कामकाजी जीवन में असंतुलन का ख़ामियाज़ा

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मेरीडेथ गिल्मोर का आईफ़ोन हमेशा बजता ही रहता है, लेकिन बीते 2 जून को यह कुछ ज़्यादा ही बजने लगा.
इसकी एक वजह थी. अमरीकी नेशनल फ़ुटबॉल लीग की टीम कैरोलिना पैंथर्स ने कैम न्यूटन के साथ छह सालों का कॉन्ट्रेक्ट 10.38 करोड़ डॉलर में साइन किया था. ऐसे में अमरीकी मीडिया का हर नेटवर्क कैम न्यूटन का बाइट या इंटरव्यू चाहता था.
गिल्मोर कैम न्यूटन की पब्लिक रिलेशन टीम को संभालती हैं. लिहाजा उनके फ़ोन का बजना स्वभाविक ही था.
गिल्मोर बताती हैं, "हर कोई कैम का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू चाहता था. मेरे पास 70 ईमेल भी आए थे."
बदली प्राथमिकताएं
कुछ साल पहले यही गिल्मोर सब कुछ छोड़कर उन ईमेल का जवाब देने में जुट जाती थीं, लेकिन 38 साल की उम्र में पहुंचने पर उनकी प्राथमिकताएं बदली हैं.
उन्होंने तब तक किसी भी ईमेल का जवाब नहीं दिया जब तक अपने 9 साल के बेटे को तैयार करके, उसे स्कूल तक नहीं छोड़ा.
गिल्मोर बताती हैं, "बच्चे का समय मैं उसे देती ही हूं."
एक दौर था जब गिल्मोर अहम बैठकों में भाग लेने के लिए दुनिया भर में भागती रहती थीं. तब वह डिज़ाइनर जूते और एक्सेसरीज़ बनाने वाले ब्रैंड कोले हान में वरिष्ठ अधिकारी थीं.

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हर वक्त फ़ोन कॉल्स का जवाब देने के लिए वह तैयार रहती थीं.
लेकिन कुछ साल पहले गिल्मोर ने महसूस किया कि कामकाजी ज़िंदगी और घर परिवर के बीच संतुलन नहीं है.
उन्होंने घर-परिवारवालों के कई बर्थडे मिस कर दिए, यानी, अपने दफ़्तरी काम पर उन्होंनें जिंदगी-परिवार का लगभग हर बड़ा दिन कुर्बान कर दिया.
उन्होंने अपना करियर बनाने में कड़ी मेहनत की थी और अपनी जगह बनाने के लिए ख़ासा संघर्ष किया था और वो इसे ऐसे ही त्यागना नहीं चाहती थीं.
लेकिन उन्होंने अपना कॉरपोरेट करियर छोड़ दिया. अब वह मॉडर्न ग्लोबल कम्यूनिकेशन चलाती हैं. उनकी कंपनी दुनिया के कुछ बड़े स्पोर्ट्स स्टार को मैनेज करती है.
इसमें शामिल है कैम न्यूटन और टेनिस स्टार मारिया शारापोवा और नेशनल फ़ुटबॉल लीग के कोलीन कैपरनिक.
पेशेवर व्यस्तता का आलम
कोले हान के साथ काम करने के दौरान उनका परिवार सहकर्मी और फ़्लाइट अटेंडेंट होते थे. हर सप्ताह वे तीन दिन की हवाई यात्रा करती थीं- यूरोप और एशियाई देशों की. जब वे हवाई जहाज पर नहीं होती थीं, तब वे ट्रेन में होती थीं.

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बहरहाल उनके बेटे का जन्म निर्धारित समय से आठ सप्ताह पहले हो गया, तब वह एक कारोबारी दौरे पर थीं. जब उन्हें प्रसव के लिए ले जाया गया तो तब उन्होंने अपने पति मार्क को फ़ोन किया. मार्क क्लाउड टेक्नालॉजी पार्टनर्स के मुख्य आर्किटेक्ट हैं. गिल्मोर ने उनसे कहा कि जितनी जल्दी हो सके अस्पताल में पहुंचे. पांच घंटे की दूरी पर थे मार्क.
गिल्मोर ने कहा, "मार्क पागलों की तरह गाड़ी चलाकर पहुंचे. वे किसी तरह से वहां पहुंच गए."
बेटे के जन्म के तीन महीने के बाद, गिल्मोर अपनी कामकाजी दुनिया में वापस पहुंच गईं. लेकिन तब वह अपने बेटे को केवल सप्ताहांत में देख पाती थीं. आम दिनों में केवल रात में ही वे बेटे की झलक देख पातीं थीं.
वह अपने बेटे को पहली बार चलता नहीं देख पाईं थीं. वह उसका बर्थ डे भी मिस कर जातीं. गिल्मोर हर चीज़ मिस करने लगीं, जो उनके लिए काम नहीं था.
गिल्मोर बताती हैं, "हर कामकाजी मां को इसका अफसोस होता है."
लेकिन गिल्मोर नौकरी नहीं छोड़ना चाहती थीं. वह बताती हैं, "मैंने इतनी मेहनत से अपना करियर बनाया था, तो मैं नौकरी में बने रहना चाहती थी. लेकिन मैं अपने बच्चे के साथ समय नहीं बिता पा रही थी."
हालांकि जब मौका मिलता गिल्मोर अपने बेटे के साथ स्कूल जाती और शिक्षकों से मिलतीं.
चमक दमक वाली नौकरी छोड़ी
लेकिन आख़िर में उन्होंने अपना पब्लिक रिलेशन कंपनी बनाने का फ़ैसला लिया. गिल्मोर के मुताबिक कारपोरेट नौकरी के अनुभवों के चलते ही वह इस फ़ैसले तक पुहंच पाईं.

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2008 की आर्थिक मंदी के दौर में उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी. तब बेटा महज तीन साल का था. मंदी के दौर पर पब्लिक रिलेशन कंपनी को काम मिलेगा या नहीं यह भी तय नहीं था.
गिल्मोर ने पहला फ़ोन मारिया शारापोवा को किया. कोले हान में काम करने के दौरान वह शारापोवा के कपड़ों पर काम कर चुकी थीं. लिहाजा शारापोवा ने उनकी कंपनी को अनुबंधित कर लिया.
अचानक से बदली दुनिया
लेकिन घर परिवार और कामकाजी जिंदगी में संतुलन नहीं बन पा रहा था. नवंबर, 2014 में गिल्मोर को स्ट्रोक हुआ.
गिल्मोर उस दिन अपने पति के साथ बर्केशयर के पहाड़ी इलाके में अपनी सबसे अच्छी दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए गई थीं. वह उसी दिन एक कामकाजी हवाई यात्रा से लौटी थीं और उस दिन सुबह-सुबह जॉगिंग करते हुए उन्होंने आठ मील की लंबी दौड़ भी लगाई.

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शादी का जश्न सुबह चार बजे तक चलता रहा. जब वह होटल के अपने कमरे में पहुंचीं तभी उनकी आखों के सामने अंधेरा छाने लगा. उन्होंने स्ट्रोक हुआ था. उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों के मुताबिक हालत बेहद गंभीर थी.
एक बार तो गिल्मोर के पति मार्क अपने बेटे के साथ गिल्मोर के बेड तक उन्हें बाय भी कहने आए.
गिल्मोर बच गईं. लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक उनके शरीर के बाएं हिस्से में पैरालिसिस हो सकता था. डॉक्टरों के मुताबिक गिल्मोर की आंखों की रोशनी भी जा सकती थी. मतलब कोई चमत्कार ही उन्हें बचा सकता था.
गिल्मोर कई सप्ताह तक बोलने की स्थिति में नहीं थीं. वह बमुश्किल कोई काम कर पाती थीं. लेकिन धीरे धीरे उन्होंने वापसी शुरू की.
वापसी की मुश्किल राह
तब तक गिल्मोर का काम उनके स्टाफ़ के आठ लोग संभालते रहे. इस दौरान शारापोवा उनकी हालत के बारे में लगातार पूछती रहीं.
दौरा पड़ने के दो महीने बाद गिल्मोर ने ईमेल के जवाब देने शुरू किए. फोन पर बात करने लगीं. पांच महीने के बाद उन्होंने हवाई यात्रा शुरू की.
लेकिन इस दौरान उनकी जिंदगी बदल गई. अब वह अपने स्टॉफ़ पर ज़्यादा निर्भर करती हैं. अब यात्राएं भी कम करती हैं और बेटे के साथ ज़्यादा समय बिताती हैं.

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वे मानती हैं कामकाजी व्यवस्तता ने ही उन्हें जिंदगी में वापसी लौटने में मदद की.
बेहतर हुई ज़िंदगी
गिल्मोर अब पूरी तरह ठीक हो चुकी हैं और दिन में काम पर भी जाने लगी हैं. पहले वह सुबह 6 बजे उठ जाती थीं और सुबह के समय में ईमेल चेक करती थीं, उनके जवाब देतीं और एयरपोर्ट की तरफ भागतीं. लेकिन अब वह अपने बेटे को स्कूल के लिए तैयार करती हैं. साथ में दोनों नाश्ता करते हैं. बेटे के होमवर्क को देखती हैं. फिर उसे स्कूल तक छोड़ने जाती हैं.
फिर वह वापस लौटने के बाद ईमेल चेक करती हैं और जवाब देती हैं. बेटे के आने तक काम करती हैं और उसके बाद बेटे को खाना खिलाती हैं. शाम में बेटे को फुटबॉल खेलन ले जाती हैं.

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बेटा जब तक खेलता रहता है, तब तक वह अपना काम भी करती रहती हैं. रात के आठ बजे के बाद वह कोई काम नहीं करतीं. कोई फोन भी नहीं उठातीं. अब वह परिवार के लोगों के साथ डिनर करती हैं. पार्टी में भी मौजूद होती हैं.
इतना ही नहीं, अब वह दुनिया भर की यात्राएं भी नहीं करतीं. हालांकि विंबलडन जैसे टूर्नामेंट के लिए उन्हें यात्राएं करनी ही होती हैं.
लेकिन उन्होंने अपनी कामकाजी जिंदगी और परिवार के बीच संतुलन बना लिया है और वह पहले की तरह इस नई जिंदगी में भी कामयाब हैं.
<italic><bold>अंग्रेज़ी में <link type="page"><caption> मूल लेख</caption><url href="http://www.bbc.com/capital/bespoke/story/20150717-a-fractured-life-reassembled/index.html" platform="highweb"/></link> यहाँ पढ़ें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी कैपिटल</caption><url href="http://www.bbc.com/capital" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.</bold></italic>
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