एक उड़ान में मीलों का सफर तय करने वाले परिंदे

इमेज स्रोत, Edwin Giesbers

आपने सफ़र तो ख़ूब किया होगा. रेलवे से, हवाई जहाज़ से, कार से, बस से, मेट्रो से, बाइक से. और, कभी-कभार पैदल भी. साइंस की तरक़्क़ी के साथ इंसान दूरी तय करने के नए-नए तरीक़े अपने लिए बनाता गया. इसलिए हज़ारों किलोमीटर की दूरी नापना, चुटकियों की बात हो गई.

मगर, दुनिया में ऐसे जानवर भी हैं जो बिना किसी साधन के हज़ारों-हज़ार किलोमीटर का सफ़र तय करते हैं. चलिए आज आपको लंबा सफ़र करने वाले ऐसे ही जानवरों से मिलाते हैं. ये ज़मीन पर भी मिलते हैं. समंदर में भी और हवाई सफ़र पर भी निकलते हैं.

मगर मुश्किल ये है कि सबसे लंबा सफ़र तय करने वाले जानवर का नाम बताना आसान नहीं. इसकी दो वजहें हैं. पहली तो ये कई जानवर टुकड़ों में अपना सफ़र तय करते हैं. कुछ होते हैं जो एक बार में पंद्रह सौ मील चल लेते हैं. वहीं कुछ दो टुकड़ों में दो हज़ार मील की दूरी तय करते हैं. ऐसे में किसके सफर को लंबा माना जाए.

दूसरी बात ये कि ज़मीन पर दूरी तय करना, हवा या पानी में सफ़र करने के मुक़ाबले ज़्यादा मुश्किल होता है. पानी में जानवरों को लहरों का साथ मिल जाता है. वहीं आसमान में उड़ते वक़्त हवा का. ज़मीन पर चलने वाले जानवर अपने बूते ही सफ़र तय करते हैं. तो सबसे लंबी दूरी तय करने वाला जानवर कौन है, ये तय करना अलग-अलग लोगों के लिए अलग अलग हो सकता है.

तो चलिए, आपको लंबी दूरी तय करने वाले जानवरों से मिलाते हैं. शुरुआत समंदर से.

इमेज स्रोत, Doug Perrine

लंबा सफ़र करने के मामले में व्हेलें काफ़ी आगे हैं. पहले माना जाता था कि ग्रे व्हेल सबसे दूर तक जाती है. मगर 2007 में हम्पबैक व्हेल ने ये ख़िताब छीन लिया. इनका पीछा करने से पता चला कि कुछ हम्पबैक व्हेलें अंटार्कटिका से कोस्टारिका तक आती हैं. ये दूरी 5160 मील या 8299 किलोमीटर है.

मगर, ग्रेट व्हाइट शार्क तो इनसे भी आगे हैं. निकोल नाम की एक शार्क दक्षिण अफ्रीका से ऑस्ट्रेलिया तक गई थी. ये दूरी 11 हज़ार किलोमीटर है. नौ महीनों के भीतर निकोल ने ये सफ़र दोबारा तय किया था, घर वापसी के लिए.

अमरीकी वैज्ञानिकों ने एक मादा लेदरबैक कछुए का पीछा किया था. इसने प्रशांत महासागर में इंडोनेशिया से अमरीका तक का सफ़र किया था, जो 20 हज़ार पांच सौ किलोमीटर है.

समंदर में बहुत से जानवर हैं जो मौसम के हिसाब से यहां-वहां आते जाते हैं. अक्सर वो ये सफ़र रात के वक़्त करते हैं, जब ख़तरा कम होता है. हालांकि इनका पीछा करना आसान नहीं.

अब बात ज़मीन पर सफ़र करने वाले जानवरों की.

पूर्वी अफ्रीका में पाए जाने वाले जंगली भैंसे सूखे और बारिश के मौसम के हिसाब से क़रीब तीन हज़ार किलोमीटर की दूरी तय करते हैं. हर साल हज़ारों की तादाद में ये भैंसे चारे-पानी की तलाश में ये दूरी तय करते हैं.

इमेज स्रोत, Bryan and Cherry Alexander

इसी तरह उत्तरी अमरीका में पाये जाने वाले हिरण, कैरिबू का सफ़र तो और भी लंबा है. ये जानवर दाना-पानी खोजते हुए क़रीब 4800 किलोमीटर दूर तक का सफ़र कर डालते हैं. शायद ये और भी लंबी दूरी तक जाएं. मगर जहां ज़मीन ख़त्म हो जाती है और समंदर शुरू हो जाता है, वहां से इनका सफ़र भी ख़त्म हो जाता है.

इससे भी लंबे सफ़र के लिए आसमान का रास्ता सबसे अच्छा है.

अमरीका में पाई जाने वाली मोनार्क तितलियों को ही लीजिए. ये मेक्सिको से कनाडा तक उड़ते हुए जाती हैं. ये दूरी ढाई हज़ार मील या क़रीब चार हज़ार किलोमीटर बैठती है. इसी तरह अफ्रीका में पाई जाने वाली लेडी बटरफ्लाई, उत्तरी अफ्रीका के रेगिस्तान से आर्कटिक तक का सफ़र तय करती है. ये दूरी 15 हज़ार किलोमीटर होती है.

भारत में पाया जाने वाले ड्रैगनफ्लाई नाम के पतंगे यहां से अफ्रीका तक जाते हैं और फिर वापस आते हैं. ये सफ़र 18 हज़ार किलोमीटर लंबा होता है.

मगर, तितलियों और पतंगों के इस सफ़र को असली सफ़र मानना ठीक नहीं. क्योंकि इनकी उम्र ही कुछ दिनों या हफ़्तों की होती है. ऐसे में इतना लंबा सफ़र कोई एक तितली या पतंगा नहीं करता. इसमें कई पीढ़िया लग जाती हैं.

इमेज स्रोत, Jussi Murtosaari

लंबी दूरी के सफ़र के मामले में परिंदों का कोई मुक़ाबला नहीं.

दुनिया का सबसे छोटा पंछी, हमिंगबर्ड भी क़रीब 1400 मील या 2200 किलोमीटर उड़ान भरता है. आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि हमिंगबर्ड एक सिक्के से भी कम हल्की होती है. इसका वज़न पांच ग्राम से भी कम होता है.

लंबी दूरी तय करने के मामले में समुद्री परिंदे वांडरिंग अल्बाट्रॉस का नाम पहली पायदान पर रखा जाता है. ये उड़ने वाला धरती का सबसे बड़ा जीव है. एक बार में ये क़रीब नौ हज़ार मील या 15, 500 हज़ार किलोमीटर की दूरी तय कर लेते हैं. इनके लंबी वक़्त तक उड़ने का सबसे बड़ा राज़ है इनका उड़ने का तरीक़ा. ये पक्षी उड़ते वक़्त अपने पंख ज़्यादा नहीं फड़फड़ाते. हवा के रुख के साथ उड़ने की वजह से इन्हें जल्दी थकान नहीं होती.

एक और परिंदा है जो अपने पंखों की मदद से लंबी दूरी तय करता है. इसका नाम है बार टेल्ड गॉडविट. अमरीकी वैज्ञानिकों ने इसका पीछा किया तो पाया कि ये पंछी न्यूज़ीलैंड से अलास्का तक का सफ़र तीन टुकड़ों में तय करते हैं. ये दूरी 30 हज़ार किलोमीटर है. जो ये परिंदे बीस दिन में तय करते हैं. न्यूज़ीलैंड या ऑस्ट्रेलिया से उड़कर ये एशिया तक आते हैं. यहां से उड़कर ये अमरीका के अलास्का प्रांत तक जाते हैं.

इमेज स्रोत, Rolf Nussbaumer

अलास्का से घर वापसी का सफ़र ये बिना रुके करते हैं. ये दूरी भी क़रीब 11 हज़ार 800 किलोमीटर बैठती है.

खाने और अंडे देने के लिए परिंदे सुरक्षित जगह तलाशते हुए लंबा सफ़र कर डालते हैं. ऐसा ही एक समुद्री पक्षी होता है सूटी शियरवाटर. ये पक्षी साल भर में खाने और प्रजनन के लिए क़रीब 64 हज़ार 300 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं. न्यूज़ीलैंड से अलास्का के बीच.

2011 में वैज्ञानिकों ने आर्कटिक में पाए जाने वाले समुद्री पक्षी टर्न के बारे में रिसर्च की. ये समुद्री परिंदे साल भर में क़रीब 30 हज़ार मील या 48 हज़ार 700 किलोमीटर दूरी तय करते हैं. आर्कटिक से ये पक्षी यूरोप आते हैं. फिर ये अंडे देने के लिए यूरोप से भी आगे निकल जाते हैं, अंटार्कटिका की ओर. इनकी तय की हुई कुल दूरी क़रीब 90 हज़ार किलोमीटर होती है.

इमेज स्रोत, Mike Read

ब्रिटिश वैज्ञानिक रिचर्ड फ़िलिप्स कहते हैं कि इन परिंदों को रहने खाने के लिए जिन चीज़ों की ज़रूरत होती है, उसी की तलाश में ये लंबा सफ़र करते हैं. बीच बीच में ये रुककर सफ़र की थकान उतारते हैं. खा-पीकर शरीर को मज़बूत करते हैं. और फिर सफ़र पर निकल पड़ते हैं. वैसे आर्कटिक में पाए जाने वाले ये समुद्री पक्षी, सारे के सारे ऐसे नहीं होते कि इतना लंबा सफ़र करें. कुछ आस-पास की दूरी में ही सिमटकर रहते हैं.

अभी हाल के रिसर्च के बाद इन परिंदों के लंबे सफ़र का रिकॉर्ड भी टूट गया. एक आर्टकिट टर्न का पीछा करने पर पता चला कि ये ब्रिटेन के फार्न आइलैंड्स से अंटार्कटिका तक गया और फिर वापस आया. ये सफ़र 59 हज़ार 600 मील या 96 हज़ार किलोमीटर लंबा था. यानी आर्कटिक टर्न ने अपने ही भाई-बिरादर का रिकॉर्ड तोड़ डाला.

भीड़ से बचने के लिए ये परिंदा कुछ ज़्यादा दूर नहीं निकल गया!

(अंग्रेज़ी में मूल लेख पढ़ने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.com/earth/story/20160719-meet-the-animals-that-travel-farther-than-any-other" platform="highweb"/></link> करें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी अर्थ</caption><url href="http://www.bbc.com/earth/uk" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक कर </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)