फांसी मिलेगी आसिया को पर डरा हुआ है परिवार

पाकिस्तान में ईशनिंदा का आरोप लगाए जाने के बाद आसिया बीबी पिछले पांच सालों से मौत की सज़ा का इंतज़ार कर रही हैं.
हालांकि पैग़म्बर मोहम्मद के अपमान के आरोप का वो पुरजोर खंंडन करती हैं, लेकिन पाकिस्तान में केवल ईशनिंदा का आरोप ही सज़ा-ए-मौत का कारण बन जाता है.
इतना ही नहीं उस व्यक्ति के पूरे परिवार को निशाना बनाया जाता है.
इसीलिए आसिया बीबी के पति और उनके पांच बच्चे पिछले पांच सालों से जगह बदल बदल कर छिपते फिर रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता शाइमा खलील के साथ एक साक्षात्कार में उनके पति अशिक मसीह ने अंतरराष्ट्रीय जगत से मदद की अपील की है.
मसीह ने कहते हैं,"हमें मौत की धमकी मिल रही है. हम छुप कर रह रहे हैं. हम किसी एक जगह पर ज़्यादा समय तक टिक कर नहीं रह सकते हैं. लंबे समय तक डर के साए तले जीना आसान नहीं है."
आरोप

उनकी चौदह साल की बेटी इशन कहती हैं,"लोग हमारी आंखों के सामने मेरी मां को मार रहे थे. जब मैंने उन्हें बचाने की कोशिश की तो उन लोगों ने मुझे भी मारने की कोशिश की."
वे आगे बताती हैं,"शुरू में तो मैं नहीं समझ पाई कि क्या हो रहा है, लेकिन बाद में लोगों ने मुझे ईशनिंदा क़ानून के बारे में बताया."
ईसाई महिला आसिया बीबी को पंजाब की अदालत ने ईश-निंदा क़ानून के तहत मौत की सज़ा सुनाई है.
एक मुस्लिम महिला के साथ बातचीत के दौरान आसिया बीबी के ऊपर पैगंबर मोहम्मद के बारे आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है.
आसिया बीबी के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की है.
पाकिस्तान में ईशनिंदा एक बहुत संवेदनशील विषय है, इसलिए कइयों का मानना है कि उनकी अपील कभी नहीं सुनी जाएगी.
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