'हमलावर जिहाद और शहादत की बातें करते थे''

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अमरीका के सैन बर्नारडिनो हमले के दोषी दंपत्ति एक-दूसरे से मुलाक़ात से पहले से चरमपंथ से प्रभावित थे.
अमरीकी एजेंसी एफ़बीआई ने यह सूचनाएं जारी की हैं.
सैन बर्नारडिनो में हुई गोलीबारी में 14 लोगों की मौत हुई थी जबकि 17 अन्य घायल हुए थे.

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एफ़बीआई निदेशक जेम्स कोमी का कहना है कि तशफ़ीन मलिक और उनके पति सैयद रिज़वान फ़ारूक 2013 में ऑनलाइन डेटिंग के दौरान ज़िहाद और शहादत की बातें किया करते थें.
जांच एजेंसी का मानना है कि दोनों किसी विदेशी चरमपंथी संगठन से प्रेरित थे.
पिछले हफ़्ते हुआ यह हमला 9/11 के बाद अमरीका में सबसे खतरनाक चरमपंथी हमला माना जा रहा है.

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हमले के बाद चले पुलिस अभियान के दौरान गोलीबारी में पति-पत्नी मारे गए थे.
जेम्स कोमी ने दंपत्ति को 'देसी हिंसक चरमपंथी' बताया और कहा कि वे विदेशी चरमपंथ से कितने प्रभावित थे, इस बारे में फ़िलहाल जांच हो रही है.
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