भारत: आत्महत्या में दुनिया की 'राजधानी'

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विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया भर में सबसे ज़्यादा आत्महत्या के मामले भारत में हो रहे हैं.
प्रीवेंटिंग स्यूसाइड नाम की इस रिपोर्ट में दर्ज आंकड़े कहते हैं कि भारत में साल 2012 में 2,58,075 लोगों ने आत्महत्या की.
महिलाओं के बजाए उन पुरूषों की संख्या ज़्यादा है जिन्होंने अपनी जान ली है.
99,977 महिलाओं ने आत्महत्या की है जबकि 1,58,098 पुरुषों ने अपनी जान ख़ुद ली है.
आंकड़े

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आत्महत्या के मामलों पर जारी की गई अपनी पहली रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनिया भर में तक़रीबन आठ लाख लोग हर साल अपनी जान ले लेते हैं.
हर चालीस सेकेंड में दुनिया के किसी ना किसी हिस्से में कोई आत्महत्या करता है.
संगठन की रिपोर्ट ने आत्महत्या को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के तौर पर रेखांकित किया है जिसे ख़त्म करने की ज़रूरत है. यह रिपोर्ट इस बात की चेतावनी देती है कि मीडिया में आत्महत्या के मामलों की रिपोर्टिंग इस तरह की घटनाओं के दोहराए जाने का कारण बनती हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि महिलाओं के मुक़ाबले पुरषों में आत्महत्या करने की संभावना तीन गुना ज़्यादा है.
आत्महत्या की यह प्रवृत्ति सिर्फ़ उच्च आय वाले देशों में ही नहीं है बल्कि यह आम तौर पर सभी देशों में हो रही हैं.
साल 2012 के आंकड़े बताते हैं कि 75 फ़ीसदी आत्महत्या के मामले मध्यम और कम आय वाले देशों में हुए हैं.
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