लाइव, पाकिस्तान: पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमत स्थिर रखने के लिए सरकार ने लिया ये फ़ैसला

दुनिया भर में तेल की क़ीमतें लगातार बढ़ रही हैं. पाकिस्तान में पेट्रोल की क़ीमत 49.63 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की क़ीमत 75.05 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर बढ़नी थी. लेकिन सरकार तेल कंपनियों को 23 अरब रुपये देगी, ताकि वे क़ीमत में बढ़ोतरी न करें.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह, रौनक भैड़ा

  1. पाकिस्तान: पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमत स्थिर रखने के लिए सरकार ने लिया ये फ़ैसला

    शाहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान सरकार तेल कंपनियों को 23 अरब रुपये देगी ताकि वे क़ीमत में बढ़ोतरी न करें (फ़ाइल फ़ोटो)

    दुनिया भर में तेल की क़ीमतें लगातार बढ़ रही हैं. पाकिस्तान में पेट्रोल की क़ीमत 49.63 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की क़ीमत 75.05 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर बढ़नी थी. लेकिन सरकार तेल कंपनियों को 23 अरब रुपये देगी, ताकि वे क़ीमत में बढ़ोतरी न करें.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय के पेट्रोलियम डिवीज़न ने कहा है कि वैश्विक बाज़ार में क़ीमतें बढ़ने के बावजूद प्रधानमंत्री ने डीज़ल और पेट्रोल की क़ीमतें वही रखने की मंज़ूरी दी है.

    पेट्रोलियम डिवीज़न के मुताबिक़, "घरेलू और वैश्विक बाज़ार की क़ीमतों के बीच जितना फ़र्क़ है, वह सरकार तेल कंपनियों को देगी."

    नोटिफ़िकेशन में कहा गया है कि 14 मार्च से 20 मार्च 2026 तक के समय में तेल कंपनियों का प्राइस डिफ़रेंशियल क्लेम लगभग 23 अरब रुपये होगा, जिसे ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (ओआरजीए) देगी.

    वित्त मंत्रालय ने कैबिनेट से 'प्रधानमंत्री बचत फ़ंड' बनाने और आर्थिक समन्वय समिति से 27.1 अरब रुपये इस फ़ंड में डालने की मंज़ूरी ली है. इसमें से 23 अरब रुपये ओआरजीए को दिए जाएंगे ताकि भुगतान किया जा सके.

  2. सीबीएसई ने मध्य-पूर्व के इन देशों में रद्द की 12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षाएं

    बोर्ड परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स

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    इमेज कैप्शन, इससे पहले सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाएं टाले जाने से जुड़े पांच सर्कुलर जारी किए थे (सांकेतिक तस्वीर)

    सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई ने मध्य-पूर्व के सात देशों में 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. यह फ़ैसला क्षेत्र में जारी संघर्ष की वजह से बनी स्थिति को देखते हुए लिया गया है.

    सीबीएसई ने बताया कि संघर्ष से प्रभावित देशों के स्कूलों और संबंधित अधिकारियों से सुझाव और अनुरोध मिले थे.

    इसके आधार पर 12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित करने की संभावना की दोबारा समीक्षा की गई और इसके आधार पर फ़ैसला लिया गया है.

    सर्कुलर में कहा गया, "बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, क़तर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में 16 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 के बीच निर्धारित 12वीं बोर्ड की सभी परीक्षाएं रद्द की जाती हैं."

    इससे पहले सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाएं टाले जाने से जुड़े अब तक पांच सर्कुलर जारी किए थे.

    बोर्ड ने कहा है कि इन पांचों सर्कुलर के ज़रिए स्थगित की गई परीक्षाएं भी अब रद्द मानी जाएंगी.

    इसके अलावा सीबीएसई ने यह भी कहा है कि जिन देशों में 12वीं की बोर्ड परिक्षाएं रद्द हुई हैं, उन देशों में परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया के बारे में बाद में अलग से सूचना दी जाएगी.

    सीबीएसई का सर्कुलर

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  3. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  4. ईरान ने मध्य-पूर्व के देशों पर रातभर किए हमले, सऊदी अरब और यूएई ने क्या बताया

    फ़ुजैराह पोर्ट पर आग

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    इमेज कैप्शन, शनिवार को यूएई के फ़ुजैरा पोर्ट पर भीषण आग लग गई थी

    सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने रातभर अपने क्षेत्र के ऊपर ईरान के 26 ड्रोन मार गिराए. इनमें से ज़्यादातर राजधानी रियाद और देश के पूर्वी इलाक़ों में इंटरसेप्ट किए गए.

    रविवार सुबह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने बताया कि उसका एयर डिफ़ेंस सिस्टम ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा है.

    दुबई के मीडिया कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मरीना और अल सुफ़ूह इलाक़ों में सुनी गई आवाज़ें सफल इंटरसेप्शन की थीं.

    इससे पहले शनिवार को ड्रोन हमले के बाद यूएई के पूर्वी तट पर स्थित फ़ुजैरा पोर्ट पर आग लग गई थी. फ़ुजैरा एक बड़ा तेल निर्यात टर्मिनल है.

    वहीं, बहरीन ने कहा कि उसके क्षेत्र में सायरन बज रहे हैं और लोगों को नज़दीकी शेल्टरों में जाने के लिए कहा गया है.

    कुवैत ने रविवार को कहा कि उसके नेशनल गार्ड ने पिछले 24 घंटों में ईरान के पांच ड्रोन मार गिराए हैं.

    इससे पहले शनिवार देर रात क़तर ने एक अपडेट जारी कर बताया कि उसने पूरे दिन में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया. क़तर की ओर से रात में किसी नए हमले की सूचना नहीं दी गई है.

  5. पश्चिम बंगाल, असम समेत इन पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव की तारीख़ों का एलान आज

    ज्ञानेश कुमार

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    इमेज कैप्शन, रविवार शाम चार बजे विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ़्रेंस बुलाई गई है (फ़ाइल फ़ोटो)

    निर्वाचन आयोग रविवार को पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीख़ों का एलान करेगा.

    इसके लिए शाम चार बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की गई है.

    इन राज्यों में निर्वाचन आयोग की ओर से वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न यानी एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.

    पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया विवादित रही है. इसको लेकर निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार के आमने-सामने रहे हैं.

    एसआईआर से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है.

  6. होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की ट्रंप की अपील पर कैसी प्रतिक्रिया

    स्टार्मर, तकाइची, शी, मैक्रों

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए चीन, फ़्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से युद्धपोत भेजने की अपील की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए उम्मीद जताई कि चीन, फ़्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजेंगे.

    उनकी इस अपील पर कुछ देशों ने प्रतिक्रिया दी है.

    ब्रिटेन: ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "जैसा कि हम पहले भी कह चुके हैं, हम क्षेत्र में शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने सहयोगियों और साझेदारों के साथ कई विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं."

    चीन: वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने सीएनएन से कहा कि चीन तुरंत युद्ध समाप्त करने की अपील करता है.

    प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि चीन ट्रंप के अनुरोध को स्वीकार करेगा या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा कि स्थिर और बिना किसी बाधा की ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना सभी पक्षों की ज़िम्मेदारी है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि चीन संबंधित पक्षों के साथ संवाद को मज़बूत करता रहेगा.

    जापान: अमेरिका को अपना सबसे क़रीबी सहयोगी मानने वाले जापान ने अब तक ट्रंप की अपील पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि अधिकारियों ने रविवार को जापानी मीडिया संस्थान एनएचके से कहा कि यह मुद्दा प्रधानमंत्री सनेई तकाइची के अमेरिका दौरे के एजेंडे में शामिल हो सकता है, जो बुधवार से शुरू हो रहा है.

    विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने एनएचके से कहा कि जापान केवल ट्रंप के कहने पर तुरंत नौसैनिक जहाज़ नहीं भेजेगा. अधिकारी ने कहा, "जापान अपनी प्रतिक्रिया ख़ुद तय करता है और स्वतंत्र निर्णय लेना बुनियादी चीज़ है."

    फ़्रांस: फ़्रांसीसी सरकार ने भी तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    हालांकि शनिवार को, ट्रंप के पोस्ट के कुछ घंटों बाद विदेश मंत्रालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने उन ख़बरों से इनकार किया जिनमें कहा गया था कि फ़्रांस अपने युद्धपोत होर्मुज़ स्ट्रेट भेज रहा है.

    पोस्ट में कहा गया, "नहीं, विमानवाहक पोत और उसका समूह पूर्वी भूमध्य सागर में ही रहेगा. स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. यह रुख़ रक्षात्मक है."

    दक्षिण कोरिया: ट्रंप की अपील पर दक्षिण कोरिया की ओर से भी अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

  7. ईरान की महिला फ़ुटबॉल टीम की तीन और खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का फ़ैसला बदला, रॉबर्ट ग्रीनॉल और साइमन एटकिंसन, सिडनी से

    ईरानी महिला टीम की खिलाड़ी

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    इमेज कैप्शन, आठ मार्च को फिलीपींस के ख़िलाफ़ मैच के दौरान मोना हमूदी

    ईरान की महिला फ़ुटबॉल टीम की तीन और खिलाड़ियों ने अपने देश वापस लौटने का फ़ैसला किया है. इन खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में रहने के लिए मानवीय वीज़ा दिया गया था.

    ईरानी प्रवासी समुदाय के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इन तीनों की पहचान ज़हरा सुल्तान मश्केहकर, मोना हमूदी और ज़हरा सरबली के रूप में की है.

    ईरानी टीम दो मार्च को दक्षिण कोरिया के ख़िलाफ़ एशियन कप के अपने पहले मैच में देश के राष्ट्रगान के दौरान चुप रही थी. इसके बाद ईरान में उन्हें "युद्ध के गद्दार" कहा जाने लगा.

    इस फ़ैसले की पुष्टि करते हुए ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव क़दम उठाया कि इन महिलाओं को देश में सुरक्षित भविष्य का अवसर मिल सके.

    इससे पहले ईरान के खेल मंत्रालय ने भी एक बयान में इस ख़बर की पुष्टि की थी. यह ख़बर सबसे पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़ी तसनीम न्यूज़ एजेंसी ने प्रकाशित की थी.

  8. यूएई की उड़ानों के बारे में भारत की इन एयरलाइंस ने क्या बताया

    इंडिगो और एयर इंडिया की फ़्लाइट्स

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    इमेज कैप्शन, इंडिगो और एयर इंडिया ने यूएई में अपने ऑपरेशंस में कटौती की है

    ईरान पर इसराइल और अमेरिका के हमले बाद जारी सैन्य संघर्ष के कारण भारतीय एयरलाइंस कंपनियों ने अपने संचालन में बदलाव किया है. कंपनियों ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है.

    एयर इंडिया ने एक बयान में कहा "संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एयरपोर्ट अधिकारियों के ताज़ा निर्देशों को देखते हुए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को 15 मार्च 2026 के लिए अपने अस्थायी संचालन में कटौती करने के लिए बाध्य होना पड़ा है."

    वहीं, इंडिगो ने भी यूएई में उड़ानों में कटौती और समय में बदलाव की जानकारी दी है.

    इंडिगो ने बताया, "मध्य पूर्व में बदलती स्थिति के कारण दुबई में उड़ान संचालन पर और प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है. दुबई से आने-जाने वाले यात्रियों से अनुरोध है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति ज़रूर जांच लें."

  9. ईरान जंग: अमेरिका ने मध्य-पूर्व के 14 देशों से अपने नागरिकों को निकलने के लिए कहा

    बग़दाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला

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    इमेज कैप्शन, बग़दाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों को 'तुरंत इराक़ छोड़ने' को कहा था

    ईरान की ओर से मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों से क्षेत्र के 14 देशों को छोड़ने की अपील की है.

    इससे पहले बग़दाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल गिरने की घटना के बाद शनिवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों को इराक़ छोड़ने को कहा था.

    चेतावनी में अमेरिकी दूतावास ने कहा कि नागरिक "तुरंत इराक छोड़ दें".

    दूतावास ने लिखा, "जो अमेरिकी नागरिक इराक़ में रहने का फ़ैसला कर रहे हैं, उन्हें ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया समूहों से पैदा हो रहे गंभीर ख़तरे को देखते हुए अपने फ़ैसले पर दोबारा विचार करने को कहा जाता है."

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक.अमेरिका ने शनिवार को कहा कि उसने ओमान से नॉन-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को निकलने का आदेश दिया है.

  10. पाकिस्तानी बल्लेबाज़ सलमान अली आग़ा को आईसीसी ने लगाई फटकार, लिया ये एक्शन

    सलमान अली आग़ा

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    इमेज कैप्शन, सलमान अली आग़ा ने आउट दिए जाने के बाद अपने ग्लव्स और हेलमेट फेंक दिए थे

    पाकिस्तान के बल्लेबाज़ सलमान अली आग़ा को आईसीसी ने आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में आधिकारिक तौर पर फटकार लगाई है.

    आग़ा पर यह कार्रवाई शुक्रवार को ढाका में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ खेले गए दूसरे वनडे मैच के दौरान हुए एक मामले को लेकर की गई है.

    मैच में सलमान आग़ा को बांग्लादेशी कप्तान मेहदी हसन मिराज़ ने रन आउट किया था, जिसको लेकर काफ़ी विवाद हुआ. आग़ा ने इसे 'खेल भावना के ख़िलाफ़' बताया था.

    आग़ा को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ़ के लिए आईसीसी के आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है. यह अनुच्छेद "अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट सामग्री या कपड़ों, मैदान सामग्री या अन्य वस्तुओं के साथ दुर्व्यवहार" से जुड़ा है.

    दरअसल, आउट दिए जाने के बाद पैवेलियन लौटते वक़्त आग़ा ने अपने ग्लव्स और हेलमेट सीमा रेखा के पास फेंक दिए थे. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सलमान आग़ा ने माना कि उन्होंने गुस्से में ऐसा किया था.

    इस मामले में आईसीसी ने आग़ा के 'डिसिप्लिनरी रिकॉर्ड' में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा है.

  11. ईरान युद्ध: स्विट्ज़रलैंड ने अमेरिकी सेना को नहीं दी एयरस्पेस इस्तेमाल करने की इजाज़त

    अमेरिकी लड़ाकू विमान

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    इमेज कैप्शन, स्विस सरकार ने अपने फ़ैसले के पीछे देश के 'निष्पक्षता क़ानून' का हवाला दिया है (सांकेतिक तस्वीर)

    स्विट्ज़रलैंड ने अपने हवाई क्षेत्र से अमेरिकी सेना के गुज़रने के दो अनुरोधों को ख़ारिज कर दिया है. स्विस सरकार ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. स्विट्ज़रलैंड ने ये फ़ैसला ईरान युद्ध को लेकर किया है.

    स्विस सरकार ने अपने फ़ैसले के पीछे देश के 'निष्पक्षता क़ानून' का हवाला दिया है.

    बयान में कहा गया है कि यह क़ानून "संघर्ष में शामिल पक्षों को ओवरफ़्लाइट्स (हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल) की अनुमति देने से रोकता है जो उस संघर्ष से जुड़े सैन्य उद्देश्य को पूरा करते हों".

    हालांकि स्विस सरकार ने यह भी कहा कि उसने तीन अन्य उड़ानों को अनुमति दी थी. इनमें एक उड़ान रखरखाव के लिए थी और दो परिवहन से जुड़ी थीं.

  12. पाकिस्तान ने अफ़ग़ान तालिबान के साथ जारी सैन्य संघर्ष को लेकर भारत के बयान पर क्या कहा

    ताहिर अंद्राबी

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान पर भारत के बयान के जवाब में प्रतिक्रिया दी है

    पाकिस्तान और अफ़ग़ान तालिबान के बीच जारी सैन्य संघर्ष को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान पर अब पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है.

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की टिप्पणियों को 'बेतुका, बेबुनियाद और ढोंग' बताया है.

    उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के भीतर 'आतंकवादी ठिकानों' पर पाकिस्तान के हमले को 'वैध' बताया.

    ताहिर अंद्राबी ने एक बयान में कहा, "अफ़ग़ान ज़मीन से संचालित होने वाले आतंकवादी संगठनों फ़ितना-अल-ख़्वारिज़ और फ़ितना-अल-हिंदुस्तान को भारत के समर्थन और आर्थिक संरक्षण के लिए जाना जाता है. इसलिए अफ़ग़ानिस्तान में अपने आतंकवादी नेटवर्क के नष्ट होने पर भारत की निराशा पूरी तरह समझी जा सकती है."

    पाकिस्तान ने कश्मीर मामले का ज़िक्र करते हुए भारत पर मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के उल्लंघन का भी आरोप लगाया.

    शनिवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी कर 'अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा' की थी.

    बयान में कहा गया, "यह पाकिस्तान की ओर से एक और हमला है, जो एक संप्रभु अफ़ग़ानिस्तान के विचार के ख़िलाफ़ है. भारत दोहराता है कि अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरी तरह से सम्मान होना चाहिए."

  13. डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ समझौते और सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई पर क्या बोले

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा कि कई देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद की प्रतिबद्धता जताई है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एनबीसी न्यूज़ को दिए एक टेलीफ़ोन इंटरव्यू में कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन वह अभी ऐसा करने के इच्छुक नहीं हैं क्योंकि "अभी शर्तें अच्छी नहीं हैं".

    हालाँकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि वे शर्तें क्या होंगी. ट्रंप ने कहा कि संभावित समझौते का एक हिस्सा यह होगा कि ईरान परमाणु महत्वाकांक्षाएं छोड़ने का वादा करे.

    ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के बारे में भी सवाल उठाए. मोजतबा ख़ामेनेई, ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बेटे हैं.

    ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वह ज़िंदा भी हैं या नहीं. अब तक कोई उन्हें (दुनिया को) दिखा नहीं पाया है." अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बात इसलिए कही क्योंकि ख़ामेनेई ने गुरुवार को कैमरे पर बोलने की बजाय लिखित बयान के ज़रिए अपना पहला बयान जारी किया था.

    ट्रंप ने आगे कहा, "मैं सुन रहा हूँ कि वह ज़िंदा नहीं हैं, और अगर वह ज़िंदा हैं तो उन्हें अपने देश के लिए बहुत समझदारी भरा क़दम उठाना चाहिए, और वह है सरेंडर करना."

    इसके बाद ट्रंप ने उनकी मौत की ख़बर को "अफ़वाह" बताया.

    ट्रंप ने यह भी कहा कि कई देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद करने की प्रतिबद्धता जताई है, हालांकि उन्होंने उन देशों के नाम बताने से इनकार कर दिया.

    ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात के लिए अहम केंद्र खार्ग द्वीप को "पूरी तरह तबाह" कर दिया है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा, "हम मज़े के लिए इसे कुछ और बार निशाना बना सकते हैं".

    उन्होंने तेल की बढ़ती क़ीमतों को लेकर जताई जा रही चिंताओं को भी ख़ारिज किया. उन्होंने कहा, "दुनिया में बहुत ज़्यादा तेल और गैस है. बहुत कुछ मौजूद है, लेकिन आप जानते हैं कि अभी यह थोड़ा अटका हुआ है. बहुत ज़ल्द यह रुकावट दूर हो जाएगी."

  14. नमस्कार!

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

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