पाक: कानून के फंदे में आई फांसियां

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लाहौर हाई कोर्ट की रावलपिंडी बेंच ने 'आतंकवाद' से जुड़े मामले में दोषी क़रार दिए गए पांच लोगों की फांसी की सज़ा पर रोक लगा दी है.
हालांकि पाकिस्तान सराकर ने इस फैसले को चुनौती दी है.
डिप्टी अटॉर्नी जनरल की तरफ़ से दायर याचिका में कहा गया है कि इन पांच लोगों को फरवरी 2014 में सुरक्षा बलों पर गोलीबारी कर सात लोगों की हत्या करने के मुकदमे में फांसी सुनाई गई थी.

याचिका में कहा गया है कि सैन्य अदालत इन लोगों की अपील को जून 2014 में खारिज कर चुकी है.
अब इस याचिका पर सुनवाई 24 दिसंबर को होगी.
सज़ा का विरोध
इसके अलावा सिंध हाईकोर्ट ने मौत की सजा पाए दो लोगों के ब्लैंट वारंट दोबारा जारी करने की हिदायत दी है.
पाकिस्तान में पेशावर हमलों के बाद फांसी की सज़ा पर रोक हटा ली गई थी और पिछले कुछ दिनों में छह लोगों को फांसी पर चढ़ाया गया है.
गृहमंत्री के मुताबिक़ कुछ हफ़्तों में 500 लोगों को फांसी दी जाएगी.
हालांकि कई मानवाधिकार संगठन मौत की सज़ा को बहाल किए जाने का विरोध कर रहे हैं.
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