'महाभारत' दिखाने वाले मंगोलिया में क्या ख़ास?

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मंगोलिया से भारत के रिश्ते यूं तो लगभग ढाई हज़ार साल पुराने हैं. लेकिन मंगोलिया का नाम लेते ही बहुत से लोगों के ज़हन में चंगेज़ ख़ान का नाम ही सबसे पहले आता है.

भारत और भारतीयों के लिए वो एक हमलावर थे, लेकिन मंगोलिया के लिए एक महान शासक जिसने 13वीं सदी में मंगोल साम्राज्य की नींव डाली.

इस साम्राज्य में मौजूदा चीन से लेकर मध्य एशिया, ईरान, इराक, तुर्की और यूरोप में पोलैंड की सीमा तक का इलाका समाया था. भारत में भी मंगोलों ने दस्तक दी थी.

लेकिन ये बातें 800 साल पुरानी हैं. दुनिया बहुत बदल गई है. अब जानकार मंगोलिया को एक ऐसा देश मानते हैं जो रूस और चीन जैसे ताकतवर देशों के बीच 'सैंडविच' बना है.

क्षेत्रफल में ये भारत का लगभग आधा है लेकिन उसकी जनसंख्या सिर्फ़ 28 लाख के आसपास है.

वैश्विक कूटनीति में भी मंगोलिया और उसकी राजधानी उलनबाटोर का जिक्र कभी कभार सुनने को मिलता है. लेकिन प्राकृतिक संसाधनों के मामले में ये बहुत संपन्न है.

भारत से रिश्ते

भारत ने 1955 में मंगोलिया के साथ राजनयिक संबंध क़ायम किए और वो सोवियत संघ के बाहर ऐसा पहला देश था जिसने मंगोलिया की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया.

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दोनों देशों के रिश्ते दोस्ताना रहे हैं. मंगोलिया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्यता के दावे का समर्थन करता है.

इससे पहले 1971 में उसने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के दौरान भारत का समर्थन किया था.

जानकार मानते हैं कि मंगोलिया भी चाहता है कि रूस और चीन के परे भी, वो अपनी साझीदारियों का दायरा बढ़ाए.

बॉलीवुड की लोकप्रियता

दुनिया भर की तरह मंगोलिया में भी हिंदी फ़िल्मों की लोकप्रियता बढ़ रही है. 'महाभारत' धारावाहिक को मंगोलियाई भाषा में डब करके वहां टीवी पर भी प्रसारित किया जा चुका है.

हालांकि वहां रहने वाले भारतीयों की संख्या बहुत ही कम है. 28 लाख की आबादी में लगभग दो सौ भारतीय हैं.

भारत में रहने वाले मंगोलियाई लोगों की तादाद 500 से ज़्यादा है और इनमें से 300 छात्र हैं.

मंगोलिया के कई राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भारत का दौरा करते रहे हैं, लेकिन भारत का कोई प्रधानमंत्री पहली बार उलनबाटोर पहुंचा है.

इससे पहले 2011 में तत्कालीन भारतीय राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने मंगोलिया की राजधानी दौरा किया था.

उलन बाटोर की ख़ासियत

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वैसे कुछ बातें उलनबाटोर को अन्य शहरों से अलग बनाती है. ये दुनिया की सबसे ठंडी राजधानी है.

सर्दियों में वहां आइसक्रीम कागज के बॉक्स में रखकर बेची जाती है ताकि खाने लायक बनी रहे.

जनवरी के महीने में वहां तापमान -36 से -40 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है.

दुनिया का सबसे छोटा शेयर बाजार उलनबाटोर में है. दुनिया में घोड़े की सबसे बड़ी प्रतिमा भी इसी शहर में है, जिस पर बैठे हुए चंगेज खान की प्रतिमा है. कुल मिलाकर प्रतिमा 131 फुट ऊंची है.

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