हिरोशिमा : परमाणु बम गिराने वाले की मौत

थियोडोर वान क्रिक

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हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराने वाले अमरीकी विमान के पायलट थियोडोर वान क्रिक का 93 साल की आयु में जार्जिया में निधन हो गया.

'डच' के नाम से मशहूर क्रिक 'इनोला गे' नामक विमान के चालक दल के अंतिम जीवित सदस्य थे. 24 साल की आयु में उनकी तैनाती इस विमान पर हुई थी.

छह अगस्त 1945 को जापानी शहर हिरोशिमा पर हुए परमाणु हमले में क़रीब एक लाख चालीस हज़ार लोगों की मौत हुई थी.

कोई पछतावा नहीं

वान क्रिक को अपने किए पर कोई <link type="page"><caption> पछतावा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/08/100806_hiroshima_anniv_dps.shtml" platform="highweb"/></link> नहीं था. उन्होंने इसका यह कहकर बचाव किया था कि इस वजह से दूसरा <link type="page"><caption> विश्व युद्ध</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/01/100106_atombomb_survivor_ak.shtml" platform="highweb"/></link> ख़त्म हो गया.

उनके बेटे डॉम वान क्रिक ने अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए समाचार एजेंसी एपी से कहा,'' मैं जानता हूँ कि उन्हें युद्ध विजेता के रूप में जाना जाता है. लेकिन हम उन्हें एक अच्छे पिता के रूप जानते हैं.''

अमरीकी विमान इनोला गे के चालक दल के सदस्य

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उन्होंने बताया कि उनके पिता की सेवानिवृत्त लोगों के लिए बने घर में प्राकृतिक मौत हुई.

वान क्रिक का अंतिम संस्कार अगले हफ़्ते पेंसेल्विनिया में होने की उम्मीद है.

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