'पुलिस नहीं, बच्चों के हाथ में बंदूकें, कहाँ जाएँ?'

यमन के एडन में भारतीय

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इमेज कैप्शन, दक्षिणी यमन के शहर एडन में बैठक करते भारतीय.
    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए बेंगलुरु से

यमन पर सऊदी अरब के हवाई हमलों के बीच वहाँ फंसे हज़ारों भारतीय वतन सुरक्षित पहुँचने के बारे में चिंतित हैं. उन्हें घबराहट इसलिए भी है कि कहीं यमन में गृहयुद्ध न छिड़ जाए.

दक्षिणी यमन के शहर एडन में भारतीयों की एक बैठक हुई. इसमें शामिल बीआर श्रीधर ने बीबीसी हिन्दी को बताया, "यहाँ कर्फ्यू जैसे हालात हैं. यहाँ इतना ज़्यादा तनाव है कि कभी भी कुछ भी हो सकता है. हालात ख़राब ही होते जा रहे हैं."

उन्होंने बताया, "हमें अचानक बंदूक चलने की आवाज़ें सुनाई देती हैं. हमें पता नहीं कि हमारे आसपास क्या हो रहा है. अरब समाचार चैनल भी कह रहे हैं कि यहाँ गृहयुद्ध छिड़ सकता है."

यमन में मौजूद भारतीयों में से 30-40 एडन के गांधी स्कूल में हुई इस बैठक में शामिल थे. इनमें से एक सईद यूनुस शाबांद्रे ने बताया कि एडन में 500-600 भारतीय हैं और पिछले 10-12 दिनों में हालात ज़्यादा ख़राब हुए हैं.

उधर भारत सरकार ने यमन में फंसे अपने सैकड़ों नागरिकों को वापस लाने के लिए अपना पहला विमान भेज दिया है.

बच्चों के हाथ में हथियार

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सईद यूनुस शाबांद्रे कहते हैं, "यहाँ बच्चे भी हथियार लेकर चल रहे हैं. हमारे पास अगले दो दिनों का भोजन है. उसके बाद क्या करेंगे, पता नहीं. डर के कारण सारी दुकानें बंद हैं."

शाबांद्रे ने बताया, "यहाँ कोई सरकारी सुरक्षा बल या पुलिस नहीं है. स्थानीय लोगों ने अपने एक कमेटी बनाई है जो इलाक़े की निगरानी करती है. उसका नाम लाजान शाबिया है. उनके पास हथियार हैं. उन्होंने हमसे कहा है कि हमें आसपास नहीं घूमना चाहिए. आखिर हम कहाँ जाएँ?"

श्रीधर एक बड़े कारोबारी समूह में पर्चेज मैनेजर के रूप में काम करते हैं.

वो कहते हैं, "हम भारतीय दूतावास से संपर्क में हैं. शायद कहना नहीं चाहिए, पर ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे दूतावास के लोग थोड़े कन्फ़्यूज़्ड नज़र आ रहे हैं. उन्हें नहीं पता कि हमें निकालने के लिए क्या इंतजाम हो रहे हैं."

ठोस सूचना नहीं

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शाबांद्रे कहते हैं, "हमने सुना है कि दो शिप आ रहे हैं लेकिन हमारे पास कोई ठोस सूचना नहीं है."

वो कहते हैं, "दूसरी ओर दो अधिकारियों ने बताया है कि दो हवाई जहाज़ों को सना में उतरने की इजाज़त मिली गई है. लेकिन वो एडन से 500 किलोमीटर दूर है. हम वहाँ कैसे पहुँचेंगे? सना, सऊदी अरब के जेट विमानों से गिराए जा रहे बमों के निशान पर है."

एक ऑयल एंड गैस कंपनी के लिए काम करने वाली मधु भी सना में मौजूद हैं.

उन्होंने बीबीसी हिन्दी को बताया, "आज सुबह बमबारी हुई थी. अब से कुछ देर पहले ही बमबारी हुई थी. हमारे दूतावास का कहना है कि शिप आएगा. हमें समझ नहीं आ रहा कि हम क्या करें."

सरकार ने भेजा विमान

सुषमा स्वराज, भारत की विदेश मंत्री

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भारत सरकार ने यमन में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए 180 सीट वाले भारतीय एयरक्राफ्ट को सोमवार सना भेजा है.

विदेश मंत्री मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि भारतीयों को वापस लाने के लिए 1500 लोगों की क्षमता वाले एक अन्य जहाज़ को भी यमन भेजा जाएगा.

पाकिस्तान ने हाल में यमन विमान भेजकर अपने कई नागरिकों को वहाँ से निकाल लिया है.

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