अब नए रास्ते से एवरेस्ट पर चढ़ाई

खुंबु आइसफ़ाल से होकर गुजरते पर्वतारोही

इमेज स्रोत, AP

    • Author, नवीन सिंह खड़का
    • पदनाम, पर्यावरण संवाददाता, बीबीसी

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फ़तह करने के लिए पर्वतारोही अब तक जिस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे, नेपाल सरकार उसे अगले महीने से बदलने वाली है.

इस रास्ते का इस्तेमाल 1990 के दशक से कर रहे हैं. पिछले साल हिमस्खलन की एक घटना में 14 पर्वतारोहियों की मौत हो गई थी.

इसके बाद पर्वतारोहियों के साथ जाने वाले शेरपाओं ने अधिक मेहनताने और बेहतर सुरक्षा स्थितियों की मांग की थी. फिर एवरेस्ट पर चढ़ाई के सभी अभियानरद्द कर दिए गए थे.

हिमस्खलन

पिछले साल हिमस्खलन की अबतक की सबसे बड़ी घटना में 14 लोगों की मौत हो गई थी.
इमेज कैप्शन, पिछले साल हिमस्खलन की अबतक की सबसे बड़ी घटना में 14 लोगों की मौत हो गई थी.

एवरेस्टके लिए मार्ग निर्धारित करने वाले सागरमाथा प्रदूषण नियंत्रण समिति के अध्यक्ष आंग दोरजी शेरपा कहते हैं, ''हमें लगता है कि खुंबु आइसफ़ाल के बाएं हिस्से में हिमस्खलन का ख़तरा बढ़ रहा है. अब हम रास्ता बदल रहे हैं. जहां ऐसा ख़तरा बिल्कुल नहीं है.''

नेपाल सरकार एवरेस्ट का रास्ता इसी साल से बदल रही है. आंग दोरजी शेरपा बताते हैं कि ब्रिटेन जैसे देशों से रस्सियां और सीढ़ियां मंगाई गई हैं, जिन्हें नए रास्ते पर लगाया जाएगा.

1953 में एवरेस्ट पर चढ़ाई शुरू होने के बाद से अब तक हादसों में क़रीब 250 लोगों की मौत हो चुकी है.

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