जल्द आएगी बच्चों से बात करने वाली बार्बी

बच्चे जल्द ही अपनी पसंदीदा गुड़िया बार्बी से बातचीत भी कर सकेंगे. इंटरनेट से जुड़ सकने वाली बार्बी का संस्करण बाज़ार में आने वाला है.
'हेलो बार्बी' नाम के इस संस्करण के लिए खिलौने बनाने वाली कंपनी मैटेल ने अमरीकी कंपनी ट्वाय टॉक से हाथ मिलाया है.
हेलो बार्बी में ट्वाय टॉक द्वारा विकसित आवाज़ की पहचान करने वाले प्लेटफ़ार्म का प्रयोग किया गया है. इसकी एक प्रतिकृति न्यूयार्क में आयोजित खिलौनों की प्रदर्शनी में रखी गई है.
कहानियां और चुटकुले

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मैटेल की एक प्रवक्ता ने बताया, ''हमें दुनिया भर से लड़कियों के जो अनुरोध मिलते हैं, उनमें पहले नंबर पर यह है कि वो बार्बी से बात करना चाहती हैं. अब यह पहली बार होगा कि बार्बी से दोतरफ़ा संवाद किया जा सकेगा.''
हेलो बार्बी बच्चों को कहानियां और चुटकुले सुनाने के साथ-साथ उनके साथ खेलेगी भी.

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वह बच्चों की बातचीत सुनकर उन्हें याद करेगी और भविष्य में उनका उपयोग बातचीत में करेगी.
इसे चलाने के लिए वाई-फ़ाई की ज़रूरत होगी. एक बार जब यह बार्बी तरह चार्ज हो जाएगी तो उसके साथ कुछ घंटे तक बच्चे खेल पाएंगे.
हालांकि कंपनी ने अभी यह नहीं बताया है कि हेलो <link type="page"><caption> बार्बी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/10/101021_barbie_record_ak" platform="highweb"/></link> बाज़ार में कबसे उपलब्ध होगी. इसकी क़ीमत 75 डॉलर तक हो सकती है.
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