'यूक्रेन में सैन्य दखल का अधिकार रद्द हो'

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रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने संसद को कहा है कि वह यूक्रेन में सैन्य दखल के अधिकार को ख़त्म कर दे.
रूसी संसद के उच्च सदन ने एक मार्च को पुतिन को यूक्रेन में सैन्य शक्तियों का इस्तेमाल का अधिकार दिया था.
यूक्रेन में रूस समर्थक विद्रोहियों और सेना के बीच संघर्ष जारी है.
व्लादीमिर पुतिन के प्रेस सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति के इस कदम का मकसद यूक्रेन में संघर्ष से जूझ रहे पूर्वी इलाकों में सामान्य परिस्थतियां बहाल करना है.
यूक्रेन का कहना है कि पुतिन का बयान पूर्वी क्षेत्र में चल रहे संकट को ख़त्म करने की दिशा में 'पहला व्यावहारिक कदम' है.
एक बयान में यूक्रेन के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको ने एक बयान में ज़ोर देकर कहा कि पुतिन ने यह कदम के यूक्रेन की शांति योजना का समर्थन करने के बाद उठाया है, जिसमें युद्धविराम की भी बात थी.
महत्वपूर्ण कदम

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मार्च में रूस ने यूक्रेन के दक्षिणी क्राइमिया प्रायद्वीप पर कब्जा कर लिया था.
कब्जे की प्रक्रिया में जो सैनिक शामिल थे उन्होंने कोई वर्दी नहीं पहनी हुई थी. शुरुआती इनकार के बाद पुतिन ने माना था कि वे रूस के ही सैनिक थे.
हालांकि, रूस यूक्रेन के उस आरोप से इंकार करता आया है कि रूसी सैनिक यूक्रेन के पूर्वी दोनेत्स्क और लुहांस्क इलाके में अलगाववादियों की मदद कर रहे हैं और उन्हें हथियार पहुंचा रहे हैं.
मंगलवार को राष्ट्रपति के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने बताया कि पुतिन ने संसद के ऊपरी सदन, फेडरेशन काउंसिल को एक खत लिखते हुए कहा है कि यूक्रेन में सैन्य दखल के अधिकार को समाप्त किया जाए.

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रूस समर्थित अलगाववादियों ने मंगलवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको की ओर से घोषित एकतरफा युद्धविराम के जवाब में कहा है कि वह शुक्रवार की सुबह तक संघर्ष विराम का पालन करेगी.
मास्को से बीबीसी संवाददाता डेनियल सनफोर्ड ने एक वरिष्ठ रूसी अधिकारी के हवाले से बताया कि पुतिन की इस अर्जी पर संसद में बुधवार को मतदान हो सकता है.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार पूर्वी यूक्रेन में शांति बहाल करने की ओर ये एक बेहद महत्वपूर्ण कदम हो सकता है.
पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों और सेना के बीच संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.
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