इराक़ संघर्षः इरबिल इतना अहम क्यों है?

कुर्द सैनिक

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    • Author, नील अरुण
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

अमरीका ने इरबिल में मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सुन्नी कट्टरपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के ख़िलाफ़ हवाई हमले किए हैं.

इराक़ के अर्द्ध-स्वायत्त क्षेत्र कुर्दिस्तान की राजधानी इरबिल को अमरीका 2003 से ही अड्डे के रूप में इस्तेमाल करता रहा है.

पहाड़ों और नाकों से घिरे इरबिल को इराक़ की राजधानी बग़दाद का सुरक्षित विकल्प माना जाता था.

इरबिल में दुनिया की कई बड़ी तेल कंपनियों के कार्यालय हैं और इराक़ में क़रीब एक दशक से चल रहे संघर्ष के दौरान यह शहर विदेशी नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों का ठिकाना रहा है.

शरणार्थी

मोसुल और निन्वेह प्रांत के विभिन्न हिस्सों पर आईएस के क़ब्ज़े के कारण भारी संख्या में यज़ीदी और ईसाई अल्पसंख्यक इरबिल में ख़ुद को ज़्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं.

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शरणार्थी गलियों और सड़कों के किनारे शरण लेने को मजबूर हैं और स्थानीय लोग उनको भोजन मुहैया करा रहे हैं.

इरबिल शरणार्थी

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मगर आने वाले दिनों की आशंका से उनके सामने एक तरह का 'नैतिक संकट' है. वे अपने लिए स्टॉक बचाना शुरू कर सकते हैं.

इरबिल, शरणार्थी

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इस साल गर्मियों में अमरीका ने इरबिल में अपनी उपस्थिति मज़बूत की थी और राजनयिकों और विशेष सुरक्षा सलाहकार तैनात किए थे.

'सहयोग की ज़रूरत'

इरबिल के एक इराक़ी ईसाई कारोबारी कहते हैं, "आईएस सब कुछ बर्बाद कर देना चाहता है, पर यह आसान नहीं है.''

इराक़, इरबिल, शरणार्थी कैंप

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अमरीकी सैन्य कार्रवाई का लोगों ने स्वागत किया है पर ईसाई व्यवसायी कहते हैं, "आईएस के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए दुनिया और अधिक देशों के सहयोग की ज़रूरत होगी."

इराक़ में अमरीकी कार्रवाई

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सबसे ख़ास बात है कि कुर्द लोगों के पास इरबिल के अलावा और कोई इलाक़ा नहीं है, पर उनकी इस राजधानी के मुहाने पर आईएस की चुनौती खड़ी है.

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