पाकिस्तान: दो चरमपंथियों को फाँसी

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पाकिस्तानी के शहर फ़ैसलाबाद में दो चरमपंथियों, मोहम्मद अक़ील उर्फ़ डॉ उस्मान और अरशद महमूद को शुक्रवार शाम फाँसी दे दी गई है.
फ़ैसलाबाद ज़िला जेल के अधिकारी ने बीबीसी उर्दू को कहा कि यह पहला मौका है जब किसी को शाम की नमीज़ के बाद फाँसी दी गई है, पहले फाँसी हमेशा सुबह के समय दी जाती थी.
साथ ही शुक्रवार को फाँसी भी पहली बार दी गई है. इससे पहले मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को फाँसी दी जाती थी.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने पेशावर में तालिबान चरमपंथियों के हमले में 132 बच्चों सहित 141 लोगों की मौत के बाद फाँसी की सज़ा को फिर शुरू किया था.
पंजाब की तहसील कहूटा निवासी मोहम्मद अकील उर्फ़ डा उस्मान की उम्र लगभग 35 वर्ष है और वह पाकिस्तानी सेना का पूर्व कर्मचारी था.
उस्मान को जीएचक्यू पर हमले से पहले लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए हमले में दोषी करार दिया गया था.
मोहम्मद अक़ील की उपनाम डॉक्टर उस्मान इसलिए पड़ा कि वो पाकिस्तानी सेना की मेडिकल कोर में बतौर सिविल कर्मचारी काम कर चुका था.
अरशद महमूद का नाम पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और इस्लामाबाद के मैरियट होटल में हुए बम धमाकों की जांच के दौरान सामने आया था।
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