मलाला से मिलने का सपना हुआ पूरा

अनवारुल्लाह

कराची के 17 साल के अनवारुल्लाह एक दुर्लभ क़िस्म के फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित हैं.

डॉक्टरों का कहना है कि वो अब ज़्यादा कुछ नहीं कर सकते लेकिन अनवारुल्लाह को अभी बहुत सारे काम करने हैं.

उन्हें कई ऐसे लोगों से मिलना है, जिन्हें वह हीरो समझते हैं.

और नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफ़ज़ई इन्हीं चंद लोगों में हैं, जिनसे मिलने अनवारुल्लाह कराची से ब्रिटेन के बर्मिंघम पहुंचे.

उनके मुताबिक़ यह मुलाक़ात किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं है.

अनवारुल्लाह कहते हैं, "मलाला ने पाकिस्तान की तालीम के लिए जो संघर्ष किया है, उससे न सिर्फ़ पाकिस्तान का नाम रोशन हुआ बल्कि पश्तून क़ौम का सिर भी फ़ख्र से बुलंद कर दिया है."

अनवारुल्लाह और मलाला

17 साल की मलाला यूसुफ़ज़ई का नाम उस वक़्त अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनाई पड़ा जब पाकिस्तान के क़बायली इलाक़ों में लड़कियों की शिक्षा की मुहिम चलाने के कारण उन्हें तालिबान के जानलेवा हमले का सामना करना पड़ा.

महीनों तक ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने वाली मलाला को अपनी सोच के कारण शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया और अब वह दुनिया के बहुत सारे बच्चों के लिए एक आदर्श हैं.

मलाला कहती हैं कि जो कुछ ग़लत हो रहा है, उसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना बहुत अहम है.

मलाला कहती हैं, "बहुत सारे बच्चे मुझे एक रोल मॉडल की तरह देखते हैं. यह बहुत ही इज़्ज़त और ख़ुशी की बात है. मैं हर दिन सीखती हूँ और हर दिन मुझे कुछ नया सीखने को मिलता है."

अनवारुल्लाह और मलाला

वे आगे कहती हैं, "मैं चाहती हूँ कि बच्चे मुझसे ये सीखें कि जब भी आपके आसपास कुछ बुरा हो रहा है तो आप उसके ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद करें."

अनवारुल्लाह मलाला से मिले तो ढेर सारी बातें कीं और उनके साथ अपनी पसंद के खेल भी खेले.

अनवारुल्लाह का लंबे समय से इलाज चल रहा है. डॉक्टर भी अब ज़्यादा उम्मीद नहीं बंधा पा रहे हैं लेकिन उनके जज़्बे को देखकर उनकी ख़राब सेहत का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है.

मलाला कहती हैं, "अनवारुल्लाह बहुत ही बहादुर बच्चा है. उससे मिलकर बहुत खुशी हुई. उसने मुझसे मिलना चाहा, यह बहुत इज़्ज़त की बात है. "

मलाला यूसुफ़ज़ई

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वहीं अनवारुल्लाह का कहना है कि उन्होंने मलाला से वो सब सवाल किए, जो वे जानना चाहते थे.

उन्होंने बताया, "मैंने मलाला से पूछा कि जब आपको नोबल पुरस्कार मिला और इतनी शोहरत मिली तो उसके बाद आपने क्या महसूस किया?"

मेक ए विश फ़ाउंडेशन ने अनवारुल्लाह की मलाला से मुलाक़ात का इंतज़ाम कराया.

अनवारुल्लाह का कहना है कि जब वह अपने वतन वापस जाएंगे तो लोगों को बताएंगे कि इतनी शोहरत के बाद भी मलाला बहुत सहज और मिलनसार हैं.

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