रूस की 'दखलअंदाज़ी' पर नैटो करेगा चर्चा

इमेज स्रोत, AP
बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में नैटो देशों के रक्षा मंत्री गुरुवार को सीरिया संघर्ष में रूस के बढ़ते सैन्य हस्तक्षेप पर बातचीत करेंगे.
ये बैठक नैटो के सदस्य तुर्की के इन आरोपों के बाद बुलाई गई है जिसमें कहा गया है कि रूस के लड़ाकू विमानों ने हवाई सीमाओं का उल्लंघन किया है.
रूस ने सीरियाई नेता बशर अल असद के समर्थन में अपने जंगी जहाजों से कई ठिकानों पर मिसाइलें भी दागी हैं.
हालाँकि रूस ने पश्चिमी देशों के आरोपों का खंडन किया कि उसने सिर्फ़ असद के विरोधियों को निशाना बनाया है.
<link type="page"><caption> पढ़ें: तुर्की ने रूस के लड़ाकू विमान को रोका</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2015/10/151005_turkey_stops_russian_warplane_hk" platform="highweb"/></link>
रूस का इरादा

इमेज स्रोत, Reuters
बीबीसी के रक्षा संवाददाता जोनाथन मार्कस का कहना है कि नैटो यह स्पष्ट करना चाहता है कि वह हर चुनौती का जवाब देगा.
दूसरी तरफ़ रूस ये दिखाना चाहता है कि सीरिया में पश्चिम की नीतियां विफल रही हैं और वहाँ राष्ट्रपति बशर अल असद का समर्थन करने की आवश्यकता है.
रूस सीरिया संघर्ष में अमरीका को बैकफ़ुट पर लाना चाहता है. बुधवार को रूस ने क्रूज मिसाइल हमले से ज़्यादा कुछ हासिल नहीं किया और यही काम वो हवाई हमलों से भी कर सकता था.
लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन विश्व स्तर पर अपनी ताक़त दिखाना चाहते हैं कि उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












