आईएस से जुड़े लोगों और संगठनों पर प्रतिबंध

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अमरीका ने कहा है कि वह इस्लामिक स्टेट से जुड़ी संस्थाओं और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगा रहा है ताकि आईएस के वित्तीय स्रोत खत्म हो जाएं.
अमरीका ने चार ब्रितानी और तीन फ्रांसीसी नागरिकों समेत कुछ लोगों और समूहों को विदेशी चरमपंथी लड़ाकों की श्रेणी में शामिल किया.
ये घोषणा उसी दिन हुई जब अमरीका के राष्ट्रपति ओबामा ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अंत में आईएस से निपटने के लिए एक सम्मेलन का आयोजन किया.

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राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि आईएस को सीरिया में हराना तभी संभव हो पाएगा अगर राष्ट्रपति बशर अल असद सत्ता छोड़ दें.
अमरीका ने कुल 35 लोगों और संगठनों पर विदेशी चरमपंथी लड़ाके होने के लिए प्रतिबंध और जुर्माना लगाया है.
रूस की आलोचना

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जिन लोगों को विदेशी चरमपंथी लड़ाके घोषित किया गया है वे रूस, फ्रांस और ब्रिटेन के नागरिक हैं.
रूस, जो इस महीने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है, वह चरमपंथ से निपटने के लिए अपनी बैठक भी आयोजित कर रहा है
मंगलवार को रूस ने संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के चरमपंथ विरोधी सम्मेलन की ये कह कर आलोचना की थी कि इस सम्मेलन का मतलब है खुद संयुक्त राष्ट्र के इस दिशा में किए गए प्रयासों को कमतर आंकना.
इसके अलावा फ्रांस के विदेश मंत्री ने कहा कि रूस ने आईएस पर हमला करने की बात तो बहुत की है लेकिन अभी तक इस संगठन के खिलाफ़ कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.
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