मलेशिया एयरलाइंस के अस्तित्व पर सवाल

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शुक्रवार को मलेशिया एयरलाइंस कंपनी के शेयर 11 फ़ीसद गिरावट के साथ बंद हुए.

कंपनी का एम्सटर्डम से कुआला लंपूर जा रहा एक विमान एमएच17 पूर्वी यूक्रेन में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

हादसे के बाद पश्चिमी देशों, यूक्रेन और रूस के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है और एशियाई बाज़ारों मेंइसका असर नज़र आ रहा है.

इसी साल मार्च में मलेशिया एयरलाइंस का एक दूसरा विमान एमएच 370लापता हो गया था जिसका अब तक पता नहीं चल पाया है.

ऐसे में विमान कंपनी के अस्तित्व पर सवालिया निशान उठने लगे हैं.

मलेशियाई एयरलाइंस के बैंकर, डीवीबी बैंक, के एविएशन प्रमुख बरट्रांड ग्रैबोस्की कहते हैं, "अगर यह पूरी तरह संयोग भी है तो इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ जब कुछ ही महीनों के अंदर किसी विमान कंपनी को अपने दो विमान गंवाने पड़े हों."

ज़्यादा मदद की जरूरत

ग्रैबोस्की के मुताबिक़ मलेशिया एयरलाइंस को सरकार से अब कहीं ज़्यादा और बड़ी सहायता की ज़रूरत है.

विमान कंपनी पिछले कुछ सालों से लगातार नुक़सान में है. बीते नौ महीनों के दौरान कंपनी के बाज़ार मूल्य में 40 फ़ीसदी की गिरावट आई है.

ख़बरों के मुताबिक़ एयरलाइंस की सबसे बड़ी हिस्सेदार सरकारी निवेश फर्म 'ख़ज़ाना नेशनल' कंपनी को निजी हाथों में सौंपने की सोच रही है.

पिछले कुछ सालों में ख़ज़ानानेशनल ने एयरलाइंसमें एक अरब डॉलर से ज़्यादा निवेश किया है और पहले भी कंपनी की रूपरेखा में बदलाव के संकेत दे चुकी है.

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कुआलालंपुर के मायबैंक के निवेश विश्लेषक मोहसिन अज़ीज़ ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस से कहा, "मोटे निवेश के बिना यह एयरलाइंस एक साल तक नहीं चल पाएगी."

लेकिन अगर एयरलाइंस में मोटा निवेश हो भी जाता है तो भी मलेशियाई एयरलाइंस के अस्तित्व को लेकर संशय बना रहेगा.

एक जानकार का कहना था कि यूरोपीय दृष्टिकोण से देखें तो इस दुर्घटना की वजह से पूरे ब्रांड पर सवालिया निशान लग गया है.

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