श्रीलंकाः प्रदर्शनकारी पुलिस हिरासत में

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श्रीलंका में एक मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह को दो सप्ताह तक हिरासत में रखने के आदेश दिए हैं.
18 साल की स्कूली बच्ची विद्या शिवयोगनाथन की पहले बलात्कार और फिर हत्या की घटना के बाद से प्रदर्शन जारी है.
प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए मामले में संदिग्धों को तुरंत सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं.
पिछले कई दिनों से चल रहा यह विरोध प्रदर्शन बुधवार को हिंसक हो उठा. इसके बाद पुलिस ने करीब 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में किया.

9 स्थानीय लोग को संदिग्ध के बतौर हिरासत में लिया गया है.
प्रमुख शहर जाफना में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी दुकानें और स्कूल बंद कर दिए गए हैं.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जाफना के नजदीक पुंगुदुथिवु की रहने वाली विद्या की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई.
खासकर तमिल उत्तरी और पूर्वी इलाके में न्याय की मांग करता हुआ ये प्रदर्शन व्यापक होता जा रहा है. इसकी तुलना श्रीलंका में लंबे चले गृह युद्ध से भी की जा रही है.

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तनाव को देखते हुए उत्तरी सूबे के मुख्यमंत्री ने हिंसक आंदोलन को खत्म करने की अपील की है.
इस विरोध प्रदर्शन को पिछले 15 सालों अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक आंदोलन माना जा रहा है.
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