आईएसः ब्यूटी पार्लर में जाना शैतान का काम

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सीरिया और इराक़ में सक्रिय मुस्लिम चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने महिलाओं के लिए अपने संगठन का घोषणापत्र जारी किया है.
सीरिया और इराक़ में आईएस समर्थकों ने इसे ऑनलाइन जारी किया है. इसमें महिलाओं के प्रति आईएस के रुख को बताया गया है.
दस्तावेज़ में कहा गया है कि महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने वाली पश्चिमी विचारधारा नाकामयाब हो चुकी है.
इसके अनुसार, महिलाओं को सात से पंद्रह साल की उम्र तक तालीम लेनी चाहिए, ख़ासकर मज़हबी तालीम, लेकिन उसके बाद उन्हें शादी कर लेनी चहिए और पर्दे में रहना चाहिए.

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इसमें यह भी कहा गया है कि फ़ैशन बुटीक और ब्यूटी पार्लर में जाना शैतान का काम है.
एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस दस्तावेज़ का मक़सद खाड़ी देशों की महिलाओं को ख़ासकर सऊदी अरब की महिलाओं को समूह में शामिल होने के लिए लुभाना है.
यह दस्तावेज़ मूल रूप से अरबी में जारी किया गया है, लेकिन इसका अंग्रेज़ी अनुवाद लंदन के चरमपंथ-विरोधी थिंक टैंक क्वालियम ने जारी किया है.
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