भारत से लौटना नहीं चाहते बांग्लादेशी नेता

इमेज स्रोत, OTHER
- Author, शुभज्योति घोष
- पदनाम, बीबीसी बांग्ला, दिल्ली
भारत में बीते नौ महीने से रह रहे बांग्लादेश के पूर्व मंत्री सलाउद्दीन अहमद अपने वतन लौटना नहीं चाहते.
अहमद फ़िलहाल शिलॉन्ग में अपना इलाज करवा रहे हैं. उनकी इच्छा है कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए भारत के दूसरे शहर जाने दिया जाए या फिर सिंगापुर भेज दिया जाए.
उन पर भारत में ग़ैरक़ानूनी तरीके से घुसने का आरोप है और शिलॉन्ग के बाहर जाने पर प्रतिबंध है.
सलाउद्दीन अहमद बांग्लादेश में विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता हैं, वे वहां मंत्री रह चुके हैं.

इमेज स्रोत, AFP
उनका कहना है कि उन्हें बांग्लादेश की राजधानी ढाका में किसी ने एक दिन पकड़ लिया, आंखों पर पट्टी बांध कर अपहरण कर लिया. आंख खुलने पर उन्होंने अपने आप को भारतीय शहर शिलॉन्ग में पाया.
भारतीय पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया. उन्हें ज़मानत मिली, पर शिलॉन्ग के बाहर जाने पर रोक लगा दी गई.

इमेज स्रोत, FACEBOOK
उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा है कि वे बांग्लादेश लौटना नहीं चाहते, पर इजाज़त मिली तो वे सिंगापुर जाना चाहते हैं.
अहमद ने बीबीसी से कहा, "मैं सिंगापुर में जहां अपना इलाज करवाता था, वहीं इलाज कराना मेरे लिए बेहतर होता. अगर यह मुमकिन नहीं है तो मुझे दिल्ली या किसी दूसरे शहर जाने की अनुमति मिले, ताकि मैं अपने दिल और किडनी का इलाज करवा सकूं. मेरे वकील ने अदालत में इसकी अर्ज़ी दी है."
अहमद शिलॉन्ग में एक गेस्टहाउस में किराए पर रहते हैं. वहां उनके रिश्तेदारों के अलावा पार्टी के दूसरे नेता और कार्यकर्ता उनसे मिलने बीच बीच में आते रहते हैं.

इमेज स्रोत, RISING BD
वे कहते हैं, "बीबी-बच्चे बहुत ज्यादा यहां नहीं आते हैं, पर देश के कोने कोने से पार्टी कार्यकर्ता और दूसरे परिचित लोग स्नेहवश आते रहते हैं. कोर्ट-कचहरी और अस्पताल के अलावा मैं और कहीं नहीं जाता. पर इंटरनेट के ज़रिए अपने देश से जुड़ा रहता हूं और वहां की ख़बरें अख़बार पत्रिका वगैरह से जानता रहता हूं."
सरकारी वकील आईसी झा ने बीबीसी से कहा, "अहमद के मामले में दो लोगों की गवाहियां होनी है, उसके बाद उनका बयान दर्ज होगा, फिर अभियोग पत्र दाख़िल कर दिया जाएगा. देर इसलिए हो रही है क्योंकि वे अपना जुर्म क़बूल नहीं कर रहे हैं."
अदालत में अगले हफ़्ते उनके मामले की सुनवाई होनी है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












