राजस्थान में भाजपा की भजनलाल शर्मा सरकार ने शनिवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं.
कैबिनेट ने पूर्व में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के बनाए सत्रह नए ज़िलों में से नौ ज़िलों को समाप्त कर दिया है. नए बनाए गए सात संभागों को भी समाप्त करने का निर्णय लिया गया है.
भाजपा सरकार ने जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, सांचौर, नीम का थाना, अनूपगढ़, गंगापुर सिटी, शाहपुरा, दूदू और केकड़ी ज़िलों को निरस्त करने का निर्णय लिया है.
भाजपा सरकार के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने प्रेस वार्ता बुलाई और इस फै़सले का विरोध किया है.
वहीं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ’’हमारी सरकार द्वारा बनाए गए नए जिलों में से नौ जिलों को निरस्त करने का भाजपा सरकार का निर्णय अविवेकशीलता और केवल राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है.’’
इससे पहले भाजपा ने एक कमिटी बनाकर नए बनाए ज़िलों और संभाग पर रिपोर्ट मांगी थी.
भाजपा का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट ने यह फै़सला लिया है.
कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार ने 23 मार्च 2023 को नए ज़िलों की घोषणा की थी. अशोक गहलोत की सरकार में बनाए गए नए सत्रह में से आठ ज़िलों को यथावत रखा गया है.
राज्य के 33 ज़िलों और सात संभाग को बढ़ाकर अशोक गहलोत सरकार ने पचास ज़िले और दस संभाग किए थे.
सरकार के इस निर्णय को लेकर वरिष्ठ पत्रकार रामगोपाल जाट मानते हैं कि कई बेहद छोटे ज़िले बनाए गए थे, जिन्हें ख़त्म होना ही था.
वह कहते हैं, "जिन ज़िलों को निरस्त किया गया है वो भौगोलिक और संसाधनों की दृष्टि से उपयुक्त नहीं थे. सरकार न तो जिला कलेक्टर मुख्यालय और न ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय बना पा रही थी. यहां तक कि इनके लिए ज़मीन तक आवंटित नहीं की गई थीं."