नेता के हुक्म पर उप प्रधानमंत्री का 'क़त्ल'

उत्तर कोरिया के उप प्रधानमंत्री चो यॉन्ग गोन

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दक्षिण कोरिया की सरकार का कहना है कि वो उत्तर कोरिया के उप प्रधानमंत्री चो यॉन्ग गोन की हत्या पर आ रही ख़बरों पर नज़र रखे हुए है.

ख़बरों के अनुसार गोन की हत्या उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के आदेश पर मई में की गई थी. दक्षिण कोरिया की न्यूज़ एजेंसी 'योनहैप' की रिपोर्ट के अनुसार गोन, किम जोंग-उन की 'वनीकरण नीति से खुश नहीं थे.'

योनहैप के अनुसार किम जोंग-उन के शासन में उत्तर कोरिया में अब तक क़रीब 70 अधिकारियों की हत्या की जा चुकी है.

हालांकि बीबीसी इन ख़बरों की पुष्टि नहीं कर सका है क्योंकि उत्तर कोरिया अधिकतर दक्षिण कोरिया की ख़बरों से सहमत नहीं होता है.

दिसंबर में दिखे आख़िरी बार

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन

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दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय का कहना है कि गोन को आख़िरी बार दिसंबर में सार्वजनिक तौर पर देखा गया था.

हत्या का बहुत थोड़ा सा विवरण योनहैप ने दिया था जो उत्तर कोरिया में हो रही घटनाओं पर अक्सर सबसे पहल ख़बर प्रकाशित करता है.

गोन निर्माण और निर्माण सामग्री उद्योग के उप मंत्री भी रह चुके थे. उन्होंने दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में कई व्यापार वार्ताओं में उत्तर कोरिया का प्रतिनिधित्व किया था.

पिछले साल जून में सात लोगों को उप प्रधानमंत्री बनाया गया था जिसमें से गोन भी एक थे.

विशेषज्ञों के अनुसार उनकी पदोन्नति को उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच बेहतर संबंध की कोशिश के रूप में देखा जा रहा था.

कई अधिकारियों की हत्या

दक्षिण कोरिया के ख़ुफिया विभाग के अनुसार अप्रैल में किम जोंग-उन के आदेश पर इस साल के शुरुआती चार महीनों में क़रीब 15 अधिकारियों की हत्या हो चुकी है.

वहीं मई में उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री होन यॉन्ग चोल की एंटी-कायरक्राफ़्ट बंदूक से हत्या कर दी गई थी. आशंका जताई गई थी कि वो कथित रूप से किम जोंग-उन के प्रति वफादार नहीं थे.

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