सीरिया संकट: बातचीत में शरीक होगा ईरान

जावेद ज़रीफ

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ईरान के विदेश मंत्री जावेद ज़रीफ़ सीरिया संकट के समाधान के लिए विएना में होने वाली बहुपक्षीय बातचीत में हिस्सा लेंगे.

ईरान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मर्ज़ीह अफ़ख़म ने बताया, "हमने न्योते की समीक्षा की है और ये फ़ैसला किया गया है कि विदेश मंत्री बातचीत में हिस्सा लेंगे."

ये पहला मौका होगा जबकि ईरान अमरीका के साथ किसी ऐसी बैठक में शरीक होगा.

इस बातचीत में रूस, सऊदी अरब और तुर्की के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे.

मिस्र और इराक ने भी बैठक के लिए मिले आमंत्रण को स्वीकार करने की पुष्टि की है.

शुक्रवार को सीरिया पर बातचीत का मुख्य दौर होने की उम्मीद है लेकिन राजनयिकों का ये भी कहना है कि गुरुवार शाम को शुरुआती दौर की बातचीत हो सकती है.

सीरिया

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इमेज कैप्शन, सीरिया में जारी संघर्ष में अब तक ढाई लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं

अमरीका अब तक सीरिया को लेकर स्पष्ट नीति तैयार नहीं कर सका है.

सीरिया के विपक्ष ने आगाह किया है कि विएना में होने वाली मीटिंग में ईरान के शरीक होने से स्थितियां जटिल हो जाएंगी.

बीबीसी के कूटनीतिक संवाददाता जेम्स रॉबिन्स के मुताबिक अमरीका सीरिया पर होने वाली बातचीत में ईरान के शरीक होने को लेकर बहुत उत्साहित नहीं है लेकिन अब वो उसके दखल को मंजूर कर लेगा.

सीरिया में रूस का पायलट

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ईरान की न्यूज एजेंसी फार्स के मुताबिक ज़रीफ़ ने विएना बातचीत में हिस्सा लेने को लेकर मंगलवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बातचीत की.

ये माना जाता है कि ईरान ने बीते चार सालों में सीरिया की बशर अल-असद सरकार की मदद के लिए अरबों डॉलर खर्च किए हैं.

ईरान और रूस ने हाल में सीरिया संघर्ष में अपनी सैन्य भूमिका का विस्तार किया है.

रूस ने बीते महीने के आखिर में राष्ट्रपति असद के समर्थन में हवाई हमले शुरू किए थे.

रूस और ईरान का कहना है कि सीरिया के लोगों को ये तय करने का हक़ होना चाहिए कि वहां कौन सरकार चलाए और राष्ट्रपति असद की बदलाव में भूमिका होनी चाहिए.

इस बीच रूस ने कहा है कि उसके लड़ाकू विमानों ने 24 घंटे के दौरान सीरिया में 'चरमपंथियों' के 118 ठिकानों को निशाना बनाया है.

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