-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार 23 अगस्त को यूक्रेन पहुँच रहे हैं. इस दिन यूक्रेन का 'राष्ट्रीय ध्वज दिवस' भी मनाया जाता है. यह यात्रा रूस में व्लादिमीर पुतिन के साथ मोदी की मुलाक़ात के डेढ़ महीने बाद हो रही है. आखिर इस यात्रा का मकसद क्या है और क्या पीएम मोदी रूस-यूक्रेन तनाव को कम करवा सकेत हैं. पढ़िये इस विश्लेषण में.
-केरल हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज की अगुवाई वाली एक कमेटी ने कहा है कि मलयालम फ़िल्म उद्योग में "कास्टिंग काउच" बहुत गहरे तौर पर जड़ जमाए हुए है. रिपोर्ट में कहा गया है कि फ़िल्म उद्योग में विभिन्न स्तरों पर प्रवेश का मौका पाने के लिए 'समझौता' और 'एडजस्टमेंट्स' शब्दों का इस्तेमाल कोडवर्ड के रूप में किया जाता है.
इन दोनों शब्दों का मतलब है कि महिला को 'सेक्स ऑन डिमांड' के लिए खुद को उपलब्ध बनाए रखना चाहिए. आर मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के बारे में आई चिंताजनक ख़बरों से जुड़ी ये रिपोर्ट यहां पढ़ सकते हैं.
-पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट की रफ़्तार काफी धीमी हो गई है. पाकिस्तान की टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी इस बारे में चुप्पी साधे है और अब तक इस बारे में कोई साफ़ जवाब नहीं मिल पा रहा है. आखिर क्या है इसकी वजह? जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर छपी ये रिपोर्ट पढ़ सकते हैं.
-लखनऊ अपने कबाब और बिरयानी के लिए भी मशहूर है. लेकिन लखनवी कबाब-बिरयानी के 'ज़ायके' पर अब ख़तरे मंडरा रहे हैं, यहां जानिए क्यों ऐसे हालात आ गए हैं.
तो अब दीपक मंडल को इज़ाज़त दीजिए. कल सुबह एक नए लाइव ब्लॉग के साथ आपसे फिर मिलेंगे.






















