इन शिकायतों से कैसे निपटेंगे शरीफ़-ओबामा

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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अमरीका में मुलाक़ात है. ये मुलाक़ात ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों की एक दूसरे से शिकायतों की सूची बढ़ती जा रही है.

कुछ अहम मुद्दों पर नज़र

  • अमरीका ने कैरी लूगर बिल के तहत पाकिस्तान को मिलने वाली रक़म रोक रखी है.
  • अमरीका में पाकिस्तान से नाराज़ लोग उसे मिलने वाली सैन्य मदद को बंद करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान के लिए ये रक़म बहुत अहम है.
  • छोटे लेकिन प्रभावी परमाणु हथियार बनाते रहने की पाकिस्तान की घोषणा ने अमरीका को चिंता में डाला है.
  • अमरीका पाकिस्तानी परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर बार-बार चिंता जताता रहा है.
  • पाकिस्तान ने कहा है कि उसके परमाणु हथियार भारत से मुक़ाबले के लिए हैं.
  • अमरीका चाहता है कि पाकिस्तान अफ़गान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को बातचीत की मेज़ पर लाने में अपने असर और रसूख का इस्तेमाल करे.
  • लेकिन पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ कहते हैं कि अफ़ग़ान अधिकारियों और तालिबान की एक दौर की बातचीत पाकिस्तान में हुई है लेकिन जब अफ़ग़ान सरकार पाकिस्तान पर दोषारोपण में लगी है, तो फिर कैसे पाकिस्तानी सरकार बातचीत में आए गतिरोध को दूर कर सकता है.
  • अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अमरीकी सैनिकों की संख्या और वहां के सुरक्षा हालात भी दोनों नेताओं की बातचीत में अहम होंगे.
  • इसके अलावा, पाकिस्तान ये भी साफ़ कर चुका है कि अमरीकी राष्ट्रपति से मुलाक़ात में कश्मीर के मुद्दे को भी उठाया जाएगा.

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