एक कुत्ता जिसने 430 मील तक दिया साथ

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कुत्तों की वफादारी मुहावरा बन चुकी है लेकिन असलियत में एक बिन-मालिक कुत्ते ने फिर से साबित किया है कि कुत्तों की वफादारी की मिसाल क्यों दी जाती है.

हुआ यूँ कि स्वीडेन के चार एथलीट एडवेंचर स्पोर्टिंग की विश्व चैम्पियनशिप के लिए इक्वाडोर गए थे.

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वहाँ जंगल में खाना खाते वक़्त उन्होंने अपने डिब्बाबंद मीटबॉल का एक टुकड़ा वहां मौजूद एक कुत्ते को दे दिया.

उसके बाद यह कुत्ता इस टीम की 430 मील लंबी जोखिमभरी यात्रा के दौरान उनके साथ हो लिया और जोख़िम के कारण टीम के उसे भगाने के बावजूद उनके साथ ही रहा.

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इस यात्रा में कुत्ते को एक नाम भी मिल गया. एथलीटों ने उसे आर्थर नाम दिया है. इस टीम ने कुत्ते की उनके साथ यात्रा को टीम को <link type="page"><caption> फ़ेसबुक पे</caption><url href="https://www.facebook.com/peakperformanceadventureracingteam?fref=ts" platform="highweb"/></link>ज़ पर शेयर किया है.

यह टीम कुत्ते का स्वास्थ्य जाँच कराने के बाद उसे अपने साथ स्वीडन लेकर आ गई.

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टीम के कप्तान माइकल लाइंडनॉर्ड के अनुसार उन्होंने बिना सोचे-विचारे कुत्ते को मीटबॉल दे दिया था.

लेकिन उसके बाद ख़तरनाक से ख़तरनाक जगहों पर भी यह कुत्ता उनके साथ रहा. कुत्ते ने उनके साथ नदी पार की, पहाड़ पर चढ़ाई की और गहरे दलदली इलाक़ों को पार किया.

टीम ने कोशिश भी की कि कुत्ता उनका पीछा करना छोड़ दे लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली.

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कई दिनों तक चलने वाली एडवेंचर स्पोर्टिंग प्रतियोगिता में हाइकिंग, ट्रेकिंग, माउंटेन बाइकिंग और केयाकिंग जैसे खेल शामिल होते हैं.

जब यह टीम आराम करती थी तभी आर्थर भी आराम करता था.

स्वीडन में आर्थर के पीठ पर लगे घाव का इलाज चल रहा है. यह घाव उनके पीठ पर तब से था जब वो खिलाड़ियों को पहली बार मिला था.

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स्वीडन पहुँचने पर मीडिया ने उसका जोरदार स्वागत किया.

लाइंडनॉर्ड ने टीम के फ़ेसबुक पेज पर लिखा है, "मैं इक्वाडोर आया था वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीतने लेकिन वापस आया हूँ एक नए दोस्त के साथ."

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