रविवार के इस लाइव पेज को अब विराम देने का समय आ गया है.
इसी के साथ बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार को दीजिए इजाज़त.
सोमवार को हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर से हाज़िर होंगे.
फ़िलहाल के लिए हमारे पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें हैं, जिन्हें आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.
- सीरिया में बशर अल-असद के शासन के अंत के बाद अब आगे क्या हो सकता है?- पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
- बशर अल-असदः सुन्नी मुस्लिम बहुल मुल्क पर आधी सदी तक राज करने वाले शिया परिवार के वारिस- पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
- मोहम्मद सिराज और ट्रेविस हेड के बीच तकरार की पूरी कहानी, पूर्व क्रिकेटर्स ने ये कहा- पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
- भारत की ज़हरीली हवा को फ़िल्मों में जगह क्यों नहीं मिलती? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने किया बशर अल-असद की सत्ता के पतन का स्वागत
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, ब्रिटेन ने सीरिया में शांति और स्थिरता की अपील की है
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने सीरिया में बशर अल-असद की सत्ता के पतन
का स्वागत किया है.
किएर स्टार्मर ने कहा, “हम बशर अल-असद के बर्बर
शासन के पतन का स्वागत करते हैं.”
इसके साथ ही ब्रिटेन ने सीरिया में शांति और स्थिरता की अपील की है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा, “सीरिया में हाल के दिनों में जो घटनाक्रम हुआ है, वह अभूतपूर्व है और हम क्षेत्र
में अपने सहयोगियों से बात कर रहे हैं और स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “सीरियाई लोगों ने असद के बर्बर शासन के तहत बहुत लंबे समय
तक कष्ट झेले हैं और हम उनके जाने का स्वागत करते हैं. ”
इससे पहले रूस के विदेश
मंत्रालय ने ऐसा दावा किया था कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने देश छोड़ दिया
है.
तुर्की ने भी बशर
अल-असद को लेकर ऐसा ही दावा किया था. इसके अलावा दमिश्क पर कब्ज़ा कर चुके
विद्रोही गुटों ने भी यह कहा था कि बशर अल-असद देश छोड़ चुके हैं.
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, सीरिया के विद्रोही गुटों ने कहा है कि बशर अल-असद ने देश छोड़ दिया है
अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि बशर अल-असद कहां गए हैं. सीरिया की
राजधानी दमिश्क से कई सारी उड़ानें रवाना हुई हैं, लेकिन अभी तक यह नहीं
पता चल पाया है कि असद उनमें से किस उड़ान में सवार हैं या नहीं.
सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स मॉनिटरिंग ग्रुप के प्रमुख के अनुसार
असद एक विमान से दमिश्क हवाई अड्डे से रवाना हो गए थे. उन्होंने कहा है कि असद को
ले जाने वाला विमान स्थानीय समयानुसार रात आठ बजे रवाना हुआ था.
हालांकि वैश्विक स्तर पर विमानों की ट्रैकिंग करने वाली वेबसाइट फ्लाइटराडार24 ने उस समय
दमिश्क से किसी भी उड़ान को दर्ज नहीं किया है.
लेकिन चाम विंग्स एयरलाइन के एक विमान ने स्थानीय समयानुसार रात के लगभग एक बजे
यूएई के शारजाह के लिए उड़ान भरी थी.
ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि बशर अल-असद यूएई में हैं. लेकिन रविवार को
ही यूएई के राष्ट्रपति के एक राजनयिक सलाहकार अनवर गरगश ने कहा था कि उन्हें यह
नहीं पता कि सीरिया के राष्ट्रपति यूएई में हैं या नहीं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सीरिया के दो सैन्य अधिकारियों के दावों के हवाले से
रिपोर्ट किया है कि बशर अल-असद रविवार की सुबह ही किसी अज्ञात स्थान पर चले गए थे.
सीरिया के हालात पर फ़्रांस और जर्मनी की सरकारों ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, सीरिया में विद्रोही गुटों ने दमिश्क पर क़ब्ज़ा कर लिया है
पश्चिमी देशों ने सीरिया में बशर अल-असद सरकार के गिरने का
स्वागत किया है. फ़्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने असद की सत्ता गिराए जाने का स्वागत
किया है.
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल
मीडिया पर लिखा, “आख़िरकार एक बर्बर सरकार गिर गई. मैं
सीरियाई लोगों के साहस और उनके धैर्य की सराहना करता हूं. अनिश्चितता के इस समय
में मैं उन्हें शांति, स्वतंत्रता और एकता के लिए अपनी शुभकामनाएं भेजता हूं.
फ़्रांस मिडिल-ईस्ट में सभी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा.”
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, जर्मन चांसलर ओलाफ़
शोल्त्ज़ ने असद के पतन को “अच्छी ख़बर” कहा और सीरिया को स्थिर करने के लिए एक राजनीतिक
समाधान निकालने की अपील की.
चांसलर ओलाफ़ शोल्त्ज़ ने कहा, “बशर अल-असद ने अपने लोगों पर क्रूरता से अत्याचार
किया. असद ने कई लोगों को भागने पर मजबूर किया, जिनमें से कई लोग जर्मनी में भी
हैं.”
इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने सीरिया के हालात पर अपने वीडियो संदेश में क्या कहा?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, नेतन्याहू ने कहा है कि इसराइल सीरिया की नई उभरती ताक़तों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सीरिया की स्थिति पर एक वीडियो
संदेश जारी किया है.
नेतन्याहू ने सीरिया में बशर अल-असद की सत्ता गिराए जाने को मध्य-पूर्व क्षेत्र
के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया है. हालांकि उन्होंने कुछ ख़तरों की आशंका भी ज़ाहिर
की है.
नेतन्याहू का कहना है कि बशर अल-असद की सत्ता का जाना इसराइल की उस
कार्रवाई का नतीजा भी है जो उसने हिज़्बुल्लाह और ईरान पर की थी, क्योंकि
हिज़्बुल्लाह और ईरान असद के बड़े समर्थक हैं.
बीते दिनों इसराइल के हमलों में हिज़्बुल्लाह चीफ़ हसन नसरल्लाह की
मौत हुई थी. इसके अलावा इसराइल ने ईरान पर भी हवाई हमले किए थे.
नेतन्याहू का यह कहना भी है कि सीरिया में असद की सत्ता गिरना उन
लोगों की प्रतिक्रियाओं का नतीजा भी है जो कि अत्याचार और शोषण से आज़ाद होना
चाहते थे.
इसराइल के प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने सीरिया की सीमा पर
मौजूद अलग-अलग लोगों जैसे कि कुर्द, ड्रूज़, ईसाई और
मुसलमान जो कि इसराइल के साथ शांति से रहना चाहते हैं उनके लिए शांति का पैग़ाम
भेजा है.”
उन्होंने यह भी कहा कि इसराइल सीरिया में उभर रही नई ताकतों के साथ
एक पड़ोसी जैसे और शांतिपूर्ण संबंध चाहता है, लेकिन
अगर ऐसा नहीं होता है तो वह इसराइल और इसकी सीमा को बचाने के लिए कुछ भी कर सकते
हैं.
ईरान ने सीरिया के हालात पर जारी किया बयान, दोहराया अपना वादा
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, सीरिया में बशर अल-असद की सत्ता गिरने के बाद खुशी मनातीं एक महिला
सीरिया में विद्रोही गुटों के देश की राजधानी दमिश्क
पर क़ब्ज़ा कर लेने और राष्ट्रपति बशर अल-असद के देश छोड़ने की अटकलों के बीच ईरान
ने भी बयान जारी किया है.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया
प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखी है.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में सीरिया की एकता, राष्ट्रीय संप्रभुता और
क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के ईरान के पुराने सैद्धांतिक रुख़ को दोहराया है.
ईरान के पुराने सिद्धांत का मतलब है कि सीरिया के भविष्य का
फ़ैसला करना पूरी तरह से सीरियाई लोगों का अधिकार है, ना कि किसी बाहरी हस्तक्षेप
का.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सीरिया में
तत्काल सैन्य संघर्षों को समाप्त किए जाने की ज़रूरत है.
ईरान का कहना है, "सीरिया में समाज के सभी वर्गों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बातचीत की
शुरुआत होनी चाहिए, जिससे कि सभी लोगों की आवाज़ों को उठाने वाली एक शासन व्यवस्था
को स्थापित किया जा सके."
"सीरिया के साथ उसके गहरे संबंध रहे हैं और वह सीरिया में सुरक्षा और
स्थिरता स्थापित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा."
त्रिपुरा में क्यों दस हिंदू बांग्लादेशी नागरिकों को किया गया गिरफ़्तार?, पिनाकी दास, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, Pinaki Das.BBC
इमेज कैप्शन, त्रिपुरा में गिरफ़्तार होने वाले बांग्लादेशी नागरिक
त्रिपुरा के धलाई जिल़ा में स्थित अम्बासा रेलवे स्टेशन से रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने शनिवार को दस बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ़्तार किया.
इनमें दो हिंदू परिवारों के दस लोग शामिल हैं. इन पर ग़ैरक़ानूनी तरीके से भारत की सीमा में दाखिल होने का आरोप है. इन लोगों का आरोप है कि ये बांग्लादेश में उत्पीड़न की वजह से भागकर इधर आए हैं.
इन्हें गिरफ़्तार करने वाले जीआरपी अम्बासा के एएसआई पिंटू दास ने कहा कि ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर मिली सूचना के तहत वो ऑटो रिक्शा को चेक कर रहे थे. ये लोग ट्रेन का इंतज़ार कर रहे थे और पूछताछ के दौरान उन्होंने कबूल किया कि वो बांग्लादेश के नागरिक हैं.
अधिकारी ने बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोगों में से एक शंकर चंद्र सरकार ने बताया है कि बांग्लादेश में प्रताड़ना और धमकी की वजह से वो लोग त्रिपुरा में कमालपुर सीमा के रास्ते दाखिल हुए हैं.
शंकर ने कहा, "हमारा घर बांग्लादेश में है लेकिन उत्पीड़न की वजह से हम वहां नहीं रह सकते हैं. हमारी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और यहां तक कि मेरे काम के लिए मुझे पैसे भी नहीं मिलते हैं. मैं काम के पैसे मांगता हूं तो वो मुझे पीटते हैं."
शंकर ने कहा कि वो बांग्लादेश वापस जाने से अच्छा भारत की जेल में रहना पसंद करेंगे.
गिरफ़्तार किए गए लोगों को अम्बासा पुलिस थाने को सौंप दिया गया है. इन पर पासपोर्ट एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट समेत कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है,
इन्हें बाद में धलाई ज़िला अदालत में पेश किया गया, जहां से इनमें से सात को चेलेग्ता जेल भेज गिया गया जबकि तीन बच्चों को अगरतला के बाल सुधार गृह भेजा गया है.
अंडर-19 एशिया कप के फ़ाइनल में बांग्लादेश ने भारत को हराया
इमेज स्रोत, Bangladesh Cricket Official X Account
इमेज कैप्शन, भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया था
अंडर-19 एशिया कप के फ़ाइनल मैच में बांग्लादेश ने
भारत पर 59 रनों से जीत दर्ज कर ली है.
अंडर-19 एशिया कप का फ़ाइनल मैच रविवार को दुबई
इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया था.
एशिया कप के फ़ाइनल मैच में बांग्लादेश की टीम पूरे
समय भारत पर हावी रही. मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला
किया था.
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए बांग्लादेश की टीम ने आठ
विकेट के नुक़सान पर केवल 198 रन ही बनाए थे.
बांग्लादेश के लिए मोहम्मद रिज़ान होसैन ने सबसे
ज़्यादा 47 रन बनाए. भारत के लिए युद्धजीत गुप्ता, चेतन शर्मा और हार्दिक राज ने दो-दो विकेट लिए.
199 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम
की बल्लेबाज़ी बेहद ख़राब रही. पूरी भारतीय टीम 35 ओवरों में महज़ 139 रन पर ही
ढेर हो गई.
भारत का कोई भी बल्लेबाज़ क्रीज़ पर टिक कर खेलने में
विफल रहा. कप्तान मोहम्मद अमान ने सबसे ज़्यादा 26 रन बनाए.
बांग्लादेश के लिए इक़बाल होसैन इमान ने तीन और
कप्तान मोहम्मद अज़ीज़ुल हाकिम तमीम ने तीन विकेट लिए.
बशर अल-असद के सीरिया छोड़ने की ख़बरों पर रूस ने जारी किया बयान
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, तुर्की ने भी कहा था कि बशर अल-असद सीरिया छोड़ चुके हैं
रूस के विदेश मंत्रालय का कहना है कि सीरियाई
राष्ट्रपति बशर अल-असद ने 'सशस्त्र संघर्ष में शामिल अन्य भागीदारों' के साथ बातचीत के बाद अपना पद और देश
छोड़ दिया है.
रूसी विदेश मंत्रालय का यह भी कहना है कि बशर अल-असद
ने सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण के निर्देश भी दे दिये हैं.
रूस ने कहा है कि वह 'बशर अल-असद और अन्य भागीदारों के साथ बातचीत में शामिल नहीं था. सीरिया और उसके सैन्य अड्डे हाई अलर्ट पर हैं,
लेकिन फ़िलहाल ख़तरे से दूर हैं.'
रूस अन्य भागीदारों के साथ संपर्क में भी हैं. रूस
सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थक है.
अलेप्पो पर विद्रोही गुटों के कब्ज़ा कर लेने के बाद
रूस ने कुछ ठिकानों पर हवाई हमले भी किए थे.
सीरिया के विद्रोही गुटों ने देश की राजधानी दमिश्क
पर नियंत्रण कर लिया है. उन्होंने बशर अल-असद की सत्ता को गिराने का एलान भी कर
दिया है.
विद्रोही गुटों ने यह दावा भी किया था कि राष्ट्रपति
बशर अल-असद देश छोड़ चुके हैं. हालांकि अभी तक यह साफ़ नहीं हुआ है कि बशर अल-असद
कहां गए हैं.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बशर अल-असद दमिश्क से ही
विमान में सवार होकर सीरिया से बाहर निकल गए थे.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सीरिया के दो सैन्य अधिकारियों
के दावों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि बशर अल-असद रविवार की सुबह ही किसी अज्ञात
स्थान पर चले गए थे.
इससे पहले तुर्की ने भी यह कहा था कि बशर अल-असद
सीरिया छोड़ कर चले गए हैं. हालांकि तुर्की ने भी यह नहीं बताया था कि बशर अल-असद
कहां गए हैं.
हिरासत में यातना देने के मामले में संजीव भट्ट को कोर्ट ने किया बरी, क्या कहा?
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, संजीव भट्ट को सबूतों के अभाव में इस मामले में बरी कर दिया गया है
हिरासत में यातना देने के मामले में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी संजीव भट्ट को गुजरात की पोरबंदर की एक अदालत ने बरी कर दिया है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश पंड्या ने पोरबंदर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) भट्ट को उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दर्ज मामले में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया.
अदालत ने संजीव भट्ट को आईपीसी की धारा 326, 330 और 34 के तहत सबूतों के अभाव में बरी किया है.
संजीव भट्ट फ़िलहाल जामनगर कस्टोडियल डेथ के मामले
में और पालनपुर के एक वकील को झूठे मामले में फंसाने के आरोप में राजकोट सेंट्रल जेल में बंद हैं.
संजीव भट्ट और एक कॉन्स्टेबल पर टाडा एक्ट के एक मामले
के तहत एक अभियुक्त को पुलिस हिरासत में पीटने और उसे करंट लगाने का आरोप लगा था.
ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम ने भारत को हराकर सिरीज़ पर किया क़ब्ज़ा
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरी तरह से भारत पर हावी रही
ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने रविवार को ब्रिस्बेन में
खेले गए दूसरे वनडे मुक़ाबले में भारत को 122 रन से हरा दिया है.
इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया ने तीन वनडे मैचों की सिरीज़
को भी जीत लिया है. हालांकि तीसरा वनडे मुक़ाबला होना अभी बाकी है.
लेकिन ऑस्ट्रेलिया फ़िलहाल सिरीज़ में 2-0 से आगे है.
ब्रिस्बेन में खेले गए दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरी तरह से भारत पर हावी
रही.
मैच में टॉस जीत कर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 371 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया.
ऑस्ट्रेलिया की दो खिलाड़ियों ने शतकीय और दो खिलाड़ियों
ने अर्धशतकीय पारी खेली.
जॉर्जिया वॉल ने 101 और एलिसी पेरी ने 105 रन बनाए.
वहीं 372 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 249 रनों पर ही ऑलआउट हो
गई.
भारत के लिए रिचा घोष ने सबसे ज़्यादा 54 रन बनाए.
ऑस्ट्रेलिया के लिए एनाबेल सदरलैंड ने सबसे ज़्यादा चार विकेट चटकाए.
शंभू बॉर्डर पर किसान प्रदर्शनकारियों ने आज के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को वापस लिया
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, शनिवार को ही किसान प्रदर्शनकारियों ने दोबारा से 'दिल्ली चलो' मार्च का एलान किया था
हरियाणा और पंजाब की सीमा पर एमएसपी समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसान प्रदर्शनकारियों ने आज के 'दिल्ली चलो' मार्च को वापस ले लिया है. हालांकि उनका प्रदर्शन जारी रहेगा.
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने इसकी जानकारी दी है.
सरवन सिंह पंढेर ने कहा, "हमने आज का जत्था वापस करने का फ़ैसला किया है. लेकिन आंदोलन चलता रहेगा. एक किसान को पीजीआई भेजा गया है. आठ-नौ किसान ज़ख़्मी हुए हैं. मौसम भी ख़राब है. मीटिंग करने के बाद आगे की रणनीति बताएंगे. पुलिस ने आंसू गैस छोड़े और रबर की गोली भी चलाई है."
किसान एमएसपी की क़ानूनी गारंटी की मांग पर यह मार्च कर रहे थे. किसान आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की वजह से घायल हुए हैं.
रविवार को पुलिस ने किसानों को हरियाणा की सीमा पर ही
रोक दिया. किसानों के 101 जत्थे ने रविवार को दिल्ली मार्च का ऐलान किया था.
रविवार की दोपहर करीब 12 बजे पंजाब के किसान हरियाणा
सीमा पर पहुंचे. जहां हरियाणा पुलिस ने उनको रोक दिया.
इसके बाद किसानों को पीछे हटाने के लिए हरियाणा पुलिस
ने आंसू गैस के गोले दागे. पुलिस ने किसानों से क़ानून हाथ में ना लेने की अपील भी
की. इसके अलावा पुलिस ने किसानों पर फूल भी फेंके.
हालांकि जब किसान इसके बाद भी पीछे नहीं हटे तो पुलिस
ने दोबारा से उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े. इस कार्रवाई में अभी तक चार किसान
घायल हुए हैं.
किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली
जाना चाहते हैं लेकिन हरियाणा पुलिस उनको रोक रही है और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़
रहे हैं.
शनिवार को ही किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने दोबारा
से दिल्ली मार्च का एलान किया था.
इससे पहले शुक्रवार को भी किसानों ने दिल्ली में
प्रवेश के लिए मार्च निकाला था. हालांकि किसानों के घायल होने और सरकार से बातचीत
की कोशिश के तहत शनिवार का मार्च स्थगित करने का फ़ैसला किया गया था.
शनिवार को सरवन सिंह पंढेर ने कहा था कि केंद्र सरकार
की तरफ़ से किसानों के मुद्दों पर बातचीत के लिए कोई भी संदेश नहीं मिला है.
डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के हालात और रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या कहा?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध के कारण रूस ने सीरिया में अपनी दिलचस्पी ख़त्म कर दी है
सीरिया में विद्रोही गुट के राजधानी दमिश्क में घुसने पर अमेरिका के भावी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर टिप्पणी की है.
इसके अलावा उन्होंने रूस और यूक्रेन युद्ध पर भी अपनी
राय रखी है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ पर एक पोस्ट में लिखा, “असद चले गए हैं. वे अपने देश को छोड़ चुके हैं. पुतिन के नेतृत्व वाला रूस अब
उनको बचाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है. रूस के वहां पर (सीरिया) मौजूद होने की
कोई वजह भी नहीं थी.”
ट्रंप के मुताबिक़, “यूक्रेन युद्ध के कारण रूस ने सीरिया में अपनी दिलचस्पी
ख़त्म कर दी है. क्योंकि यूक्रेन के साथ लड़ाई में रूस के छह लाख सैनिक मारे जा
चुके हैं. रूस और ईरान अब एक कमज़ोर देश हैं.”
ट्रंप के अनुसार, “यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की रूस के
साथ युद्ध को रोकने के लिए एक समझौता करना चाहेंगे. क्योंकि यूक्रेन के भी चार लाख
सैनिक और कई सारे नागरिक मारे जा चुके हैं.”
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "रूस और यूक्रेन के बीच
तुरंत युद्ध विराम होना चाहिए और बातचीत शुरू होनी चाहिए. मैं व्लादीमिर पुतिन को
अच्छी तरह से जानता हूं. यह उनके लिए कुछ करने का समय है. चीन भी उनकी मदद कर सकता
है."
बशर अल-असद के किस देश में शरण लेने की हैं अटकलें, यूएई के राजनयिक सलाहकार क्या बोले?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, विद्रोहियों ने दावा किया है कि बशर अल-असद सीरिया छोड़ चुके हैं
सीरिया के विद्रोही गुट देश की राजधानी दमिश्क में प्रवेश कर चुके हैं और उन्होंने
दावा किया है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़ चुके हैं.
हालांकि अभी तक यह पता नहीं चला है कि बशर अल-असद सीरिया छोड़कर कहां गए हैं.
ऐसे कयास भी लगाए जा रहे हैं कि बशर अल-असद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हैं
या फिर उससे शरण मांग सकते हैं.
वहीं यूएई के राष्ट्रपति के एक राजनयिक सलाहकार अनवर
गरगश का कहना है कि उन्हें यह नहीं पता कि सीरिया के राष्ट्रपति
यूएई में हैं या नहीं.
बहरीन में मनामा डायलॉग में पत्रकारों से बात करते हुए अनवर गरगश ने असद के यूएई में शरण मांगने की अटकलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
गरगश ने यह भी कहा कि सीरिया ख़तरे से बाहर नहीं है और उस पर चरमपंथ का
ख़तरा भी बना हुआ है.
नमस्कार
अभी तक बीबीसी संवाददाता अश्वनी पासवान आप तक दिन भर की बड़ी खबरों को पहुंचा रहे थे.
अब रात के 10 बजे तक इस लाइव पेज के ज़रिए बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार आप तक लाइव की ख़बरें पहुंचाएंगे.
इस वक़्त बीबीसी हिंदी के पन्ने पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें-
- दमिश्क पहुंचे विद्रोही, सीरिया को घोषित किया 'आज़ाद', जानिए बीते 12 घंटों में क्या-क्या हुआ? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
- भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्टः क्या पिंक बॉल से खेलने के अनुभव की कमी ले डूबी टीम इंडिया को- पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- इतिहासकारों की नज़र में टीपू सुल्तान नायक या खलनायक - इस हफ़्ते की विवेचना पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- सीरिया में संघर्ष को लेकर रूस और ईरान की मीडिया में क्या कहा जा रहा है? पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सीरिया में असद की सत्ता छिनने से क्यों ख़ुश है अफ़ग़ान तालिबान?, हाफ़िज़ुल्लाह मारूफ़, बीबीसी अफ़ग़ान सेवा
इमेज स्रोत, EPA-EFE/REX/Shutterstock
इमेज कैप्शन, सीरिया पर इस्लामी विद्रोहियों ने रविवार को कब्ज़ा करने का दावा किया है.
सीरिया की सीमा अफ़ग़ानिस्तान के साथ नहीं सटती. भौगोलिक रूप से भी दोनों एकदूसरे से काफ़ी दूर है.
हालांकि
सीरिया में जारी घटनाक्रम पर तालिबान सरकार की ओर से कोई औपचारिक बयान अभी तक
नहीं आया है लेकिन सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट को देखना हैरानी से कम नहीं है.
तालिबान कट्टर सुन्नी विचारों को मानने वाले हैं. एक तालिबानी व्यक्ति ने मुझे बताया, "वैचारिक एकरूपता के कारण तालिबान सीरिया के जिहादी विद्रोहियों के लिए बहुत सहानुभूति रखते
हैं."
एक वरिष्ठ तालिबान अधिकारी के
अनुसार, तालिबान उम्मीद कर रहे हैं कि सीरिया में विद्रोही गुट ‘शरिया क़ानून लागू करेंगे’ जैसा
तालिबान सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान में लागू कर रखा है.
सीरिया में विद्रोही नेताओं ने सरकारी टीवी चैनल और रेडियो से दिए संदेश में क्या कहा
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, सीरिया में विद्रोही गुट ने कहा कि बशर अल-असद के शासन का अंत हो गया है
सीरियाई राजधानी दमिश्क पर कब्ज़े के बाद, विद्रोही गुटों ने सरकारी टेलीविज़न चैनल और रेडियो पर संदेश जारी किया है.
उन्होंने दावा किया, "हमने राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन का अंत कर दिया है."
विद्रोही गुटों ने राजनीतिक बंदियों को जेलों से मुक्त करने की भी बात कही है.
हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएएस) के नेतृत्व वाले विद्रोही गुटों ने दावा किया है कि बशर अल-असद देश छोड़ चुके हैं.
इन सबके बीच सीरिया के प्रधानमंंत्री मोहम्मद गाज़ी अल-जलाली ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा, "सीरिया एक ऐसा आम देश बन सकता है जिसके पड़ोसियों और दुनिया के दूसरे मुल्कों के साथ अच्छे संबंध हों."
शनिवार को सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स पर कब्ज़े के बाद विद्रोहियों ने रविवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क पर कब्ज़ा और असद सरकार का ख़ात्मा करने का दावा किया है.
व्हाइट हाउस ने कहा, 'सीरिया के घटनाक्रम पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन बनाए हुए हैं नज़र'
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन
सीरिया के घटनाक्रम पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया दी है. व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन सीरिया में हो रही "अप्रत्याशित घटनाओं" पर नज़र रख रहे हैं.
इधर सीरिया के प्रधानमंत्री मोहम्मद गाज़ी अल-जलाली ने कहा है कि वो दमिश्क में ही मौजूद हैं और लोगों के हित में काम करने के लिए तैयार हैं.
सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में उन्होंने कहा, "सीरिया एक आम देश की तरह बन सकता है जिसके अपने पड़ोसियों और दुनिया के दूसरे मुल्कों के साथ अच्छे संबंध हों."
वहीं विद्रोही गुट एचटीएएस ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा है कि सीरिया के शहर देर अज़ोर में सरकारी बलों ने उनके सामने हथियार डाल दिए हैं.
ये घोषणा विद्रोही गुट के शहर में प्रवेश करने की ख़बर के एक मिनट बाद आई है.
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर बोले- केंद्र सरकार की ज़िद ख़त्म नहीं हुई
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि सरकार हमारी बात नहीं सुन रही (फाइल फोटो)
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि किसान मज़दूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (गै़र राजनीतिक) का विरोध प्रदर्शन 300वें दिन में प्रवेश कर गया है.
सरवन सिंह पंढेर ने कहा, "केंद्र सरकार की ज़िद अभी तक ख़त्म नहीं हुई है. कब तक वो हमारे र्धैर्य की परीक्षा लेते रहेंगे."
उन्होंने कहा, "हमने सरकार से कहा कि हम पैदल दिल्ली जाएंगे. कल कुछ अधिकारी बॉर्डर के पास हमसे बात करने आए थे तो हमने उन्हें बताया कि हमसे एक लिस्ट ले लो. एक-एक किसान को आवाज़ लगाओ. एक-एक किसान आपके पास जाएगा."
पंढेर ने शनिवार को कहा था कि रविवार को किसान दिल्ली की ओर मार्च शुरू करेंगे.
किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों को पूरा करने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.