कैमरा लगाओ, पुलिस भगाओ!

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- Author, ब्रजेश उपाध्याय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, वॉशिंगटन
अमरीका में पुलिस को एक बड़ी ट्रेनिंग की ज़रूरत महसूस हो रही है—कैमरे से बचने की ट्रेनिंग की.
साउथ कैरोलाइना में एक अदद कैमरे ने पुलिसवाले की नौकरी तो ले ही ली, उसे जेल भी पहुंचा दिया. कितनी बड़ी नाइंसाफ़ी है ये.
पुलिसवालों का तो काम ही है गोली चलाना, वर्ना इतनी बढ़िया पिस्टल और बंदूकें किस काम आएंगी. हाथ में बंदूक हो, दनादन फ़ायरिंग हो तभी तो रौब पड़ता है पुलिस का.
इस मामले में पुलिसवाले ने एक गाड़ी को रोका, गाड़ी एक काला आदमी चला रहा था. हिम्मत तो देखें उसकी अमरीका में रहता है, काला है और गाड़ी चला रहा है और ऊपर से गाड़ी की पिछली लाइट टूटी हुई थी—इतना बड़ा गुनाह?
जांबाज़ पुलिसवाले ने वर्दी की कसम खाई और दौड़ पड़ा उस काले आदमी के पीछे और भागते-भागते आठ गोलियां मारीं उसे—इतना बड़ा जुर्म करके अगर वो बच जाता तो?
सज़ा
मीडिया और मानवाधिकार वाले ज़्यादा शोर न मचाएं इस वजह से बेचारे पुलिसवाले ने मरे हुए काले आदमी के पास जाकर अपना टेज़र गन भी गिरा दिया जिससे ये कहा जा सके कि वो टेज़र गन छीनकर भाग रहा था. इसे कहते हैं प्रोफ़ेशनल पुलिस. एनकाउंटर ऐसा करो कि दुनिया भर की पुलिस उससे सबक सीखे और अमल में लाए.

लेकिन सारी मेहनत पर एक फ़ोन कैमरे ने पानी फेर दिया. एक बित्ते भर की चीज़ ने दुनिया की सबसे ताक़तवर पुलिस को धूल चटा दिया. नौकरी तो गई ही, तीस साल की जेल या क्या पता फ़ांसी भी हो सकती है.
अब यही साहब थे जिनपर 2013 में भी ज़रूरत से कहीं ज्यादा बल प्रयोग का आरोप लगा था लेकिन तब किसी कैमरे ने उन्हें रिकॉर्ड नहीं किया और वो बाइज्ज़त बरी हुए.
इस बार भी अगर ये कैमरा नहीं होता, तो लोग चीखते-चिल्लाते, नारे लगाते, थोड़ा बहुत तोड़-फोड़ करते और फिर बयान आता कि जूरी ने उन्हें बेगुनाह पाया है.
सर्वे

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कुछ दिनों पहले हुए एक सर्वे के अनुसार 60 प्रतिशत गोरे अमरीकियों ने कहा कि यहां की पुलिस पर उन्हें पूरा भरोसा है, वो कभी क़ानून नहीं तोड़ते, किसी को नहीं सताते और सबके साथ प्यार से पेश आते हैं. ये कैमरा अब उन भले लोगों की सोच को भी मटमैला न कर दे.
ये वो लोग हैं जिन्हें काले लोगों का बहुत ख़याल है क्योंकि जब भी एक काला आदमी पुलिस की गोली से मरता है तो यही बेचारे हैं जो सबका ध्यान असली समस्या की तरफ़ खींचने की कोशिश करते हैं. यही लोग कहते है कि एक गोरे पुलिस ने काले आदमी को मार दिया तो इतनी हाय-तौबा क्यों, काले लोगों की गोली से काले कहीं ज़्यादा मरते हैं, उसपर ध्यान दिया जाना चाहिए.
कैमरा
अब तो इस कैमरे की कामयाबी ने हरेक पुलिसवाले की वर्दी पर एक कैमरा लगाने की मांग को और तेज़ कर दिया है. किसी और ने तो ये सलाह भी दी है कि हर काले आदमी या फिर वो जो थोड़ा भी गोरे अमरीका से अलग दिखता हो घर से बाहर निकलने से पहले गले में एक कैमरा ज़रूर लटका ले.

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एक पत्रिका ने लिखा है: अमरीका को अब अपने आप पर गर्व होना चाहिए क्योंकि जबतक कोई भूला-भटका, कहीं से गुज़रते हुए, जाने अनजाने इस तरह की घटनाओं को अपने कैमरे में कैद करेगा, कम से कम तब तक इंसाफ़ का सर बुलंद रहेगा!
कोई बड़ी बात नहीं कि आनेवाले दिनों में कपड़े और जूते पहले से ही फ़िटेड कैमरों के साथ बिकने लगें—टैग लाइन होगा: कैमरा लगाओ, पुलिस भगाओ.
लेकिन ऐसे में बिचारी पुलिस काम कैसे करेगी. मेरी समझ से तो अब पुलिसवालों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक क़ानून बनवाने की ज़रूरत है जिसके तहत सार्वजनिक स्थलों पर कैमरे का प्रयोग वर्जित होगा. कोशिश करने में हर्ज़ नहीं है. सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पीने पर बैन लग सकता है तो कैमरे पर क्यों नहीं!
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