुग्रह अनुदान और घायलों को 50 हज़ार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का निर्देश दिया है. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है."

  13. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा: कांग्रेस ने की रेल मंत्री के इस्तीफ़े की मांग

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई घायल हैं. इसके बाद कांग्रेस ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफे़ की मांग की है.

    कांग्रेस का आरोप है कि हादसे का कारण बदइंतज़ामी था और इससे जुड़े आंकड़ों को छिपाने की कोशिश की गई थी.

    कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, “हमारी सबसे बड़ी मांग है कि रेल मंत्री अपने पद से इस्तीफ़ा दें. ऐसे व्यक्ति को अपने पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है.”

    उन्होंने कहा, “कल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जो हुआ, जिसके कारण 18 बेकसूरों की जान इसलिए चली गई, क्योंकि आप उचित इंतजाम नहीं करवा पाए.”

    कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “उसके बाद जिस तरह से मौत के आंकड़ों को छिपाने की कोशिश की गई, वो अपने आप में ग़लत है.”

  14. नमस्कार!

    दोपहर के दो बज चुके हैं. अभी तक बीबीसी संवाददाता हिमांशु दुबेआप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अलीआप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करके आप पढ़ सकते हैं.

    धन्यवाद.

  15. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसे की जांच करने वाले अधिकारी ने ये जानकारी दी

    रेलवे अधिकारी नरसिंह देव

    इमेज स्रोत, @narsinghrly

    इमेज कैप्शन, रेलवे अधिकारी नरसिंह

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई थी. अब इस मामले में रेल मंत्रालय ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है. यह जानकारी नॉर्दन रेलवे के प्रिंसिपल चीफ़ कमर्शियल मैनेजर नरसिंह देव ने दी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उत्तर रेलवे के पीसीसीएम नरसिंह ने बताया, “रेल मंत्रालय ने इस घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है. इस कमेटी में मैं नरसिंह देव और चीफ़ सेफ़्टी कमिश्नर पंकज गंगवार, दोनों मेंबर हैं. आज कमेटी ने जांच शुरू कर दी है.”

    उन्होंने कहा, “सुबह से ही हम लोग बैठकर सभी साक्ष्यों को देख रहे हैं. जितने सीसीटीवी फुटेज हैं, उनको डिटेल में हम लोगों ने देखा है. उनको देखने के बाद हमने साइट का भी निरीक्षण किया है.”

    उन्होंने बताया, “जितने चश्मदीद हैं, उनसे बातचीत की जाएगी. केस को समझा जाएगा, और समझने के बाद रिपोर्ट आएगी, तो उसी में जो बात होगी, वो हम कहेंगे. उससे पहले, हम लोग कुछ डिस्कस नहीं करेंगे.”

  16. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की ये घोषणा

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

    इमेज स्रोत, @NitishKumar

    इमेज कैप्शन, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घायलों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ मच गई थी. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से कई लोग बिहार से थे.

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पर लिखा, “नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में लोगों की मृत्यु अत्यंत दुःखद. मृतकों के परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना है.”

    उन्होंने लिखा, “इस घटना में बिहार के रहने वाले मृतकों के आश्रितों को दो लाख रुपये अनुग्रह अनुदान एवं घायलों को 50 हज़ार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का निर्देश दिया है. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है.”

    बिहार सरकार की प्रेस विज्ञप्ति
    इमेज कैप्शन, बिहार सरकार की प्रेस विज्ञप्ति

    इससे पहले, इस घटना को लेकर उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु उपाध्याय ने बताया था, “जिस समय यह दुखद घटना घटित हुई, उस समय नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 14 पर पटना की ओर जाने वाली मगध एक्सप्रेस और प्लेटफ़ॉर्म नंबर 15 पर जम्मू की तरफ़ जाने वाली उत्तर संपर्क क्रांति खड़ी थी.”

    “इस दौरान, फ़ुटओवर ब्रिज से 14 नंबर और 15 नंबर प्लेटफ़ॉर्म पर आने वाली सीढ़ियों पर पैसेंजर के फ़िसलकर गिरने से, उनके पीछे के कई यात्री इसकी चपेट में आ गए, और यह दुखद घटना घटित हो गई.”

    “इस हादसे की उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा जांच की जा रही है.”

    इस बीच, विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इस हादसे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. इनमें आरजेडी प्रमुख लालू यादव, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा शामिल हैं.

  17. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसाः विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर उठाए ये सवाल

    समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे पर विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.

    समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “दिल्ली में महाकुंभ के श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हृदयविदारक है. सरकार में बैठे लोगों को राजनीतिज्ञ नहीं, एक उस परिवारवाले की तरह सोचना होगा, जिसने अपने माँ-बाप, भाई-बहन, बच्चे और नाते-रिश्तेदार खोये हैं.”

    उन्होंने कहा, “मृतकों के शवों को ससम्मान उनके परिजनों तक पहुँचाने का ईमानदार इंतज़ाम किया जाए और घायलों को सर्वश्रेष्ठ उपचार उपलब्ध कराया जाए. भाजपा सरकार मौत का सच छुपाने का पाप न करे.”

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “कल रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जो भगदड़ मची, उसके विषय में मुझे लगता है कि सरकार की परत-दर-परत खुलती चली जा रही है.”

    उन्होंने कहा, “कल कई घंटों तक रेलवे प्रशासन और रेल मंत्री इस ख़बर को दबाने की साजिश रच रहे थे. लगातार ट्वीट कर रहे थे कि भगदड़ नहीं है, भीड़ ज़्यादा हो गई है. भीड़ क्यों ज़्यादा हुई, भीड़ आपकी अव्यवस्था की वजह से ज़्यादा हुई.”

    “जहां भीड़ हुई और अव्यवस्था है, ज़ाहिर सी बात है वहां भगदड़ होगी.”

    खेड़ा ने कहा, “कल रात जब उप-राज्यपाल ने इन मौतों पर खेद व्यक्त किया, तो उनसे ट्वीट एडिट कराया गया. इस सरकार को यह चिंता नहीं है कि मौतों को कैसे रोका जाए? इस सरकार की प्रमुख चिंता यह है कि मौतों की ख़बरों को कैसे रोका जाए?”

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा

    इमेज स्रोत, @Pawankhera

    इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा

    टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने कहा, “मैं केवल इतना कह सकता हूं कि भारतीय जनता पार्टी का केंद्र में कोई भी डिपार्टमेंट निकम्मा है. आपको मालूम है कि दस हज़ार लोग प्लेटफ़ॉर्म पर हैं, जहां से आपने कहा है कि ट्रेनें जाएंगी प्रयागराज, उतने ही लोग स्टेशन के बाहर खड़े हैं, ट्रेन में चढ़ने के लिए, और एक दम से आप प्लेटफ़ॉर्म का नंबर बदल देते हैं, भगदड़ तो होगी, कहां हैं अनुभव रेलवे का. इनको इंसान के जीवन से मतलब नहीं है. इनको सत्ता में रहना है.”

    हालांकि, इस मामले पर उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु उपाध्याय ने कहा, “यह बात बार-बार आ रही है कि ट्रेनें कैंसिल थीं या प्लेटफ़ॉर्म बदला गया, ऐसी कोई बात नहीं थी. कोई ट्रेन कैंसिल नहीं थी.”

    उन्होंने बताया, “उस टाइम पीरियड के दौरान पांच से छह स्पेशल ट्रेन का अलग से संचालन किया था. और एक और बात मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि किसी भी ट्रेन का प्लेटफ़ॉर्म बदला नहीं गया था.”

  18. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के लिए लालू यादव ने बदइंतज़ामी को ज़िम्मेदार ठहराया

    आरजेडी प्रमुख लालू यादव

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने इस घटना को लेकर रेलवे को ज़िम्मेदार ठहराया है

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई. इस घटना को लेकर भूतपूर्व रेल मंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने भारतीय रेलवे पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने इस हादसे के लिए रेलवे की बदइंतज़ामी को ज़िम्मेदार ठहराया.

    लालू यादव ने कहा, “दुखद घटना घटी है. हम सब लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. यह रेलवे की ग़लती है. रेलवे की लापरवाही की वजह से इतने लोगों की मौत हुई है. रेल मंत्री को ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए.”

    वहीं, इस हादसे को लेकर भारतीय रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु उपाध्याय ने कहा, “इस दुखद घटना की जांच उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जा रही है.”

    हादसे में प्रभावित लोगों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से मुआवज़े का एलान किया गया है.

    इसके तहत, मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को ढाई लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे.

    इससे पहले, समाचार एजेंसी एएनआई को एक प्रत्यक्षदर्शी हीरालाल महतो ने बताया था, “जब यह घोषणा हुई कि प्लेटफ़ॉर्म नंबर 12 पर आने वाली ट्रेन प्लेटफ़ॉर्म 16 पर आएगी, तो इसके बाद दोनों तरफ़ से लोग आने लगे. ऐसे में भगदड़ मच गई.”

  19. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसे पर रेल अधिकारी ने क्या बताया?

    उत्तर रेलवे के पीआरओ हिमांशु उपाध्याय
    इमेज कैप्शन, उत्तर रेलवे के पीआरओ हिमांशु उपाध्याय ने कहा है कि हादसे की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ मच गई. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई. रेलवे स्टेशन पर भगदड़ क्यों मची, इसका जवाब भारतीय रेलवे की ओर से दिया गया है.

    उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु उपाध्याय ने बताया, “जिस समय यह दुखद घटना घटित हुई, उस समय नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 14 पर पटना की ओर जाने वाली मगध एक्सप्रेस और प्लेटफ़ॉर्म नंबर 15 पर जम्मू की तरफ़ जाने वाली उत्तर संपर्क क्रांति खड़ी थी.”

    उन्होंने बताया, “इस दौरान, फ़ुटओवर ब्रिज से 14 नंबर और 15 नंबर प्लेटफ़ॉर्म पर आने वाली सीढ़ियों पर पैसेंजर के फ़िसलकर गिरने से, उनके पीछे के कई यात्री इसकी चपेट में आ गए, और यह दुखद घटना घटित हो गई. इस हादसे की उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा जांच की जा रही है.”

    इससे पहले, हादसे में प्रभावित लोगों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से मुआवज़े का एलान किया गया है.

    इसके तहत, मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को ढाई लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे.

  20. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ के पीड़ितों के लिए रेलवे ने मुआवज़े का एलान किया

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन

    नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ मच गई. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई. हादसे से प्रभावित लोगों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से मुआवज़े का एलान किया गया है.

    भारतीय रेलवे की ओर से मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को ढाई लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपये के मुआवज़े का एलान किया गया है.

    इससे पहले, रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ के सवाल पर डीसीपी रेलवे केपीएस मल्होत्रा ने बताया था, “भगदड़ क्यों मची, वो जांच होने के बाद सामने आएगा.”

    उन्होंने कहा था, “भीड़ का अंदाज़ा हम लोगों ने लगाया था. लेकिन, दो ट्रेनों का लेट हो जाना और वहां ज़्यादा लोगों के इकट्ठा हो जाने के कारण ऐसी स्थिति बनी. तथ्य तलाशने का काम रेलवे करेगा.”

    इस हादसे को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, “यह घटना एक बार फिर रेलवे की नाकामी और सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर करती है.”

    उन्होंने लिखा, “प्रयागराज जा रहे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए स्टेशन पर बेहतर इंतज़ाम किए जाने चाहिए थे. सरकार और प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि बदइंतज़ामी और लापरवाही के कारण किसी को अपनी जान न गंवानी पड़े.”