केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जॉर्ज सोरोस
मामले में कहा है कि जो रिपोर्ट सामने आई हैं उनमें गंभीर आरोप हैं. उन्होंने कहा
कि सभी को देश विरोधी ताकतों से मिलकर लड़ना चाहिए.
किरेन रिजिजू ने कहा, "जॉर्ज सोरोस का मुद्दा संसद में उठ चुका है और भी लोग उठाना चाहते हैं. इसमें बहुत गंभीर आरोप हैं."
रिजिजू ने कहा, "जॉर्ज सोरोस फ़ाउंडेशन के साथ कई ऐसी
ताकते हैं जो भारत के ख़िलाफ़ काम करती हैं. चाहे वह संसद का सदस्य हो या आम आदमी,
सभी को देश के लिए काम करना है और देश विरोधी
ताकतों से लड़ना है."
उधर, समाजवादी पार्टी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है.
सोनिया गांधी पर बीजेपी के आरोपों पर समाजवादी
पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, "झूठे आरोप लगाने की बीजेपी की आदत बन चुकी है. वो कुछ ना
कुछ आरोप लगाएंगे ही. आरोप हमेशा असत्य निकलते हैं, आज तक कोई भी आरोप सत्य साबित नहीं हुआ है."
इससे पहले बीजेपी ने आरोप लगाया था कि ओसीसीआरपी (ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट) भारत और बीजेपी को निशाना बनाने के लिए कांग्रेस को मदद मुहैया करा रहा था.
जिस पर भारत में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा था कि ये आरोप 'निराशाजनक' हैं.
अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने 'द हिंदू' अख़बार से कहा, "यह निराशाजनक है कि भारत की सत्तारूढ़ पार्टी इस तरह के आरोप लगा रही है."
रविवार को बीजेपी के आधिकारिक एक्स
अकाउंट से एक पोस्ट किया गया था, जिसमें कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी पर कई आरोप लगाए गए थे.
पोस्ट में कहा गया, "एफ़डीएल-एपी फ़ाउंडेशन की सह-अध्यक्ष के रूप में
सोनिया गांधी एक ऐसे संगठन से जुड़ी हैं जिसको जॉर्ज सोरोस फ़ाउंडेशन से फ़ंड मिलता
है. एपडीएल-एपी फ़ाउंडेशन कश्मीर को एक अलग इकाई मानता है."
जॉर्ज सोरोस एक अमेरिकी अरबपति उद्योगपति हैं. उनका जन्म हंगरी में एक यहूदी परिवार में हुआ था. शेयर मार्केट में पैसा लगाने वाले सोरोस ने शेयर बाज़ार से क़रीब 44 अरब डॉलर कमाए.
सोरोस ने हज़ारों स्कूल और अस्पताल बनवाए हैं. साथ ही लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाले संगठनों की मदद की है. हालांकि वो दुनियाभर के कई देशों में दक्षिपंथियों के निशाने पर भी रहे हैं.
सोरोस को ब्रिटेन में एक ऐसे व्यक्ति की तरह जाना जाता है जिसने साल 1992 में बैंक ऑफ़ इंग्लैंड को बर्बाद कर दिया था.