मिस्र : 188 को फाँसी की सज़ा

हमले का शिकार पुलिस स्टेशन

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मिस्र की राजधानी काहिरा में एक पुलिस थाने पर 2013 में हमला करने के आरोप में मुस्लिम ब्रदरहुड के 180 से अधिक समर्थकों को मौत की सज़ा सुनाई गई है.

14 अगस्त 2013 को हुए इस हमले में 11 अधिकारियों की मौत हो गई थी.

यह हमला उस दिन हुआ था जब सुरक्षा बलों ने राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी के समर्थकों के तंबुओं पर हमला कर उन्हें तोड़ दिया था. इस कार्रवाई में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी.

अपदस्थ राष्ट्रपति

मोहम्मद मोर्सी

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इमेज कैप्शन, मोहम्मद मोर्सी को सेना में राष्ट्रपति पद से अपदस्थ कर दिया था

में होस्नी मुबारक के ख़िलाफ़ हुए विरोध प्रदर्शन के बाद मोहम्मद मोरसी राष्ट्रपति बने थे. जिन्हें सेना ने अपदस्थ कर दिया था.

जिन 188 लोगों को सज़ा सुनाई गई है, उनमें से 140 से अधिक पुलिस हिरासत में हैं. बाकी के अभियुक्त पुलिस की गिरफ़्त से बाहर हैं.

अंतिम सज़ा 24 जनवरी को सुनाई जाएगी. इसके बाद सज़ा पाए लोग इसके ख़िलाफ़ मिस्र की सर्वोच्च धार्मिक अदालत में अपील कर सकते हैं.

इसके पहले मिनया में उसी दिन एक पुलिस थाने पर हुए हमले के एक अन्य मामले में एक अदालत ने इस साल मार्च में मुस्लिम ब्रदरहुड के 528 समर्थकों को मौत की सज़ा सुनाई थी.

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