ज़हरीली गैस का इस्तेमाल कर रहा आईएस

इस्लामिक स्टेट के बम में क्लोरीन गैस

इराक़ी अधिकारियों को बीबीसी के फ़ुटेज से पता लगा है कि इस्लामिक स्टेट के चरमपंथी ज़हरीली क्लोरीन गैस को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.

इराक़ी सरकार का कहना है कि फ़ौज को निशाना बनाकर किए गए बम धमाके में ये केमिकल्स पाए गए हैं.

हालांकि इनकी मात्रा कम थी लेकिन खुले में ये बहुत नुक़सान पहुंचा सकते हैं.

एक वीडियो फ़ुटेज में इस धमाके के बाद नारंगी रंग का धुंआ उठता दिख रहा था.

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बम केवल नुक़सान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि डर पैदा करने के लिए बनाए जाते हैं.

घर पर बने बम

 इस्लामिक स्टेट

इमेज स्रोत, AFP

इराक़ के बम निरोधी दस्ते के सदस्य हैदर ताहिर का कहना है कि उनके दल ने अब तक दर्जनों इसी तरह के बम डिफ़्यूज़ किए हैं जिसमें क्लोरीन पाया गया है.

उन्होंने बीबीसी से कहा कि ''घर पर बनाए गए इन बमों में क्लोरीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, ये उऩ लोगों के लिए ज़हर का काम करती है जो इसे सांस के साथ अंदर ले जाते हैं.''

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