'रूस, तुर्की मतभेद छोड़ आईएस से लड़ें'

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राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि रूस और तुर्की को मतभेद किनारे रखकर आईएस से लड़ना चाहिए जो दोनों का दुश्मन है.

इस बीच ब्रिटेन और जर्मनी ने चरमपंथी संगठन आईएस से लड़ने के लिए योजना तैयार की है. लेकिन कहा है कि वो तभी लागू की जा सकेंगे अगर इन्हें संसद की स्वीकृति मिल जाती है.

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने सोमवार को आरोप लगाया था कि तुर्की ने रूस के एक लड़ाकू विमान को इसलिए गिराया क्योंकि वो सीरिया में आईएस के तेल की सप्लाई का फ़ायदा उठाना चाहता है.

तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दावुतोग्लु ने लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटना को रोकने के लिए बातचीत होनी चाहिए.

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रूस ने तुर्की से होने वाले आयात पर रोक लगा दी है. ये रोक अगले माह से लागू होगी.

जर्मनी की मंशा है कि फ्रांस के आग्रह के बाद वह अपने लड़ाकू विमान, नौका और 1200 सिपाही आईएस के ख़िलाफ़ युद्ध में भेजे.

हालांकि ये सीधे तौर पर लड़ाई में शामिल नहीं होंगे.

ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने सांसदो से अपील की है कि आईएस पर बमबारी करने की योजना पर मुहर लगाएं.

विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने कहा है कि वो सीरिया में बमबारी के विरूद्ध है लेकिन उनकी पार्टी के संसद अपने हिसाब से वोट दे सकते हैं.

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