बिन लादेन कंपाउंड पर कब्ज़े को लेकर तनातनी

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    • Author, एम इलियास ख़ान
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद

पाकिस्तान के एबटाबाद स्थित वह कंपाउंड एक बार फिर विवादों में है, जहां अलक़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन मारे गए थे.

स्थानीय अधिकारी वहां बच्चों के लिए खेल का मैदान बनाना चाहते हैं जबकि सेना उस कंपाउंड में कब्रिस्तान बनाना चाहती है.

उस कंपाउंड पर नियंत्रण के लिए दोनों गुटों में तनातनी हो रही है. बुधवार को सेना ने कंपाउंड में चारदीवारी बनवा दी है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों में रोष देखा जा रहा है.

मई, 2011 में इसी कंपाउंड में अमरीकी सेना के एक अभियान में बिन लादेन मारे गए थे. लादेन अपने परिवार के साथ गुप्त रूप से इस परिसर में बनी तीन मंजिली इमारत में कई सालों से रह रहे थे.

इस अभियान के बाद यह कंपाउंड खाली पड़ा हुआ था. पूरा कंपाउंड करीब 38 हज़ार वर्ग फीट का है जिसकी बाज़ार में अनुमानित क़ीमत दो करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है.

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बिन लादेन की मौत के बाद इस कंपाउंड को ख़ैबर पख्तून प्रांत सरकार के हवाले कर दिया गया था, इसके बाद यहां चारों तरफ़ से बाउंड्री वाल का निर्माण कराया गया ताकि यह जेहादियों के बीच तीर्थस्थान ना बन जाए.

इसके बाद इस ज़मीन का इस्तेमाल आस पड़ोस के लोग बाग ही कर रहे थे. लेकिन एबटाबाद केंटोनमेंट बोर्ड (सीबीए) ने मई में इस जमीन पर कब्ज़ा कर लिया और उसके बाद जाली का घेरा भी लगाया हालांकि स्थानीय प्रशासन के दखल के बाद सेना ने फिर ज़मीन खाली कर दी.

कैंटोनमेंट बोर्ड सेना की संस्था होती है जो सैन्य ज़िलों में निजी और सार्वजनिक निमार्ण कार्यों को देखती है. बीते सप्ताह सीबीए ने एक बार फिर से इस ज़मीन पर कब्ज़ा जमा लिया है. इस बार निर्णायक तौर पर बोर्ड की ओर से तीन फ़ीट ऊंचा घेरा भी बना लिया गया.

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सीबीए काउंसिल के सदस्य बशीर ख़ान ने बीबीसी को बताया कि इस जमीन पर कब्रिस्तान बनाया जाएगा. उन्होंने कहा, “स्थानीय लोगों के लिए नज़दीक में कोई कब्रिस्तान नहीं है, उसकी जरूरत है.”

लेकिन ख़ैबर पख़्तून के सूचना मंत्री मुश्ताक घनी ने इस योजना को ख़ारिज करते हुए कहा कि यह ज़मीन आबादी के बीच में स्थित है, लिहाजा कब्रिस्तान के उपयुक्त नहीं है.

घनी के मुताबिक प्रांत की सरकार को उम्मीद है कि इस ज़मीन पर बच्चों के लिए खेल का मैदान बनेगा.

उन्होंने कहा, “खेल के मैदान के अलावा लोग जनाजे की नमाज़ के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. यहां के लोगों के पास ना तो खेल का मैदान है और ना ही जनाजे की नमाज़ के लिए जगह.”

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स्थानीय लोगों के अपने विचार भी हैं. कुछ लोग इस ज़मीन पर लड़कियों का स्कूल बनवाने की मांग कर रहे हैं. वहीं कुछ सैन्य अधिकारी इस मैदान पर मनोरंजन पार्क बनवाना चाहते हैं ताकि कुछ आमदनी भी हो सके.

हालांकि हर कोई यही चाहता है कि यहां जो भी बने, उसे ओबामा बिन लादेन से जोड़कर नहीं देखा जाए. एबटाबाद के स्थानीय पत्रकार ने कहा, “कब्रिस्तान एक सुरक्षित दांव होगा तब शायद ही कोई उसे बिन लादेन कब्रिस्तान कहेगा.”

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