फ़ेसबुक ने मांगी ट्रांसजेंडरों से माफ़ी

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फ़ेसबुक ने ट्रांसजेंडर और ड्रैग क्वीन समुदाय के लोगों से फ़ेसबुक पर उनका वास्तविक नाम इस्तेमाल करने के लिए कहने पर माफ़ी मांगी है.
इसका मतलब है कि इन समुदायों के लोग अब अपने छद्म नाम का इस्तेमाल फ़ेसबुक पर कर सकते हैं.
फ़ेसबुक ने इससे पहले इन्हें इनके वास्तविक नाम के इस्तेमाल की बजाए छद्म नाम का इस्तेमाल करने पर सैकड़ों अकाउंट को फ़र्ज़ी बताया था.
मसलन बॉब स्मिथ की जगह लिल मिस हॉट मेस का इस्तेमाल प्रोफ़ाइल में करने पर इसे फ़र्ज़ी अकाउंट बताया गया था.
'नीति को बढ़ावा'

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ट्रांसजेंडर और समलैंगिक समुदाय की ओर से आपत्ति दर्ज करने के बाद फ़ेसबुक ने चीफ़ प्रोडक्ट अधिकारी क्रिस कॉक्स के माध्यम से बयान दिया है कि इससे लोग अपनी वास्तविक पहचान के साथ ऑनलाइन होंगे जिससे इस नीति को बढ़ावा मिलेगा.
इस विवाद के मद्देनज़र ड्रैग क्वीन समुदाय के लोगों ने फ़ेसबुक छोड़ने की धमकी दी थी और सैन फ्रांसिस्को में इसके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन की भी योजना थी.
ड्रैग क्वीन लड़कियों के वेश-भूषा में आदमी होते हैं. ये बहुत हद तक समलैंगिक संस्कृति का हिस्सा होता है.
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