'मुसलमान जहां भी हैं हथियार उठाएं'

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इस्लामिक स्टेट ने नेता अबू बकर अल बग़दादी के नाम से एक ऑडियो संदेश जारी किया है.
हालांकि ऑडियो की प्रामाणिकता साबित नहीं हुई है लेकिन अगर ये सही है तो हाल के महीनों में बग़दादी का ये पहला ऑडियो संदेश होगा.
टेप में मुसलमानों से सीरिया और इराक़ जाने की अपील की गई है. दोनों मुल्कों के बड़े हिस्से पर आईएस ने क़ब्ज़ा कर रखा है और उसे ख़िलाफ़त का हिस्सा मानता है.
यमन में हो रहे संघर्ष का ज़िक्र इस बात की पुष्टि करता है कि टेप नया है.
कहा गया है: इस्लामिक स्टेट प्रवास न करने का मुसलमानों के पास कोई बहाना नहीं है .. उसमें (लड़ाई में) शामिल होना हर मुसलमान का फ़र्ज़ है. हम आपसे कह रहे हैं कि या तो हमारे साथ शामिल हों या जहां कहीं भी हों लड़ाई के लिए हथियार उठाएं."

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जानकारों का कहना है कि आवाज़ बग़दादी की तरह ही लगती है लेकिन इसकी जांच अभी नहीं हुई है.
बग़दादी जीवित है या नहीं?
हालांकि अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं के हवाई हमलों के बाद बग़दादी के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है कि वो जीवित है या नहीं.
हाल के दिनों में ख़बरें आ रही थीं कि एक अमरीकी हमले में बग़दादी की मौत हो गई है. हालांकि अमरीका ने हमला करने की बात क़बूल की लेकिन कहा कि जिस वाहन पर हमला किया गया था उसमें बग़दादी के होने का कोई सबूत उसके पास नहीं.
ये संदेश ऐसे समय में आया है जबकि आईएस यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल पल्मीरा के काफी नज़दीक पहुंच चुका है. पल्मीरा मध्य पूर्व के प्रमुख पुरास्थलों में से एक है.
सीरिया के पुरातत्व मामलों के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यदि संगठन ने पल्मीरा पर कब्ज़ा किया तो वो वहां मौजूद धरोहरों को नष्ट कर देगा.
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