अंकारा में दो धमाके, 86 की मौत

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तुर्की की राजधानी अंकारा के मुख्य रेलवे स्टेशन पर दो ज़बरदस्त विस्फोटों में 86 लोग मारे गए हैं और 200 लोग घायल हुए हैं.
धमाका उस समय हुआ, जब लोग कुर्द चरमपंथियों पर हमले बंद करने के लिए सरकार से माँग कर रहे थे.
वीडियो फ़ुटेज में देखा जा सकता है कि धमाके के वक़्त युवा कार्यकर्ता मुस्कुराते हुए हाथ पकड़े खड़े हैं और गाना गा रहे हैं. घटनास्थल पर मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लोगों ने सरकार को धमाकों के लिए दोषी ठहराया है और वहाँ आए मंत्री को भला-बुरा कहा.
सरकार ने इसे आंतकवादी हमला बताया है.

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उधर धमाकों के कुछ घंटों बाद, प्रतिबंधित कुर्द गुट पीकेके ने घोषणा की है कि उसने नवंबर चुनाव से पहले अपने लड़ाकों से सभी सैन्य अभियान रोकने के लिए कहा है. गुट ने अपने बयान में कहा है कि जब तक उसके लड़ाक़ों पर हमला नहीं होगा तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
ख़ून से लथपथ लोग

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इससे पहले धमाकों के बाद स्थानीय टेलीविज़न तस्वीरों में दिखाया गया कि लोग ज़मीन पर ख़ून से लथपथ पड़े हुए हैं और लोगों में बदहवासी छाई है.
कई ट्रेड यूनियनों ने देश में फैली हिंसा और कुर्दिश चरमपंथियों पर हो रहे तुर्की सरकार के हमलों के ख़िलाफ़ रैली का आयोजन किया था.
सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों में कई लाशें बिखरी दिख रही हैं.
एचडीपी था निशाने पर?
समझा जाता है कि कुर्दिश संगठन पीकेके के ख़िलाफ़ हो रही सरकारी कार्रवाई ख़त्म करने की मांग को लेकर हो रहे शांति मार्च को निशाना बनाया गया था.
इस रैली में कुर्दिश समर्थक पार्टी एचडीपी के लोगों के भी शामिल होने की संभावना थी.
इसके पहले इसी साल जून में एचीडीपी की दियारबाकिर इलाके में हुई रैली को भी निशाना बनाया गया था.
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