मोसूल बांध पर कब्ज़े को लेकर विरोधी दावे

मोसूल बांध

इमेज स्रोत, ap

कुर्द पेशमर्गा लड़ाकों और इराक़ी सुरक्षा बलों के देश के सबसे बड़े मोसूल बांध पर फिर से कब्ज़े को लेकर परस्पर विरोधी ख़बरें आ रही हैं.

इराक़ी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल क़ासिम अता ने सरकारी टेलीविज़न को बताया कि सोमवार को 'बांध की पूरी तरह सफ़ाई हो गई'.

वैसे उस इलाक़े में मौजूद पत्रकारों का कहना है कि संघर्ष जारी है और मुख्य द्वार पर अब भी जिहादियों का क़ब्ज़ा है.

इस्लामिक स्टेट या आईएस के एक बयान में भी सेना के दावे से उलट बात कही गई है.

बयान के अनुसार उन लोगों ने कुर्द लड़ाकों का हमला नाकाम कर दिया और उन लोगों को गहरी क्षति पहुँचाई.

इस बांध पर आईएस ने सात अगस्त को नियंत्रण कर लिया था. ये रणनीतिक दृष्टि से काफ़ी अहम है.

दजला नदी पर स्थित ये बांध मूसल से लगभग 50 किलोमीटर दूर है.

इससे उत्तरी इराक़ के बड़े हिस्से में पानी और बिजली की आपूर्ति होती है.

इससे पहले कुर्द अधिकारियों ने कहा था कि पेशमर्गा लड़ाकों ने बांध के आस-पास के अधिकांश इलाक़े पर कब्ज़ा कर लिया था, लेकिन बांध पर पूरा कब्ज़ा करने में कुछ समय लगेगा.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>