ज़ुकरबर्ग चाहते हैं इंटरनेट खुला रहे

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- Author, मार्क ज़ुकरबर्ग
- पदनाम, संस्थापक, फेसबुक
पिछले साल मैं चंदौली गया था, जो उत्तर भारत का एक छोटा सा गांव है और कुछ समय पहले ही इंटरनेट से जुड़ा था.
गांव की एक कक्षा में मुझे मौका मिला बच्चों के उस समूह से बात करने का, जो इंटरनेट का इस्तेमाल करना सीख रहे थे.
ये एक अद्भुत अनुभव था. ये सोचना कि इस छोटे से कमरे में कोई एक ऐसा छात्र हो सकता है जिसके पास ऐसा कोई बड़ा आइडिया हो जो दुनिया को बदल सकता है और अब वो ऐसा कर सकते हैं इंटरनेट के ज़रिए.
इंटरनेट आर्थिक और सामाजिक प्रगति के अत्यंत शक्तिशाली औज़ारों में से एक है. यह लोगों को मौका, ज्ञान और नौकरियां दिलाता है.
समाज की आवाज़

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यह समाज के उन लोगों को आवाज़ देता है जिनके पास कोई आवाज़ नहीं है और ये उन लोगों को जोड़ता है जिनके पास स्वास्थ्य और शिक्षा के महत्वपूर्ण संसाधन हैं.
मैं मानता हूं कि दुनिया के हर व्यक्ति को ये मौके मिलने चाहिए.
कई देशों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के सामने बड़ी आर्थिक और सामाजिक बाधाएं हैं. इंटरनेट हर आदमी के बजट में नहीं है और कई जगहों पर इसकी महत्ता के बारे में जानकारी भी कम है.
महिलाओं और गरीबों को तो इससे वंचित रखे जाने की आशंका सबसे अधिक होती है और इस कारण उनका सशक्तिकरण भी रुक जाता है.
यही वजह है कि हमने internet.org बनाया था. यह हमारा प्रयास था पूरी दुनिया को जोड़ने का.
मुफ़्त में नेट

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अलग-अलग देशों में मोबाइल ऑपरेटरों और सरकारों के साथ साझेदारी में Internet.org स्थानीय भाषाओं में लोगों को इंटरनेट की बुनियादी सुविधाएं मुफ्त में मुहैया कराता है, मसलन, नौकरी, स्वास्थ्य, शिक्षा और संदेश के क्षेत्र में. Internet.org कम ख़र्च में जानकारी मुहैया कराता है.
हमने अच्छी खासी प्रगति की है और हम अभी नौ देशों में 80 करोड़ लोगों तक Internet.org के ज़रिए मूलभूत इंटरनेट सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध करा पा रहे हैं.
भारत में हमने रिलायंस नेटवर्क के साथ मूलभूत सेवाएं फ्री में शुरू की हैं जिसका फायदा तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल और तेलंगाना में लोग उठा रहे हैं.
हमने आज ही (17 अप्रैल को) इंडोनेशिया में इंडोसैट नेटवर्क के साथ ये सेवा शुरू की है.
हमारी आलोचना करने वालों का कहना है कि कुछ सेवाएं मुफ़्त में देना नेट निष्पक्षता की भावना के खिलाफ़ है. मैं इससे कतई सहमत नहीं हूं.
नेट निष्पक्षता

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हम पूरी तरह नेट निष्पक्षता का समर्थन करते हैं. हम चाहते हैं इंटरनेट खुला रहे. नेट निष्पक्षता यह सुनिश्चित करती है कि नेटवर्क ऑपरेटर किसी के भी साथ ये भेदभाव न करें.
यह खुले इंटरनेट की प्रमुख ज़रुरत है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं.
नेट निष्पक्षता इस बात के खिलाफ नहीं है कि हम इस दिशा में काम करें कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग नेट से जुड़ें.
दो सिद्धांत- यूनिवर्सल कनेक्टिविटी और नेट न्यूट्रैलिटी –दोनों एक साथ रह सकते हैं और इन्हें रहना ही चाहिए.
ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ये उपयोगी होगा कि कुछ सेवाएं फ्री में दी जाएं. अगर कोई इंटरनेट के लिए पैसा नहीं दे सकता तो अच्छा ये होता है कि उसे थोड़ी सुविधा मिले न कि वो पूर्ण रूप से कनेक्शन से वंचित हो जाए.
हर आदमी को मिले मौका
Internet.org न तो किसी को ब्लॉक करता है और न ही किसी सेवा को तेज़ करता है. ये कभी ऐसा नहीं करेगा.

हम सभी मोबाइल ऑपरेटरों के लिए खुले हैं और किसी को हमसे जुड़ने से रोक नहीं रहे हैं. हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक इंटरनेट प्रोवाइडर हमसे जुड़ें ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग नेट से जुड़ सकें.
इस दुनिया के हर आदमी को इंटरनेट के मौके मिलने चाहिए और हम सभी को उनकी क्रिएटिविटी, उनकी सोच और उनकी प्रतिभा से फायदा होगा जो अभी तक नेट से नहीं जुड़े हैं.
हमारे सामने पहली बार एक ऐतिहासिक मौका है दुनिया में अरबों लोगों से जुड़ने का. हम सभी को एक साथ मिलकर इसे साकार करना चाहिए.
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