याद है आपको झूम झूम के पहाड़े रटना

बच्चों की काबिलियत, सीखने की क्षमता

इमेज स्रोत, Sean Gallup Getty Images

    • Author, जॉन मैकमैनस
    • पदनाम, सामाजिक मामलों के संवाददाता

ग्यारह साल के एक बच्चे को कितनी गणित आनी चाहिए, इस पर ब्रिटेन में की गई एक राजनीतिक टिप्पणी ने इस सवाल पर बहस छेड़ दी है कि बच्चों को किन चीजों में महारत हासिल करने की ज़रूरत है.

ब्रिटेन के शिक्षा मंत्री निकी मॉर्गन ने कहा था कि सभी बच्चों को 10 से 11 साल की उम्र में प्राइमरी स्कूल छोड़ने से पहले गणित का पहाड़ा आना चाहिए.

कैलकुलेटर और स्मार्टफ़ोन की दुनिया में बच्चों को सिखाई जाने वाली चीजों की ज़रूरतें बदल रही हैं. 21वीं सदी में काम करने की जगह पर क़ामयाब होने के लिए उन्हें क्या सीखने की ज़रूरत है?

पढ़ें विस्तार से

कैलकुलेटर, बच्चों की काबिलियत, सीखने की क्षमता

सत्तर के दशक में पश्चिमी दुनिया में कक्षाओं में कैलकुलेटर पहली बार दिखना शुरू हुआ. हालांकि ये पहले भी उपलब्ध थे, लेकिन उनकी क़ीमतें और उनके आकार छोटे होते हो गए और उनके मॉडल बढ़ते गए.

और ऐसा हुआ भी, लेकिन सवाल उठता है कि इनकी शुरुआत कब हुई. अगर बच्चे एक बटन दबाकर किसी गणितीय सवाल को हल कर सकते हैं तो क्या उन्हें वाकई ये सीखने की ज़रूरत है कि इसे दिमाग से हल कैसे किया जाता है.

इसका एक मतलब ये भी होता है कि क्या नए मिनी कम्प्यूटर वास्तव में बच्चों को गणित की गिनती के सिद्धांतों को सीखने से रोक रहे हैं?

बच्चों की काबिलियत

बच्चों की काबिलियत, सीखने की क्षमता

इमेज स्रोत, LG

बेशक दुनिया के कुछ हिस्सों मे कैलकुलेटर को पुराने तौर तरीक़ों को माना जाता है और इनकी जगह अब लैपटॉप और टैबलेट ने ले ली है. बच्चों की क़ाबिलियत के बारे में बहस अभी भी ख़त्म नहीं हुई है.

क्या बच्चों को नई तकनीक जैसे कि इंटरनेट या कोडिंग के बारे में महारत हासिल करनी चाहिए. क्या सुलेख या अच्छी लिखावट पर अब भी जोर दिया जाना चाहिए?

या फिर 21वीं सदी में छूकर टाइप करने के गुर को अधिक तरजीह दी जानी चाहिए?

ब्रिटेन के कारोबारी दुनिया के लोगों ने निकी मॉर्गन की टिप्पणी पर जो प्रतिक्रिया दी, वो जगजाहिर थी. उन लोगों ने कई बार ये शिकायत की है कि ब्रितानी किशोर उद्योग जगत के लिए ज़रूरी क़ाबिलियत सीखे बग़ैर स्कूल छोड़ रहे हैं.

सीखने की प्रक्रिया

बच्चों की काबिलियत, सीखने की क्षमता

इमेज स्रोत,

ब्रितानी उद्योग जगत की प्रतिनिधि संस्था कॉन्फेडरेशन ऑफ़ ब्रिटिश इंडस्ट्री (सीबीआई) के जॉन क्रिडलैंड ने एक बयान जारी कर कहा कि पढ़ने लिखने और गणित के हिसाब किताब की क़ाबिलियत अभी भी एक मुद्दा है और यह चिंताजनक है.

अतीत में भी सीबीआई इसकी आलोचना कर चुका है. एक सवाल ये भी है कि स्मार्टफ़ोन के जमाने में कैलकुलेटर की ज़रूरत किसे है?

संयुक्त राष्ट्र की सहायक संस्था यूनेस्को का भी कहना है कि पढ़ना, लिखना और अंकगणित सीखने की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण हैं.

यूनेस्को के अधिकारी मकी हायाशिकावा कहते हैं कि हक़ीकत में तकनीक लोगों की ज़िदगी में एक असरदार भूमिका निभा रहा है.

खुद सीखना

बच्चों की काबिलियत, सीखने की क्षमता

तकनीक का सहारा सावधानी से लिया जाना चाहिए. दूसरे माध्यमों की तरह ये हमारे जीवन स्तर को ऊपर उठता है. हायाशिकावा कहती हैं, "बच्चों में तकनीक की एक बुनियादी समझ विकसित करने की ज़रूरत है ताकि वे इसके बहकावे में न आएं."

हालांकि कई देशों में तकनीक को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन इसे हासिल करना मुश्किल है.

हायाशिकावा का कहना है, "हमें बच्चों को पढ़ने, लिखने और अंकगणित सिखाने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन कुछ देश इससे आगे नहीं जा पाए हैं. या तो उनके यहां सुविधाओं की दिक्कत है या फिर शिक्षकों को इसकी जानकारी नहीं है."

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा

बच्चों की काबिलियत, सीखने की क्षमता

इमेज स्रोत, BBC World Service

बच्चों को ज्ञान के साथ क्या करना चाहिए? इस सवाल पर कुछ जानकारों का मानना है कि ये उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना कि खुद सीखना.

जॉन बैंग्स दुनिया भर के शिक्षकों के लिए काम करने वाली पेरिस की संस्था 'एजुकेशन इंटरनेशनल' के सलाहकार हैं. उनका कहना है कि जो देश शिक्षा की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अच्छे स्थान पर हैं, उनके यहां कई समानताएं हैं.

वे कहते हैं, "सिंगापुर, कनाडा, फिनलैंड- वे सभी बच्चों में सीखने की क़ाबिलियत विकसित करने पर ध्यान देते हैं, इसलिए वहां के बच्चे खुद सीखने वाले होते हैं. वे खुद से सवाल पूछते हैं. वे तथ्य को समझते हैं और उनके प्रयोगों के बारे में भी सीखते हैं."

लेगो खिलौना

लेगो खिलौना

इमेज स्रोत, Getty

अगर समस्या सुलझाना सीखने की प्रकिया का एक अनिवार्य हिस्सा है तो चीन के खिलौने एक पहेलीनुमा विकास हैं.

लेगो की बिक्री वहां बढ़ी है तो उत्तरी अमरीका इसके सबसे बड़े बाज़ार के तौर पर बना हुआ है.

किसी कल्पनाशील हाथों में छोटी ईंटों वाला ये खिलौना ट्रेन से लेकर जहाज जैसी कई तरह की चीजें बना सकता है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>