अमरीका में घट रही है टीन प्रेगनेंसी दर

इमेज स्रोत, ThinkStock
विकसित देश टीन प्रेगनेंसी (किशोरवय में गर्भधारण) की समस्या से दशकों से जूझ रहे हैं लेकिन उन्होंने इस समस्या को काफ़ी हद तक दूर कर लिया है.
स्तंभकार निकोलस क्रिस्टॉफ़ ने न्यूयॉर्क टाइम्स में हाल ही में लिखा था, "यह साफ़ तौर गैरज़िम्मेदारी का उदाहरण हैः करीब एक तिहाई अमरीकी लड़कियाँ किशोरावस्था में गर्भवती हो जाती हैं."
यह एक दहला देने वाली संख्या लगती है. लेकिन आठ साल पहले यह सटीक थी.
'सफलता की सबसे बड़ी कहानी'
साल 2006 में किसी किशोरी के 13 से 19 साल के बीच एक बार गर्भवती होने का ख़तरा बढ़ रहा था.

इमेज स्रोत, Epicture
एक गैर-लाभकारी संस्था, नेशनल कंपेन टू प्रिवेंट टीन एंड अनप्लैन्ड प्रेगनेंसी ने यह अनुमान जन्म, भ्रूण हत्या के आंकड़ों और गर्भपात की अनुमानित संख्या के आधार पर लगाया था.
लेकिन जब इसी फ़ॉर्मूले को 2010 के आंकड़ों पर लागू किया गया तो इससे पता लगा कि एक अमरीकी किशोरी के गर्भधारण करने की संभावना चार में से एक है. यह पिछले दो दशकों के चलन के विपरीत कम हो रहा है.
नेशनल कैंपेन के मुख्य प्रोग्राम ऑफ़िसर बिल अल्बर्ट कहते हैं कि 1990 में चरम पर पहुंचने के बाद से अमरीका में टीन प्रेगनेंसी और जन्मदर करीब 20 साल से 'तकरीबन बाधारहित' कम हो रही हैं.
यह सभी 50 राज्यों में सभी जातियों और नस्लों में कम हो गई है.
वह इसे 'पिछले दो दशक में सचुमच अमरीकी सफलता की सबसे बड़ी कहानी' बताते हैं.
दरअसल, 2013 में किशोरियों की जन्मदर के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 15 से 19 साल की उम्र में मां बनने में 2010 के मुकाबले 22 फ़ीसदी कमी आई है.

गटमशेर इंस्टीट्यूट, एक ग़ैर सरकारी संस्था है जो यौनिक और प्रजननीय स्वास्थ्य का अध्ययन करती है.
इससे जुड़ी हीथर बून्स्ट्रा कहती हैं, "'टीन प्रेगनेंसी दो वजहों से कम होती है- पहली तो यह कि किशोरियां कुल मिलाकर यौन संबंध कम बना रही हैं या फिर यौनिक रूप से सक्रिय किशोरियां गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल बेहतर ढंग से कर रही हैं."
क्रिस्टॉफ़ इस ओर भी इशारा करते हैं कि हालांकि अमरीका में टीन प्रेगनेंसी ऐतिहासिक रूप से कम है फिर भी पश्चिमी यूरोप के देशों के मुकाबले किशोर अवस्था में मां बनने वाली किशोरियों की संख्या यहां कई गुना ज़्यादा है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi " platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi " platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












