चीनः 'नस्लीय मिलावट' पर इनाम

इमेज स्रोत,
चीन का शिनजियांग क्षेत्र अल्पसंख्यक मुस्लिम वीगर समुदाय का गृह प्रदेश है और यहां स्थानीय प्रशासन 'मिलीजुली शादियों' को बढ़ावा दे रहा है. जबकि मीडिया में 'नस्लीय एकता' को बढ़ाने की कोशिशों पर चर्चा हो रही है.
<link type="page"><caption> चाइना न्यूज़ सर्विस</caption><url href="http://www.xj.chinanews.com/html/V62/2014/08/25/29662196.htm" platform="highweb"/></link> के अनुसार, शिनजियांग के दक्षिणी क्यूइमो काउंटी में स्थानीय प्रशासन हान और स्थानीय अल्पसंख्यक नस्लीय समुदाय के बीच होने वाले हर नए विवाह पर पांच साल तक प्रतिवर्ष 10,000 युवान (क़रीब एक लाख रुपए) दे रहा है.
चीन के सबसे बड़े नस्लीय समुदाय हान के भारी संख्या में आगमन के पहले शिनजियांग में वीगर मुस्लिम समुदाय का दबदबा था.
<link type="page"><caption> तमाम मीडिया संस्थानों में</caption><url href="http://politics.caijing.com.cn/20140902/3683658.shtml" platform="highweb"/></link>, पश्चिमी मीडिया में आई उन ख़बरों पर चर्चा है, जिनमें कहा गया है कि प्रशासन हान पलायन और अंतरनस्लीय शादियों को बढ़ावा दे रहा है ताकि वीगरों के दबदबे को कम किया जा सके.
शिनजियांग में पिछले कुछ महीनों में हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हुई है. इसके लिए बीजिंग वीगर अलगाववादियों को ज़िम्मेदार ठहराता है.
निजी मामलों में दख़ल?

इमेज स्रोत, AFP
कुछ समाचार वेबसाइटों ने चीन की इस नीति के समर्थन में लेख प्रकाशित किए हैं और इस योजना को अन्य जगहों पर भी लागू करने के सुझाव दिए हैं.
हालांकि, <link type="page"><caption> ग्लोबल टाइम्स</caption><url href="http://www.globaltimes.cn/content/879657.shtml" platform="highweb"/></link> के अनुसार, योजना को लेकर कुछ संदेह भी है और कुछ लोगों का तर्क है कि प्रशासन को नागरिकों के निजी मामलों से दूर रहना चाहिए.
अख़बार के मुताबिक़, मीडिया का ध्यान जाने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने इस नीति को प्रचारित करना बंद कर दिया है.

इमेज स्रोत, Getty
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












