कुर्दों ने आईएस से एक और शहर जीता

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कुर्द सेना का कहना है कि उन्होंने उत्तरी सीरिया के एक और शहर को इस्लामिक स्टेट के क़ब्ज़े से छुड़ा लिया है.
ये शहर चरमपंथियों के मुख्यालय रक़्क़ा से सिर्फ़ पचास किलोमीटर दूर है.
कुर्द बलों के एक प्रवक्ता के मुताबिक, ऐन इस्सा शहर और इसके आसपास के गांव अब उनके पूरे क़ब्ज़े में हैं.
कुर्द बलों को सीरियाई सेना और अमरीकी नेतृत्व में किए जा रहे हवाई हमलों की मदद भी मिल रही है.
आईएस को पीछे खदेड़ा

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पिछले हफ्ते कुर्द बल वाईपीजी ने तुर्की की सीमा पर स्थित तल अबयाद शहर पर भी क़ब्ज़ा कर लिया था.
जनवरी में कुर्दों ने इस्लामिक स्टेट को चार महीने चले संघर्ष के बाद कुबानी शहर से खदेड़ दिया था. तब से आईएस लगातार हार का सामना कर रहा है.
सीरिया पर नज़र रखने वाली ब्रिटेन स्थित संस्था 'द सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स' के मुताबिक, वाईपीजी और सीरियाई विद्रोही लड़ाके सोमवार को ब्रिगेड 93 सैन्य अड्डे पर कब्ज़ा करके ऐन इस्सा की तरफ बढ़े.
वाईपीजी प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि मंगलवार दोपहर तक उन्होंने ऐन इस्सा और आसपास के गांवों पर भी कब्ज़ा कर लिया.
उधर मंगलवार को ही आईएस ने कुछ तस्वीरें छापी हैं जो उसके मुताबिक पल्माइरा के ऐतिहासिक अवशेषों के पास ही स्थित एक इस्लमिक पवित्र स्थल के विध्वंस की हैं.
इन तस्वीरों में चरमपंथियों को इन स्थलों को बम से उड़ाते हुए दिखाया गया है.
पिछले हफ्ते, द सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी ने कहा कि आईएस ने पल्माइरा के अवशेषों को आसपास विस्फोटक और बारूदी सुरंगे बिछा दी हैं.
नागरिक भोग रहे हैं कष्ट

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दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं ने सीरियाई संघर्ष में आम नागरिकों को जानबूझ कर निशाना बनाने की सभी पक्षों की रणनीति की आलोचना की है और कहा है कि इससे लोगों को जो कष्ट और पीड़ा सहनी पड़ रही है उसे बयां नहीं किया जा सकता.
सीरिया में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के स्वतंत्र आयोग के प्रमुख पाउलो पिन्हेरो ने कहा कि इस लगातार बढ़ते हिंसा के चक्र का निशाना आखिरकार आम नागरिक ही बनते हैं.
उन्होंने कहा कि चूंकि सरकार के पास ज़्यादा हथियार और हवाई नियंत्रण होता है, इसलिए सरकारी बल ही सबसे ज़्यादा क्षति पहुंचाते हैं.
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