क्या होता है गैर मुसलमान के हिजाब पहनने पर?

जेसी एगन, इलिनॉय

फ्रांस जैसे पश्चिमी जगत के देशों में हिजाब एक नाज़ुक बहस का मुद्दा है. लेकिन उन पर क्या बीतती है जिनके लिए ये एक आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है?

अमरीका के इलिनॉय में रहनेवाली एक ईसाई महिला जेसी एगन के मन में भी यही सवाल उठा. उन्होंने जो किया वो अमरीकी समाज में धार्मिक सौहार्द और धर्मनिरपेक्षता का एक अनोखा उदाहरण बन गया है.

बीबीसी संवाददाता एना ब्रेसनिन जेसी एगन से मिलने इलिनॉय पहुंचीं.

पीर पराई जाने ना....

ईसाई धर्म में लेंट सबसे अहम और पवित्र त्योहार है. चालीस दिन तक ईसाई आस्थावान लोग ईसा मसीह के उन दिनों को याद करते हैं जिनमें वे रेगिस्तान में उपवास रखते हुए प्रार्थना कर रहे थे. मिथक कहते हैं कि इस दौरान शैतान ने कई बार ईसा मसीह को भटकाने का विफल प्रयास भी किया.

<link type="page"><caption> वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें</caption><url href="https://www.youtube.com/watch?v=0AbqFRNFtfo" platform="highweb"/></link>

प्रार्थना और सादगीपूर्ण आचरण के ज़रिए ईसाई लेंट के दौरान आज भी उन चालीस दिनों के दौरान अपने पैग़म्बर के आचरण को दोहराते हैं.

लेकिन जेसी एगन ने इस वर्ष लेंट के दौरान कुछ अलग किया. उन्होंने पूरे 40 दिन तक हिजाब पहना जिसे इस्लाम से जोड़कर देखा जाता है और फिर अपने अनुभव एक ब्लॉग ‘#40डेज़ऑफ़हिजाब’ पर दर्ज किए.

ईसाई होकर लेंट के छह हफ़्तों के दौरान मुस्लिम महिलाओं की तरह जेसी के आचरण की अमरीकी समाज में ख़ूब चर्चा हुई और ईसाई और इस्लाम दोनों संप्रदायों के लोगों ने इस पर जमकर विवाद किया.

लेकिन इलिनॉय के पेओरिया में इमागो डेई चर्च में बच्चों की संयोजक जेसी 40 दिन तक हिजाब पहनने को सांप्रदायिक एकता क़ायम करने की एक पहल के रूप में देखती हैं.

वो कहती हैं, “दरअसल मैं मज़हबी एकता बढ़ाना चाहती थी और हिजाब पहनकर ये देखना चाहती थी कि सामाजिक हाशिए पर होने का एहसास कैसा होता है.”

हैरानगी और तारीफ़

जेसी बताती हैं कि जब पहली बार उन्होंने हिजाब पहना तो उनकी बेटी को कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन जब वो बेटे को लेने स्कूल गईं तो वो उनसे दूर चला गया.

वो कहती हैं, “मैं जानती हूं कि ईरान में कुछ महिलाएं केवल हिजाब ही नहीं बल्कि अनिवार्य रूप से इसे पहनने के ख़िलाफ़ खड़ी हुई हैं और मैं उनका समर्थन भी करती हूं. मुझे लगता है कि एक महिला को अधिकार है कि वो हिजाब पहने या न पहने.”

जेसी एगन का परिवार
इमेज कैप्शन, जेसी एगन अपने पति और दो बच्चों के साथ.

जेसी की इस अनोखी पहल पर उनके दोस्त भी हैरान रहे. सायरा रत्तांसी मुस्लिम हैं और जेसी की अच्छी दोस्त हैं. वो कहती हैं, “ये क़ाबिले तारीफ़ है. जेसी के लिए ये आसान नहीं रहा होगा, लेकिन इसने तमाम गैर मुस्लिमों को हिजाब के बारे में जानने का मौक़ा दिया है.”

लेकिन जब सायरा से ये पूछा गया कि क्या वो धार्मिक एकता की मिसाल क़ायम करने के लिए कोई ऐसा काम करेंगी जो इस्लाम में मान्य न हो और दूसरे धर्म के लोग वैसा करते हों.

इस पर सायरा का कहना था कि कि वो 40 दिन तक हिजाब नहीं हटाना चाहेंगी.

ईसाई होने के नाते सिर को छह हफ़्ते तक ढक कर रखना जेसी के लिए एक नया अनुभव था और आसान भी नहीं था.

नफ़रत भरे संदेश

जेसी के सामने दूसरी समस्या थी हिजाब पहनकर चर्च में बच्चों के लिए काम करना. वो बताती हैं कि हिजाब पहनने के पहले ही दिन उन्हें चर्च के पादरी से मिलना था और वो थोड़ा संकोच महसूस कर रही थीं, उन्हें ये जानकर अच्छा लगा कि चर्च के पादरी जस्टिन हाइट उनके मक़सद का समर्थन कर रहे थे.

जेसी एगन इलिनॉय के इमागो डेई चर्च में बच्चों की संयोजक हैं.
इमेज कैप्शन, जेसी एगन इलिनॉय के इमागो डेई चर्च में बच्चों की संयोजक हैं.

जेसी के इरादों को ठीक से समझने के बाद पादरी जस्टिन हाइट ने बताया, “हम चर्च के नियमों को लेकर बहुत कठोर नहीं हैं. जेसी को हमारा पूरा समर्थन है. हो सकता है कुछ लोगों को जेसी का लुक अजीब लगे, लेकिन जहां तक मुझे पता है ज़्यादातर लोगों ने उन्हें नापसंद नहीं किया है.”

हालांकि जेसी के लिए हिजाब के साथ 40 दिन बिताने का फ़ैसला सामाजिक और धार्मिक नज़रिए से मुश्किल भी रहा.

अपने अनुभव साझा करते हुए वो बताती हैं, “रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कई लोग मुझे हैरानी भरी नज़रों से देखते हैं, कई ईसाइयों ने मुझे भला-बुरा कहा है.”

हालांकि जेसी अपने इस प्रयोग को लेकर बेहद उत्साहित हैं और धार्मिक एकता की स्थापना की दिशा में इसे एक अच्छा क़दम मानती हैं.

वो कहती हैं कि जो भी लोग उन्हें इंटरनेट पर भला बुरा कह रहे हैं, उन्हें उनके साथ भी प्रेम करना सीखना है ताकि अंतरधार्मिक एकता को एक नया आयाम मिल सके.

<bold>(</bold><bold>बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </bold><bold>यहां </bold><bold><documentLink href="" document-type=""> क्लिक</documentLink></bold><bold> कर सकते हैं. आप हमें </bold><bold><documentLink href="" document-type=""> फ़ेसबुक</documentLink></bold><bold> और </bold><bold><documentLink href="" document-type=""> ट्विटर </documentLink></bold><bold>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>