फ़ेसबुक के सहारे सरकार का गठन?

इमेज स्रोत, AFP
- Author, न्यूज़ फ़्रॉम एल्सवेयर
- पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग
यमन के नए प्रधानमंत्री ने फ़ेसबुक पर जनता से पूछा है कि वो किन नेताओं को सरकार में देखना चाहती है. प्रधानमंत्री की इस पहल को जनता से मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है.
प्रधानमंत्री ख़ालिद बहाह ने एक नवंबर को प्रकाशित फ़ेसबुक पोस्ट में अपने 33 हज़ार फॉलोवर्स से उन्हें देश की नई राष्ट्रीय एकता सरकार के लिए नेताओं का नाम सुझाने को कहा.
पोस्ट पर 13 हज़ार से ज़्यादा कमेंट आए गए. इससे सरकार के गठन में सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर भी बहस छिड़ गई है.
लोगों ने प्रधानमंत्री को हज़ारों नाम सुझाए. कई ने उनके इस क़दम की जमकर तारीफ़ की.
एक कमेंट में कहा गया, "मुझे लगता है कि आप दुनिया के पहले प्रधानमंत्री हैं जिसने टेक्नोक्रेटिक सरकार बनाने से पहले जनता से राय मांगी है. इससे लोगों का आपमें विश्वास बढ़ेगा क्योंकि आपने आम लोगों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया है."
'रेडिमेड सरकार'

इमेज स्रोत, EPA
यमन के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता फ़ारिया अल-मुस्लिमी ने बीबीसी ट्रेंडिंग से कहा, "यमन के नेता और नीति-निर्माता आमतौर पर घरों में छिपे रहते हैं और तभी सामने आते हैं जब वो मुश्किल में पड़ जाते हैं. वो योजना बनाने और नीतियां तय करते समय सामने नहीं आते."
कुछ को प्रधानमंत्री की पोस्ट में हास्य का पुट दिखा. एक यूज़र ने पोस्ट के नीचे लिखा, "क्या हम चीन से रेडीमेड सरकार नहीं मंगा सकते."
वहीं कुछ यूज़र्स को प्रधानमंत्री का यह प्रयास बेतुका लगा. एक ने लिखा, "ऐसा लगता है कि आपने अभी से समर्पण कर दिया है. प्रधानमंत्री के रूप में आपके पास अपने लक्ष्य को हासिल करने का नज़रिया होना चाहिए."
रायशुमारी कितनी वाजिब?

इमेज स्रोत, Reuters
एक और यूज़र ने लिखा, "यमन के दो करोड़ 40 लाख लोगों में मात्र आठ लाख फ़ेसबुक पर हैं. ऐसे में यह रायशुमारी जनता की राय को कहां तक दर्शा पाएगी."
अगस्त में तेल की क़ीमत में दी जाने वाली छूट ख़त्म करने के फ़ैसले के बाद यमन में हुई राजनीतिक उठापटक के बाद यह पहली सरकार होगी.
विरोध प्रदर्शनों के देश की राजधानी में हिंसक झड़पें भी हुईं, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोहम्मद बासिनदोवा को इस्तीफ़ा देना पड़ा.
(मायी नोमान की रिपोर्ट पर आधारित)
<bold>(बीबीसी ट्रेंडिंग सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही ख़बरों और अन्य सामग्री पर नज़र रखता है और उनका विश्लेषण करता है. बीबीसी ट्रेंडिंग की खबरें पढ़ने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/news/blogs/trending/" platform="highweb"/></link> करें. बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












